गायत्री मंत्र से शुरू हुआ राष्ट्रभाव से जुड़ा विशेष सत्र; कौशल, संस्कार और आत्मनिर्भरता के संगम का बना साक्षी गोमतीनगर केंद्र

दैनिक इंडिया न्यूज़ 25 sep 2026 लखनऊ।गोमतीनगर स्थित समर्थ भारत–भाऊराव सेवा न्यास के फैशन डिजाइनिंग प्रशिक्षण केंद्र में शुक्रवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभाव से भर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण से हुई और इसके बाद प्रशिक्षुओं तथा उपस्थित अतिथियों ने एक स्वर में वंदे मातरम् का गायन किया।

यह आयोजन केवल नियमित प्रशिक्षण गतिविधि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रभाव, संस्कार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को एक साथ जोड़ने वाला विशेष अवसर बना। वंदे मातरम् के ऐतिहासिक संदर्भ और उसकी पृष्ठभूमि से प्रशिक्षुओं को परिचित कराया गया तथा राष्ट्रजीवन में इसके महत्व पर चर्चा की गई।
वंदे मातरम् से राष्ट्रभाव, कौशल से आत्मनिर्भरता
कार्यक्रम में अनंत चतुर्दशी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महामानव पंडित दीनदयाल उपाध्याय को भी स्मरण किया गया। उनके विचारों के संदर्भ में सेवा, समाज और अंतिम व्यक्ति तक विकास की भावना को रेखांकित किया गया।
समर्थ भारत के प्रशिक्षण केंद्र में चल रहे कौशल विकास कार्यों की झलक प्रशिक्षुओं की वर्कबुक के प्रदर्शन के माध्यम से सामने आई। प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और रचनात्मक क्षमता को उनके कार्यों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में समर्थ भारत द्वारा प्रशिक्षित प्रथम बैच के प्रशिक्षुओं की वर्तमान रोजगार गतिविधियों से भी उपस्थित लोगों को परिचित कराया गया। इससे प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने वाले प्रशिक्षुओं की यात्रा को सामने रखने का अवसर मिला।
प्रशिक्षण से रोजगार तक—बदलती तस्वीर
समर्थ भारत–भाऊराव सेवा न्यास के प्रशिक्षण प्रयासों का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देकर प्रक्रिया समाप्त करना नहीं, बल्कि प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। प्रथम बैच के प्रशिक्षुओं की रोजगार गतिविधियों का परिचय इसी पहलू को रेखांकित करता दिखाई दिया।
फैशन डिजाइनिंग जैसे कौशल आधारित प्रशिक्षण में रचनात्मकता के साथ व्यावहारिक दक्षता का महत्व है। कार्यक्रम में प्रदर्शित वर्कबुक ने प्रशिक्षण की इसी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से सामने रखा।
महिलाओं की सहभागिता का संदेश
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेविका समिति की डॉ. चित्रा ने समिति के कार्यों और गतिविधियों का परिचय दिया। उन्होंने महिलाओं से समिति से जुड़कर सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर अश्वनी गुप्ता, डॉ. चित्रा, संजय राय, मनोज मिश्रा, केंद्र प्रमुख गीता शंकर और प्रशिक्षक गिरजा शाक्य सहित वर्तमान एवं पूर्व प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
शांति मंत्र के साथ राष्ट्रभाव से सेवा-संकल्प तक
वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से आरंभ हुए इस विशेष सत्र का समापन शांति मंत्र के पाठ के साथ हुआ। इसके बाद समर्थ भारत–भाऊराव सेवा न्यास के डॉ. विवेक ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों तथा सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
गोमतीनगर के इस प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम ने एक महत्वपूर्ण संदेश सामने रखा—कौशल केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का आधार भी बन सकता है; और जब कौशल के साथ संस्कार, राष्ट्रभाव और सामाजिक सहभागिता जुड़ती है, तो प्रशिक्षण की भूमिका और व्यापक हो जाती है।