ब्रेकिंग न्यूज़
SC/ST सहायता में गड़बड़ी पर हाईकोर्ट का कड़ा प्रहार! तीन महीने में जाँच, दोषी अधिकारियों की भी बढ़ेंगी मुश्किलें | कहानी-कथन से बदलेगा शिक्षण का स्वरूप, DIET मोती बाग में भावी शिक्षकों ने सीखे प्रभावी अध्यापन के गुर | अस्पतालों के बायोमेडिकल कचरे पर सीडीओ सख्त, अब प्रतिदिन का देना होगा हिसाब; नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई | ‘Double Vagina’: The Untold Story of an American Woman Who Discovered Her Rare Condition at 15 — How Love, Marriage and Motherhood Shaped Her Life | ‘Double Vagina’ वाली महिला की अनकही कहानी: 15 साल की उम्र में खुला शरीर का रहस्य, फिर प्यार, शादी और मातृत्व ने कैसे बदली जिंदगी? | संकट की घड़ी में लखनऊ के बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़े राजनाथ सिंह, राहत से लेकर सुरक्षा तक हर पहलू पर नजर | पंचायत चुनाव पर ओबीसी आयोग की रिपोर्ट कठघरे में, हाईकोर्ट की नाराजगी से सरकार की जवाबदेही बढ़ी | ‘नमो सेवा–अनकही कहानियाँ’ में जीवंत हुई पीएम मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा | SC/ST सहायता में गड़बड़ी पर हाईकोर्ट का कड़ा प्रहार! तीन महीने में जाँच, दोषी अधिकारियों की भी बढ़ेंगी मुश्किलें | कहानी-कथन से बदलेगा शिक्षण का स्वरूप, DIET मोती बाग में भावी शिक्षकों ने सीखे प्रभावी अध्यापन के गुर | अस्पतालों के बायोमेडिकल कचरे पर सीडीओ सख्त, अब प्रतिदिन का देना होगा हिसाब; नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई | ‘Double Vagina’: The Untold Story of an American Woman Who Discovered Her Rare Condition at 15 — How Love, Marriage and Motherhood Shaped Her Life | ‘Double Vagina’ वाली महिला की अनकही कहानी: 15 साल की उम्र में खुला शरीर का रहस्य, फिर प्यार, शादी और मातृत्व ने कैसे बदली जिंदगी? | संकट की घड़ी में लखनऊ के बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़े राजनाथ सिंह, राहत से लेकर सुरक्षा तक हर पहलू पर नजर | पंचायत चुनाव पर ओबीसी आयोग की रिपोर्ट कठघरे में, हाईकोर्ट की नाराजगी से सरकार की जवाबदेही बढ़ी | ‘नमो सेवा–अनकही कहानियाँ’ में जीवंत हुई पीएम मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा |
हाइलाइट न्यूज़
नवागत जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पदभार संभाला • योगी सरकार की पहल से रक्षाबंधन पर 16 लाख से ज्यादा बहनों ने की निःशुल्क यात्रा • झूलेलाल चेट्रीचण्ड्र महोत्सव-2026 की तैयारियाँ प्रारम्भ, 13 मार्च को भव्य भजन संध्या व सांस्कृतिक संध्या का आयोजन • दो पक्षों के बीच हुई फायरिंग मामले में वांछित तीन अभियुक्त गिरफ्तार • CM योगी ने वनटांगिया ग्राम में 49 करोड़ की 133 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया • “महिला आरक्षण से शैक्षिक विमर्श तक: आश्वासन, अवकाश और अनुत्तरित प्रश्नों की गाथा” • एशियाई खेलों में भारत का दमदार अंत, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा देश • मुख्यमंत्री ने लिया फीडबैक:विधायक बोले जनप्रतिनिधि के राय के बगैर रातोरात बदल जाते थानाध्यक्ष • नवागत जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पदभार संभाला • योगी सरकार की पहल से रक्षाबंधन पर 16 लाख से ज्यादा बहनों ने की निःशुल्क यात्रा • झूलेलाल चेट्रीचण्ड्र महोत्सव-2026 की तैयारियाँ प्रारम्भ, 13 मार्च को भव्य भजन संध्या व सांस्कृतिक संध्या का आयोजन • दो पक्षों के बीच हुई फायरिंग मामले में वांछित तीन अभियुक्त गिरफ्तार • CM योगी ने वनटांगिया ग्राम में 49 करोड़ की 133 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया • “महिला आरक्षण से शैक्षिक विमर्श तक: आश्वासन, अवकाश और अनुत्तरित प्रश्नों की गाथा” • एशियाई खेलों में भारत का दमदार अंत, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा देश • मुख्यमंत्री ने लिया फीडबैक:विधायक बोले जनप्रतिनिधि के राय के बगैर रातोरात बदल जाते थानाध्यक्ष •
राष्ट्रीय ब्रेकिंग हिन्दी

