ब्रेकिंग न्यूज़
4000 से अधिक मतों के साथ प्रशांत सिंह अटल ने रचा इतिहास, बार काउंसिल चुनाव में देशभर में तीसरे स्थान पर पहुंचे | लखनऊ में ड्राइविंग सीखने का नया भरोसा: हिमालय मोटर ट्रेनिंग स्कूल — अब गोमतीनगर और जानकीपुरम से सेवाएं, जल्द दिल्ली में भी होगा विस्तार | लखनऊ का भरोसा, अब दिल्ली की ओर बढ़ते कदम — Himalaya Motor Training School बना सुरक्षित ड्राइविंग प्रशिक्षण का नया मानक | देववाणी संस्कृत के पुनर्जागरण का महाअभियान, 25 अगस्त से अवधप्रांत में गूंजेगा संस्कृत सप्ताह | रात 11 बजे बिजली उपकेंद्रों पर पहुंचीं विधायक केतकी सिंह, बिजली कटौती पर अधिकारियों से मांगा जवाब | क्या भारतीय नौकरशाही का ‘स्टील फ्रेम’ अब पुनर्निर्माण की मांग कर रहा है? | गंगाजल: केवल जल नहीं, सनातन सभ्यता की आत्मा है माँ गंगा | भाजपा अवध के नए क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी का लखनऊ में ऐतिहासिक स्वागत | 4000 से अधिक मतों के साथ प्रशांत सिंह अटल ने रचा इतिहास, बार काउंसिल चुनाव में देशभर में तीसरे स्थान पर पहुंचे | लखनऊ में ड्राइविंग सीखने का नया भरोसा: हिमालय मोटर ट्रेनिंग स्कूल — अब गोमतीनगर और जानकीपुरम से सेवाएं, जल्द दिल्ली में भी होगा विस्तार | लखनऊ का भरोसा, अब दिल्ली की ओर बढ़ते कदम — Himalaya Motor Training School बना सुरक्षित ड्राइविंग प्रशिक्षण का नया मानक | देववाणी संस्कृत के पुनर्जागरण का महाअभियान, 25 अगस्त से अवधप्रांत में गूंजेगा संस्कृत सप्ताह | रात 11 बजे बिजली उपकेंद्रों पर पहुंचीं विधायक केतकी सिंह, बिजली कटौती पर अधिकारियों से मांगा जवाब | क्या भारतीय नौकरशाही का ‘स्टील फ्रेम’ अब पुनर्निर्माण की मांग कर रहा है? | गंगाजल: केवल जल नहीं, सनातन सभ्यता की आत्मा है माँ गंगा | भाजपा अवध के नए क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी का लखनऊ में ऐतिहासिक स्वागत |
हाइलाइट न्यूज़
राष्ट्रीय सनातन महासंघ ने पवन कल्याण के वक्तव्य का किया प्रबल समर्थन, केंद्र से सनातन बोर्ड के गठन की मांग मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में उ0प्र0 के विकास कार्याेंके सम्बन्ध में केन्द्र सरकार के मंत्रियों से किया भेंट भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नगर निकाय चुनाव हुआ संपन्न बाइक चोर गिरोह के 5 अंतरजनपदीय सदस्य गिरफ्तार गायत्री परिवार ट्रस्ट के निदेशक मंडल की एलआईसी लखनऊ के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक से सद्भावना भेंट जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न दशहरे पर सभी जनपदों में 24 घंटे बिजली देकर योगी सरकार ने निभाया वादा पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचे राम, सीता और लक्ष्मण -जेपी सिंह राष्ट्रीय सनातन महासंघ ने पवन कल्याण के वक्तव्य का किया प्रबल समर्थन, केंद्र से सनातन बोर्ड के गठन की मांग मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में उ0प्र0 के विकास कार्याेंके सम्बन्ध में केन्द्र सरकार के मंत्रियों से किया भेंट भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नगर निकाय चुनाव हुआ संपन्न बाइक चोर गिरोह के 5 अंतरजनपदीय सदस्य गिरफ्तार गायत्री परिवार ट्रस्ट के निदेशक मंडल की एलआईसी लखनऊ के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक से सद्भावना भेंट जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न दशहरे पर सभी जनपदों में 24 घंटे बिजली देकर योगी सरकार ने निभाया वादा पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचे राम, सीता और लक्ष्मण -जेपी सिंह
उत्तर प्रदेश सरकार English

गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष का राष्ट्र को संदेश: संविधान, संस्कृति और कर्तव्यबोध से ही सशक्त होगा भारत

D

Dainik India News

33 views
गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष का राष्ट्र को संदेश: संविधान, संस्कृति और कर्तव्यबोध से ही सशक्त होगा भारत


भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने समस्त राष्ट्र को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए एक ओजस्वी, विचारोत्तेजक और राष्ट्रबोध से परिपूर्ण संदेश दिया। अपने संदेश में उन्होंने भारतीय गणतंत्र को केवल एक संवैधानिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सहस्राब्दियों से प्रवहमान सनातन चेतना का आधुनिक, संगठित और लोकतांत्रिक स्वरूप बताया।


जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि 26 जनवरी केवल संविधान अंगीकार करने की तिथि नहीं है, बल्कि यह वह ऐतिहासिक क्षण है जब भारत ने अपनी सांस्कृतिक आत्मा, ऐतिहासिक संघर्ष और सभ्यतागत मूल्यों को विधिसम्मत शासन-व्यवस्था के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान की आत्मा केवल अधिकारों में नहीं, बल्कि कर्तव्यों, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व में निहित है।


राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संदेश में इस बात पर विशेष बल दिया कि आज का भारत जिस संक्रमणकाल से गुजर रहा है, उसमें गणतंत्र दिवस केवल औपचारिक उत्सव बनकर न रह जाए, बल्कि यह आत्ममंथन और आत्मबोध का अवसर बने। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने राजनीतिक लोकतंत्र तो स्थापित कर लिया, किंतु सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक आत्मगौरव और नैतिक अनुशासन को सुदृढ़ करने का कार्य अभी भी सतत प्रयास की अपेक्षा करता है।


संविधान और सनातन परंपरा के अंतर्संबंधों की व्याख्या करते हुए जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान की मूल भावना—न्याय, समता, बंधुत्व और गरिमा—सीधे-सीधे सनातन दर्शन से उद्भूत है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ और ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ जैसे सूत्र केवल धार्मिक उद्घोष नहीं, बल्कि सुशासन और सामाजिक संतुलन के शाश्वत सिद्धांत हैं, जिन्हें संविधान ने आधुनिक संदर्भ में रूपायित किया है।
उन्होंने नागरिक कर्तव्यों पर विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने दायित्वों के प्रति भी सजग हो। अनुशासन, ईमानदारी, श्रमशीलता और राष्ट्रनिष्ठा—ये गुण ही गणतंत्र को सुदृढ़ बनाते हैं। यदि नागरिक अपने कर्तव्यों से विमुख हो जाएँ, तो सबसे उत्तम संविधान भी निष्प्रभावी हो जाता है।


राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष ने युवाओं से आह्वान किया कि वे गणतंत्र दिवस को केवल अवकाश या उत्सव के रूप में न देखें, बल्कि इसे राष्ट्र-निर्माण के संकल्प-दिवस के रूप में आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य केवल नीतियों या योजनाओं से नहीं, बल्कि संस्कारित, चरित्रवान और राष्ट्रचेतना से युक्त युवा पीढ़ी से सुरक्षित होगा।
अपने संदेश के समापन में जितेन्द्र प्रताप सिंह ने समस्त देशवासियों से आग्रह किया कि वे संविधान के प्रति श्रद्धा, राष्ट्र के प्रति निष्ठा और संस्कृति के प्रति सम्मान को अपने आचरण में उतारें। उन्होंने कहा कि जब संविधान की मर्यादा, संस्कृति की गरिमा और नागरिक कर्तव्यों की चेतना एक साथ जाग्रत होती है, तभी गणतंत्र केवल शासन-व्यवस्था नहीं, बल्कि राष्ट्र-चरित्र बनता है।
राष्ट्रीय सनातन महासंघ के इस राष्ट्रोन्मुख संदेश को विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक संगठनों ने प्रेरणादायी बताते हुए गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रचिंतन का सारगर्भित उद्घोष करार दिया है।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!