
अमित शाह के उद्घाटन और योगी के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के संकल्प के बीच यूपीआईटीएस-2026 बना स्थानीय से वैश्विक कारोबार का सेतु; 600 से अधिक विदेशी खरीदार, 2,400+ प्रदर्शक और छह साझेदार देशों की सहभागिता के साथ उत्तर प्रदेश के उत्पादों, एमएसएमई और जनपदीय

दैनिक इंडिया न्यूज़, 25 sep 2026 ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के जनपदीय हुनर, पारंपरिक शिल्प, आधुनिक विनिर्माण और नवोन्मेष ने अब वैश्विक बाजार के दरवाजे पर दस्तक दे दी है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार शो के चौथे संस्करण का शुभारम्भ इसी बदलती आर्थिक तस्वीर का विराट प्रदर्शन बनकर सामने आया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्य अतिथि के रूप में आयोजन का उद्घाटन किया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को दोहराते हुए स्थानीय उत्पादों, उद्यमियों और निर्माताओं को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा को रेखांकित किया।

यह आयोजन महज व्यापारिक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि ‘स्थानीय से वैश्विक’ की आर्थिक अवधारणा को धरातल पर उतारने का विराट मंच बनता दिखाई दे रहा है। पांच दिवसीय यूपीआईटीएस-2026 में 90 देशों के 600 से अधिक खरीदारों और लगभग डेढ़ लाख बी2बी आगंतुकों की सहभागिता प्रस्तावित है। 2,400 से अधिक प्रदर्शनी-स्थलों पर उत्तर प्रदेश के विविध औद्योगिक क्षेत्रों, उत्पादों, हस्तशिल्प, नवाचार और विनिर्माण क्षमता को वैश्विक खरीदारों के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

छह राष्ट्रों की साझेदारी ने इस व्यापारिक मंच को अंतरराष्ट्रीय आयाम प्रदान किया है। जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस साझेदार देशों के रूप में जुड़े हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वैश्विक सहभागिता को उत्तर प्रदेश की बढ़ती कारोबारी स्वीकार्यता का संकेत बताते हुए कहा कि आयोजन परंपरा और प्रौद्योगिकी, विरासत और नवाचार तथा कौशल और बाजार की संयुक्त शक्ति को दुनिया के सामने रखने का अवसर प्रदान कर रहा है।

प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की रणनीति इस आयोजन के केंद्र में है। भदोही का कालीन, मुरादाबाद का पीतल, कन्नौज का इत्र, वाराणसी की रेशमी साड़ियां और अन्य विशिष्ट जनपदीय उत्पाद अब केवल स्थानीय पहचान के प्रतीक नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार की संभावनाओं वाले उत्पादों के रूप में प्रस्तुत किए जा रहे हैं। प्रदेश के 81 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त होने तथा 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किए जाने का उल्लेख भी किया गया है।

इसी क्रम में ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ और ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ जैसी पहलों को स्थानीय अर्थव्यवस्था को बाजार से जोड़ने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक कारीगरों, बुनकरों और शिल्पकारों को कौशल, उपकरण, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय सामर्थ्य को वैश्विक मांग से जोड़ना प्रदेश की आर्थिक संरचना को नई गति दे रहा है।

कार्यक्रम में प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने स्वागत करते हुए छह साझेदार राष्ट्रों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक प्रतिनिधियों की सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने यूपीआईटीएस को प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं और निर्यातकों को विश्व बाजार से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। आयोजन की व्यापकता और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को देखते हुए उत्तर प्रदेश को वैश्विक सोर्सिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में इसकी भूमिका पर विशेष बल दिया गया।

इस पूरे आयोजन की वास्तविक आर्थिक कसौटी अब केवल प्रदर्शनी की भव्यता नहीं, बल्कि कितने व्यापारिक समझौते होते हैं, कितना निवेश आकर्षित होता है, निर्यात की कितनी नई राहें खुलती हैं और प्रदेश के स्थानीय उत्पाद वैश्विक आपूर्ति-शृंखला में कितनी मजबूती से प्रवेश करते हैं, इससे तय होगी। यही वह बिंदु है जहां यूपीआईटीएस का मंच उत्तर प्रदेश की औद्योगिक आकांक्षा को वास्तविक आर्थिक उपलब्धियों में बदलने की परीक्षा देगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, लोक निर्माण राज्यमंत्री ब्रजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा, नरेंद्र भाटी, सुरेंद्र नागर, विधायक पंकज सिंह, धीरेंद्र सिंह और तेजपाल नागर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य उपस्थित रहे। जापान के राजदूत ओनो केइची, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग तथा बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को समेत विभिन्न देशों के राजनयिक प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय खरीदार और विक्रेता भी आयोजन के साक्षी बने। इस अवसर पर पीताम्बरा रस्टिक के प्रबंध निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने भी यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार शो में सहभागिता की और प्रदेश की औद्योगिक एवं जनपदीय क्षमता को वैश्विक व्यापार मंच पर उभरते हुए देखा।