
एलआईसी के गोल्डन जुबली फंड से निर्मित द्वितीय तल और लिफ्ट का होगा लोकार्पण, आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ तथा एलआईसी प्रबंध निदेशक रत्नाकर पटनायक की उपस्थिति में आयोजित होगा समारोह
दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।गायत्री परिवार द्वारा संचालित श्रीराम आयुष चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र के विस्तार को 10 सितंबर 2026 को औपचारिक रूप से नई दिशा मिलेगी। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के गोल्डन जुबली फंड के सहयोग से निर्मित चिकित्सालय के द्वितीय तल और लिफ्ट का लोकार्पण 10 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे किया जाएगा। समारोह के लिए एलआईसी के प्रबंध निदेशक रत्नाकर पटनायक तथा उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ की सहमति और समय सुनिश्चित हो चुका है। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
चिकित्सालय के निदेशक जितेन्द्र प्रताप सिंह के अनुसार, एलआईसी के गोल्डन जुबली फंड से मिली सहायता ने संस्थान के आधारभूत ढांचे के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। द्वितीय तल और लिफ्ट का निर्माण पूरा होने से आयुष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र को अतिरिक्त क्षमता प्राप्त होगी। यही पहल इस लोकार्पण समारोह को महज औपचारिक आयोजन के बजाय स्वास्थ्य क्षेत्र में सामाजिक सहभागिता के एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में स्थापित करती है।
भारतीय जीवन बीमा निगम लंबे समय से अपने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में योगदान करता रहा है। इसी क्रम में गोल्डन जुबली फंड के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की यह पहल सामने आई, जिसके अंतर्गत गायत्री परिवार द्वारा संचालित श्रीराम आयुष चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र के लिए द्वितीय तल और लिफ्ट के निर्माण में सहयोग प्रदान किया गया।
आयुष चिकित्सा पद्धति को प्रदेश में व्यापक जनसुलभता प्रदान करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार भी लगातार प्रयासरत है। ऐसे में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ की उपस्थिति को चिकित्सालय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके आगमन से संस्थान को आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में सरकारी संरक्षण, समन्वय और भविष्य की संभावनाओं को लेकर नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
लोकार्पण समारोह में एलआईसी, उत्तर प्रदेश सरकार और गायत्री परिवार के बीच सामाजिक उत्तरदायित्व तथा आयुष चिकित्सा के विस्तार की त्रिस्तरीय सहभागिता भी रेखांकित होगी। एक ओर जहां एलआईसी का सहयोग स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने की मिसाल है, वहीं दूसरी ओर चिकित्सालय का विस्तार आयुष चिकित्सा को अधिक व्यापक वर्ग तक पहुंचाने की संभावनाओं को मजबूत करता है।
10 सितंबर को होने वाला यह समारोह इसी व्यापक उद्देश्य की अगली कड़ी होगा, जहां नए निर्मित सुविधाओं के लोकार्पण के साथ श्रीराम आयुष चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र की भावी भूमिका और विस्तार की दिशा भी प्रमुखता से सामने आने की संभावना है।