ब्रेकिंग न्यूज़
ढाई लाख युवाओं की मेहनत पर भारी पड़े रसूखदार रिश्ते? विधानसभा भर्ती विवाद की परतें खोल रहे न्यायालयी अभिलेख | संस्कृत के जयघोष से गूंजा दिल्ली विश्वविद्यालय | 821 करोड़ की JPNIC अब निजी हाथों में—नौ साल का इंतजार खत्म या चुनाव से पहले बड़ा फैसला? | 821 करोड़ की इमारत, नौ साल का सन्नाटा और अब निजी चाबी—JPNIC पर सवालों की वह श्रृंखला जिसका जवाब जनता तलाश रही है | सत्ता के शिखर पर पहुंचकर संस्कृति की शरण—डॉ. नीरज सिंह ने जन्मदिवस पर रचा 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का अनुपम अध्याय | जिस दिन भारत संस्कृत भूल गया, उसी दिन अपनी स्मृति का एक अध्याय खो बैठा- प्रमोद पंडित | राष्ट्र के प्रहरियों की कलाई पर बंधा रक्षा-सूत्र | हवा में डगमगाया विमान, पलभर में थम गई दो जिंदगियां | ढाई लाख युवाओं की मेहनत पर भारी पड़े रसूखदार रिश्ते? विधानसभा भर्ती विवाद की परतें खोल रहे न्यायालयी अभिलेख | संस्कृत के जयघोष से गूंजा दिल्ली विश्वविद्यालय | 821 करोड़ की JPNIC अब निजी हाथों में—नौ साल का इंतजार खत्म या चुनाव से पहले बड़ा फैसला? | 821 करोड़ की इमारत, नौ साल का सन्नाटा और अब निजी चाबी—JPNIC पर सवालों की वह श्रृंखला जिसका जवाब जनता तलाश रही है | सत्ता के शिखर पर पहुंचकर संस्कृति की शरण—डॉ. नीरज सिंह ने जन्मदिवस पर रचा 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का अनुपम अध्याय | जिस दिन भारत संस्कृत भूल गया, उसी दिन अपनी स्मृति का एक अध्याय खो बैठा- प्रमोद पंडित | राष्ट्र के प्रहरियों की कलाई पर बंधा रक्षा-सूत्र | हवा में डगमगाया विमान, पलभर में थम गई दो जिंदगियां |
हाइलाइट न्यूज़
कर्तव्य पथ पर घायल हुए नगरा थानाध्यक्ष — डीजे ट्राली की चपेट में आकर लखनऊ रेफर शांति भंग की आशंका में 24 व्यक्ति तथा एक वारंटी अभियुक्त गिरफ्तार विद्युत विभाग के विजिलेंस टीम ने घरों में लगी कटिया को पकड़ा 23 अगस्त 2025 के स्थान पर 22 नवम्बर 2025 को अवकाश घोषित धूमधाम से निकाली गई राम विवाह की शोभायात्रा मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 को मजबूती के साथ विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का कार्य किया: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री यूपी के हर ग्राम पंचायत में किसान चौपाल लगाएगी भाजपा एकल अभियान राष्ट्रीय खेल कूद प्रतियोगिता 2023 का शुभारम्भ कर्तव्य पथ पर घायल हुए नगरा थानाध्यक्ष — डीजे ट्राली की चपेट में आकर लखनऊ रेफर शांति भंग की आशंका में 24 व्यक्ति तथा एक वारंटी अभियुक्त गिरफ्तार विद्युत विभाग के विजिलेंस टीम ने घरों में लगी कटिया को पकड़ा 23 अगस्त 2025 के स्थान पर 22 नवम्बर 2025 को अवकाश घोषित धूमधाम से निकाली गई राम विवाह की शोभायात्रा मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 को मजबूती के साथ विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का कार्य किया: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री यूपी के हर ग्राम पंचायत में किसान चौपाल लगाएगी भाजपा एकल अभियान राष्ट्रीय खेल कूद प्रतियोगिता 2023 का शुभारम्भ
उत्तर प्रदेश सरकार English

वोडाफोन आइडिया पर ग्राहकों से धन उगाही का आरोप, पोस्टपेड से प्रीपेड में बदलने पर पैसा नहीं लौटाने की शिकायतें

D

Dainik India News

4071 views
वोडाफोन आइडिया पर ग्राहकों से धन उगाही का आरोप, पोस्टपेड से प्रीपेड में बदलने पर पैसा नहीं लौटाने की शिकायतें

ग्राहकों को लुभावने वादे देकर किया जा रहा गुमराह, सिक्योरिटी डिपॉजिट की रकम वापस न करने का मामला सामने आया

दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ। दूरसंचार सेवा प्रदाता वोडाफोन आइडिया पर ग्राहकों से धोखाधड़ी और अनुचित व्यापारिक आचरण के आरोप लग रहे हैं। हाल ही में कई ग्राहकों ने शिकायत की है कि कंपनी नए पोस्टपेड कनेक्शन के लिए ₹300 सिक्योरिटी डिपॉजिट लेती है, लेकिन जब ग्राहक नेटवर्क की समस्या या अन्य कारणों से प्रीपेड में बदलाव कराना चाहते हैं, तो उनसे बार-बार बहाने बनाकर राशि वापस नहीं की जाती।

एक ग्राहक के अनुसार, उन्होंने जनवरी 2025 में वोडाफोन आइडिया का नया नंबर लिया, लेकिन अत्यधिक नेटवर्क समस्याओं के कारण उन्हें प्रीपेड में शिफ्ट करना पड़ा। कंपनी ने पहले आश्वासन दिया था कि पोस्टपेड से प्रीपेड में बदलने पर सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि बिल में समायोजित कर दी जाएगी या एनईएफटी के माध्यम से लौटा दी जाएगी। हालांकि, जब ग्राहक ने प्रीपेड में बदलाव कराया तो उनकी जमा राशि लौटाने के बजाय कंपनी ने उन्हें बार-बार टालने की रणनीति अपनाई।

नया नंबर देने का झांसा, फिर वही प्रक्रिया

शिकायतकर्ता का कहना है कि वोडाफोन आइडिया के स्टोर से बार-बार कॉल आते थे कि उनकी सीरीज का नया नंबर उपलब्ध है और वह नया कनेक्शन ले सकते हैं। जब ग्राहक नए नंबर के लिए स्टोर पहुंचा तो उसे फिर से ₹300 जमा करने को कहा गया और वही प्रक्रिया दोहराई गई। बाद में, ग्राहक को नेटवर्क संबंधी परेशानियां झेलनी पड़ीं, इंटरनेट की धीमी गति और कॉल ड्रॉप जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

कस्टमर केयर से समाधान के बजाय बहाने

जब ग्राहक ने कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क किया तो उसे बताया गया कि वह 90 दिनों तक न तो प्रीपेड में शिफ्ट कर सकता है और न ही नंबर पोर्ट करा सकता है। जबकि भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) का ऐसा कोई नियम नहीं है। इस तरह कंपनी ग्राहकों को 90 दिनों तक पोस्टपेड कनेक्शन में बांधकर रखती है और धन उगाही करती है।

प्रीपेड में शिफ्टिंग के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूला

एक अन्य ग्राहक ने बताया कि जब उन्होंने पोस्टपेड से प्रीपेड में बदलाव के लिए रिक्वेस्ट दी तो कंपनी ने एक लिंक भेजकर ₹300 का रिचार्ज करने को कहा, जबकि पहले से ही ₹200 की जमा राशि उनके खाते में थी। ग्राहक ने जब इस पर सवाल उठाया तो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला और बार-बार नए बहाने बनाए गए—कभी 24 घंटे में, कभी एक घंटे में, तो कभी तीन दिन बाद प्रीपेड में शिफ्टिंग की बात कही गई।

कंपनी के रवैये पर उठ रहे सवाल

ग्राहकों का कहना है कि वोडाफोन आइडिया इस तरह से न केवल अपने ग्राहकों को भ्रमित कर रहा है बल्कि उनके पैसे लौटाने से भी बच रहा है। कई ग्राहकों को इस प्रक्रिया में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। कंपनी द्वारा नेटवर्क समस्याओं के बावजूद मजबूरी में पोस्टपेड प्लान जारी रखने को कहा जाता है, जिससे ग्राहक को उच्च शुल्क देना पड़ता है।

ग्राहकों को राहत की जरूरत

इस मामले में अब तक वोडाफोन आइडिया की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार और टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि ग्राहकों को न्याय मिल सके और उनकी जमा राशि बिना किसी देरी के वापस की जाए।

(नोट: यदि आप भी इस तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की आधिकारिक वेबसाइट या उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।)

न्यायिक कार्रवाई का संकेत

इस पूरे घटनाक्रम से परेशान ग्राहक ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वोडाफोन आइडिया उनकी समस्या का समाधान नहीं करता, तो वह ट्राई के अलावा माननीय न्यायालय का रुख करेगा और कंपनी पर उचित मुआवजे के लिए दावा करेगा। ग्राहक का कहना है कि कस्टमर केयर से बार-बार संपर्क करने में इतना समय बर्बाद हो जाता है कि वह इस दौरान कोई और उपयोगी कार्य भी नहीं कर सकता। उनका आरोप है कि कंपनी ग्राहकों की परेशानियों को दूर करने के बजाय उन्हें अनावश्यक प्रक्रियाओं में उलझाकर मानसिक और आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!