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शिक्षा, संस्कार और सामाजिक चेतना का महोत्सव बनाहरिवंश मल्ल मेमोरियल पब्लिक इंटर कॉलेज का वार्षिकोत्सव

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Dainik India News

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शिक्षा, संस्कार और सामाजिक चेतना का महोत्सव बनाहरिवंश मल्ल मेमोरियल पब्लिक इंटर कॉलेज का वार्षिकोत्सव


दैनिक इंडिया न्यूज़ मधुबन, मऊ।नगर पंचायत मधुबन के पाती रोड पर स्थित हरिवंश मल्ल मेमोरियल पब्लिक इंटर कॉलेज का वार्षिकोत्सव समारोह बुधवार को केवल एक विद्यालयीय आयोजन नहीं रहा, बल्कि वह शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों का ऐसा सशक्त मंच बनकर उभरा, जिसने उपस्थित हर व्यक्ति को गहरे तक प्रभावित किया। सुसज्जित प्रांगण, अनुशासित व्यवस्था और विद्यार्थियों की आत्मविश्वास से लबरेज़ प्रस्तुतियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह संस्थान केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि भावी समाज की नींव गढ़ रहा है।


समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह क्षण केवल परंपरा का निर्वहन नहीं था, बल्कि ज्ञान, विवेक और संस्कार के प्रति सामूहिक आस्था का प्रतीक था। दीप की लौ के साथ जैसे पूरे परिसर में बौद्धिक चेतना का आलोक फैल गया। इसके पश्चात छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने वातावरण को भावनात्मक ऊँचाई प्रदान की और मंच पर उपस्थित अतिथियों का गरिमामयी अभिनंदन किया।
इसके बाद मंच पर आरंभ हुआ प्रतिभा और संदेश का वह क्रम, जिसने दर्शकों को अपनी सीटों से बांध दिया। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नृत्य और गीत के साथ-साथ समाज का आईना भी दिखाई दिया। प्रत्येक प्रस्तुति केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक विचार थी—एक प्रश्न थी—और कहीं न कहीं एक चेतावनी भी। तालियों की गूंज के बीच यह स्पष्ट महसूस किया जा सकता था कि मंच पर खड़े विद्यार्थी केवल कलाकार नहीं, बल्कि जागरूक नागरिक बन रहे हैं।
नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज की उन कुरीतियों पर प्रहार किया, जिन्हें अक्सर हम अनदेखा कर देते हैं। नशा मुक्ति, दहेज प्रथा, महिला उत्पीड़न और सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसे विषयों को जिस सहजता और प्रभावशीलता से प्रस्तुत किया गया, उसने दर्शकों को भीतर तक झकझोर दिया। संवादों में आक्रोश नहीं था, बल्कि विवेक था; अभिनय में कटुता नहीं, बल्कि करुणा थी। यही इस प्रस्तुति की सबसे बड़ी शक्ति रही।


इन प्रस्तुतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं है। यहाँ शिक्षा को समाज से जोड़ा जा रहा है, और विद्यार्थियों को यह सिखाया जा रहा है कि वे केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी सोचें। यही शिक्षा का वास्तविक अर्थ है, और यही किसी भी शिक्षण संस्था की सबसे बड़ी उपलब्धि।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मधुबन विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रामबिलास चौहान रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बच्चे राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी हैं और शिक्षा वह आधार है, जिस पर देश का भविष्य खड़ा होता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा के बिना न तो विकास की कल्पना की जा सकती है और न ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
उन्होंने सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक जिले में राजकीय महिला महाविद्यालयों और पॉलिटेक्निक कॉलेजों का विस्तार किया जा रहा है, ताकि बालिकाओं और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनाया जा सके। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि आज देश की बेटियाँ हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं और यह परिवर्तन शिक्षा की शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
समारोह के दौरान विधायक रामबिलास चौहान द्वारा शैक्षिक सत्र 2024–2025 में हाईस्कूल परीक्षा में उत्तीर्ण मेधावी छात्राओं को प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह क्षण केवल सम्मान का नहीं, बल्कि उन सपनों का उत्सव था, जो परिश्रम और अनुशासन से आकार लेते हैं। मंच पर खड़ी छात्राओं की आँखों में आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति आशा स्पष्ट झलक रही थी।
विद्यालय में विद्यार्थियों की उल्लेखनीय संख्या देखकर विधायक विशेष रूप से प्रसन्न दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय में बच्चों की अधिक उपस्थिति वहाँ की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और अभिभावकों के भरोसे का प्रत्यक्ष प्रमाण होती है। उन्होंने विद्यालय के पठन-पाठन की प्रशंसा करते हुए प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयासों को सराहनीय बताया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक प्रविंद मल्ल, धनंजय मल्ल, ऋषभ मल्ल, शिवानंद मल्ल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शंकर मद्धेशिया, राहुल दीक्षित, बलवंत चौधरी, आर. डी. सिंह, कृष्णमोहन मल्ल, प्रेमभूषण पांडेय, योगेंद्र सिंह, गांधी पांडेय, रूपेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में अभिभावकों और नगर के प्रबुद्ध नागरिकों की उपस्थिति ने समारोह को सामाजिक स्वीकृति और गरिमा प्रदान की।
समग्र रूप से यह वार्षिकोत्सव समारोह एक स्पष्ट संदेश देकर समाप्त हुआ—कि हरिवंश मल्ल मेमोरियल पब्लिक इंटर कॉलेज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि विचार, संस्कार और सामाजिक चेतना की प्रयोगशाला है। यहाँ से निकलने वाले विद्यार्थी केवल डिग्री लेकर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी लेकर समाज में कदम रखते हैं। और शायद यही वह कारण है, जो इस विद्यालय के प्रत्येक आयोजन को साधारण से असाधारण बना देता है।

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