हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 21 मेधावी छात्र-छात्राओं को चेक, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान
कड़ी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से ही मिलती है सफलता: विधायक रामविलास चौहान

दैनिक इंडिया न्यूज, मऊ।उच्च अंक हासिल कर जनपद का गौरव बढ़ाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान में आयोजित समारोह सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेरणा और उत्साह का केंद्र बन गया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज द्वारा आयोजित वर्ष-2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विधायक मधुबन रामविलास चौहान एवं जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें प्रोत्साहन राशि, मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर जनपद के कुल 21 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मान मिला, जिनमें 17 विद्यार्थियों को जनपद स्तर पर तथा 4 विद्यार्थियों को प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया गया।
हाईस्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले रजनीश सिंह, पूजा साहनी, वैभव यादव, अनिकेत यादव, ईशा एवं अमृता यादव को 21-21 हजार रुपये का चेक, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले ओमजी राय, अनामिका प्रजापति, श्रेया यादव, प्रिया यादव, अंशिका यादव, प्राची राय, अक्सा नाज़, अन्नु यादव, सर्वजीत चौहान, दीपिका पटेल एवं दीक्षा यादव को भी सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में विधायक रामविलास चौहान ने कहा कि आज के विद्यार्थियों ने जिस उत्कृष्टता का परिचय दिया है, वह पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि उनके छात्र जीवन के समय 60 से 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की विशेष पहचान होती थी, जबकि आज के विद्यार्थियों ने उससे कहीं अधिक अंक प्राप्त कर नई मिसाल कायम की है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से निरंतर परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान करते हुए कहा कि यही गुण उन्हें जीवन में बड़ी सफलताओं तक पहुंचाएंगे।
जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उत्कृष्ट परिणाम किसी संयोग का नहीं, बल्कि कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास का परिणाम होता है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त अंकों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सफलता उनकी लगन और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि का सदुपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि इस धनराशि को पुस्तकों, अध्ययन सामग्री तथा भविष्य निर्माण में सहायक संसाधनों पर खर्च किया जाए।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को एकाग्रता और अध्ययन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन उसका संतुलित प्रयोग ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों के पीछे उनके मार्गदर्शन, सहयोग और प्रेरणा का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट स्तर तक जो विद्यार्थी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अध्ययन करता है, उसके लिए जीवन में सफलता के अनेक द्वार स्वतः खुल जाते हैं। जिलाधिकारी ने सभी विद्यार्थियों को पुनः शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर प्रगति की कामना की।
समारोह के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार तालियों की गूंज से बार-बार उत्साहित होता रहा। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर सफलता की चमक और अभिभावकों की आंखों में गर्व स्पष्ट दिखाई दे रहा था। यह सम्मान समारोह न केवल मेधावी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, बल्कि अन्य छात्र-छात्राओं को भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का संदेश दे गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, अन्य संबंधित अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।