पठानकोट में पंजाब भाजपा की प्रदेश मंत्री एवं अधिवक्ता मीना तरनैच से संस्कृतभारती के क्षेत्र संपर्क प्रमुख जितेन्द्र प्रताप सिंह की शिष्टाचार भेंट; उत्तर प्रदेश के विधान परिषद चुनाव परिणामों के संदर्भ में संगठनात्मक सक्रियता, नए चेहरों को अवसर देने और जमीनी प्रशिक्षण पर हुई चर्चा। पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए मीना तरनैच के सामाजिक प्रयास भी रहे विमर्श के केंद्र में

दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।हिमाचल प्रदेश के नूरपुर प्रवास के दौरान पठानकोट में पंजाब प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश मंत्री एवं अधिवक्ता मीना तरनैच से संस्कृतभारती के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संपर्क प्रमुख जितेन्द्र प्रताप सिंह की शिष्टाचार भेंट हुई। इस अवसर पर राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक राजनीतिक गतिविधियों, संगठन की भावी दिशा तथा आगामी चुनावों की रणनीति से जुड़े विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श हुआ। चर्चा का एक प्रमुख पक्ष यह रहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में संगठन की मजबूती के लिए पुराने कार्यकर्ताओं की सक्रियता सुनिश्चित करने के साथ नए कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षित कर जमीनी स्तर पर प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार करना आवश्यक है।
उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न विधान परिषद चुनावों के परिणामों के संदर्भ में संगठनात्मक कार्यप्रणाली की समीक्षा तथा वर्ष 2027 में प्रस्तावित चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। विचार-विमर्श में नए चेहरों को सामने लाने, कार्यकर्ताओं को व्यावहारिक एवं धरातलीय प्रशिक्षण देने और संगठन की सक्रियता को व्यापक सामाजिक संपर्क से जोड़ने जैसे विषय प्रमुख रहे। चर्चा का केंद्रीय भाव यह था कि चुनावी सफलता के लिए केवल रणनीतिक नियोजन पर्याप्त नहीं, बल्कि समर्पित कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच निरंतर संवाद भी महत्त्वपूर्ण है।
जितेन्द्र प्रताप सिंह ने मीना तरनैच के सामाजिक एवं संगठनात्मक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें संघ की विचारधारा से संस्कारित और प्रशिक्षित सक्रिय पदाधिकारी बताया। उनके अनुसार, विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए मीना तरनैच ने सामाजिक उत्तरदायित्वों को पार्टी की नीतियों के अनुरूप आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। सिंह ने उनके भावी सामाजिक दायित्वों के सफल निर्वहन के लिए शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।
मीना तरनैच की सामाजिक सक्रियता का एक प्रमुख पक्ष पंजाब को नशामुक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास हैं। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, वह नशे के विरुद्ध जनजागरण के लिए रैलियों और जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इसके साथ ही नशे से प्रभावित लोगों के पुनर्वास से जुड़े प्रयासों में भी उनका योगदान बताया गया है। यह पहल नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित न मानकर सामाजिक जागरूकता और पुनर्वास के व्यापक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
मीना तरनैच की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी इस भेंट के संदर्भ में उल्लेखनीय रही। उपलब्ध विवरण के अनुसार, उनके परिवार का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव लगभग 80 से 85 वर्षों पुराना है। यह दीर्घकालिक वैचारिक एवं सामाजिक संबंध उनकी सार्वजनिक सक्रियता की पृष्ठभूमि के रूप में प्रस्तुत किया गया। हालांकि, इस पारिवारिक जुड़ाव और उनके व्यक्तिगत सामाजिक योगदान के विशिष्ट विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।