संकट की घड़ी में लखनऊ के बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़े राजनाथ सिंह, राहत से लेकर सुरक्षा तक हर पहलू पर नजर

D

Dainik India News

• 13435 views

गोमती के बढ़ते जलस्तर के बीच रक्षा मंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों की प्रतिदिन जानकारी लेने के दिए निर्देश; प्रभावित बस्तियों में खाद्य सामग्री, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सहायता और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था पर जोर

Article image

डी एन आई नई दिल्ली। प्राकृतिक आपदा की विकटता का वास्तविक आकलन केवल जलस्तर से नहीं, बल्कि उससे प्रभावित परिवारों की पीड़ा और उनकी आवश्यकताओं से होता है। लखनऊ में गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह इसी मानवीय सरोकार के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की प्रतिदिन जानकारी ले रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों से निरंतर संपर्क के माध्यम से उन्होंने प्रभावित नागरिकों तक यथाशीघ्र सहायता पहुंचाने तथा राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने देने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों का केंद्र केवल राहत सामग्री का वितरण नहीं, बल्कि संकट से घिरे परिवारों की सुरक्षा, गरिमा और बुनियादी आवश्यकताओं का ध्यान रखना है।

आपदा के समय सहायता की सार्थकता इस बात से तय होती है कि वह जरूरतमंद तक कितनी शीघ्रता से पहुंचती है। इसी उद्देश्य से राजनाथ सिंह के निर्देश पर विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, रक्षा मंत्री के विशेष कार्य अधिकारी के.पी. सिंह, जनसंपर्क अधिकारी पुष्कर शुक्ला, विधायक डॉ. नीरज बोरा तथा स्थानीय कार्यकर्ताओं ने लोहरामऊ, सावित्री विहार, मथुरापुरी और मिल्लत नगर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी परिस्थितियों, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस प्रत्यक्ष संपर्क के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया गया कि जलभराव से जूझ रहे लोगों को तत्काल किन वस्तुओं और सुविधाओं की सर्वाधिक आवश्यकता है।

प्रभावित परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए घर-घर राहत सामग्री पहुंचाई गई। इसमें भोजन के पैकेट, आटा, चावल, दाल, लाई, बिस्कुट, चीनी, नमक, माचिस, मोमबत्तियां, मसाले, खाद्य तेल, आलू, प्याज और पेयजल की बोतलें शामिल हैं। राहत की इस व्यवस्था में उन आवश्यकताओं को भी स्थान दिया गया, जो अक्सर आपदा के दौरान सामान्य खाद्य वितरण के बीच अनदेखी रह जाती हैं। महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड, सूती कपड़े, नहाने और कपड़े धोने का साबुन, डिस्पोजल बैग तथा बाल्टियां उपलब्ध कराई गईं। यह पहल रेखांकित करती है कि आपदा राहत का अर्थ केवल पेट भरने की व्यवस्था करना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों की दैनिक आवश्यकताओं और व्यक्तिगत स्वच्छता का भी ध्यान रखना है।

हालांकि, बाढ़ के दौरान राहत सामग्री पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं होता; स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा की निरंतर उपलब्धता भी उतनी ही आवश्यक है। इसी दृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में जल टैंकर लगाए गए हैं और बोतलबंद पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका को देखते हुए चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें आवश्यक दवाएं, प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करा रही हैं। जलभराव की परिस्थितियों में स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां बढ़ सकती हैं, इसलिए इन सुविधाओं की उपलब्धता प्रभावित नागरिकों के लिए विशेष महत्त्व रखती है।

राहत अभियान का एक अन्य महत्त्वपूर्ण पक्ष उन परिवारों की सुरक्षा है, जिनके लिए अपने घरों में रहना कठिन या असुरक्षित हो सकता है। ऐसे परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां ठहरने, भोजन, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता के अनुसार वृद्धजनों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य संवेदनशील नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ की मार झेल रहे लोगों को राहत के साथ सुरक्षित वातावरण भी मिल सके।

राजनाथ सिंह की ओर से राहत एवं बचाव कार्यों की निरंतर जानकारी लेने और प्रभावित नागरिकों तक सहायता पहुंचाने के निर्देशों के बीच सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न यही है कि संकट की अवधि में कोई जरूरतमंद परिवार आवश्यक सुविधाओं से वंचित न रह जाए। आपदा के समय प्रशासनिक तत्परता का वास्तविक मूल्यांकन घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीन पर पहुंचने वाली सहायता, उसकी निरंतरता और पीड़ितों की जरूरतों के प्रति संवेदनशीलता से होता है। लखनऊ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जारी राहत प्रयासों की सफलता भी इसी कसौटी पर परखी जाएगी—कि हर प्रभावित परिवार को कठिन समय में आवश्यक सहयोग, सुरक्षा और मानवीय संबल मिल सके।

वीडियो

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!