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देशभर में Telegram पर अस्थायी रोक, NEET परीक्षा में नकल रोकने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

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Dainik India News

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देशभर में Telegram पर अस्थायी रोक, NEET परीक्षा में नकल रोकने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

लाखों छात्रों और करोड़ों मोबाइल उपयोगकर्ताओं पर असर, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर उठे बड़े सवाल

दैनिक इंडिया न्यूज़,नई दिल्ली।देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG से जुड़े कथित पेपर लीक और संगठित नकल गिरोहों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram की सेवाओं पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) और संबंधित मंत्रालयों का कहना है कि कुछ संगठित गिरोह Telegram के माध्यम से परीक्षा प्रश्नपत्रों के अवैध प्रसार और अभ्यर्थियों से धोखाधड़ी में संलिप्त पाए गए थे।

सरकार के इस फैसले ने पूरे देश में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर इसे परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में कठोर लेकिन आवश्यक कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर लाखों छात्र, शिक्षक, व्यापारी और डिजिटल समुदाय इससे प्रभावित होने की बात कह रहे हैं। Telegram का उपयोग देश में शैक्षणिक सामग्री साझा करने, व्यापारिक संवाद और विभिन्न सामाजिक समूहों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जाता है।

जानकारी के अनुसार, NEET परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद जांच एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले थे कि कुछ समूह Telegram चैनलों के माध्यम से परीक्षा सामग्री बेचने और अभ्यर्थियों को गुमराह करने का काम कर रहे थे। इसी के मद्देनजर सरकार ने सीमित अवधि के लिए यह प्रतिबंध लगाया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय केवल एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल के मामलों ने युवाओं के बीच व्यापक असंतोष पैदा किया है।

राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस निर्णय की चर्चा तेज हो गई है। कई संगठनों ने सरकार के कदम का समर्थन किया है, जबकि कुछ नागरिक अधिकार समूहों ने इसे अत्यधिक कठोर बताते हुए वैकल्पिक उपायों की आवश्यकता पर बल दिया है।

फिलहाल पूरे देश की निगाहें 22 जून पर टिकी हैं, जब प्रतिबंध की अवधि समाप्त होगी और यह स्पष्ट होगा कि सरकार आगे क्या रुख अपनाती है। लेकिन इतना तय है कि शिक्षा, तकनीक और शासन व्यवस्था से जुड़ा यह मुद्दा आने वाले दिनों में राष्ट्रीय बहस का प्रमुख विषय बना रहेगा।

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