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पुरे जीवन काल में पीठ दर्द या जोड़ों का दर्द नहीं होगा:मिथ्या या सच्चाई?

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Dainik India News

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पुरे जीवन काल में पीठ दर्द या जोड़ों का दर्द नहीं होगा:मिथ्या या सच्चाई?

"ऐसे लोगों पर कतई विश्वास न करें जो आपसे कहते हैं कि उम्र बढ़ जाने पर जोड़ों की बीमारियों का इलाज नहीं किया जा सकता-डॉ अंकित गुप्ता

डॉ गुप्ता का कहना है कि वह कुछ ही महीनों में ऑस्टियोकांड्रोसिस के गंभीर से गंभीर मामले को भी ठीक कर सकते हैं। जहां तक जोड़ों के दर्द का सवाल है, यदि उनका ठीक से इलाज किया जाए तो यह 4 से 10 दिन में भी ठीक हो सकता है। यह अपनी 7 साल की प्रैक्टिस में कई बार ऐसा करके दिखा चुके हैं। यह हमारा सौभाग्य था कि "हर उम्र में स्वास्थ्य जोड़" लाइव प्रोग्राम व लाइव ब्रॉडकास्ट के तुरंत बाद हमें बड़े-बडे डॉक्टर का इंटरव्यू करने का मौका मिला।

इंटरवियू पल्लवी सिंह द्वारा

नमस्कार अंकित जी। कृपया हमें बताइए कि क्या यह सच है कि अधिक उम्र के व्यक्ति जोड़ों की बीमारियों और ऑस्टियोकांड्रोसिस से नहीं बच सकते?

हेलो पल्लवी जी यह सच नहीं है। ऑस्टियोकांड्रोसिस को किसी आम बीमारी की तरह ठीक नहीं किया जा सकता। लेकिन अधिकतर ऐसा देखा गया है कि इसके इलाज में देर हो जाती है और वह ठीक से नहीं किया जाता। अधिकतर डॉक्टर इलाज उपयोग करते हैं जिससे पेशेंट के स्वास्थ्य पर उल्टा प्रभाव पड़ता है सच तो यह है कि किसी भी उम्र में शरीर की किसी भी हड्डी को ठीक किया जा सकता है।

यदि आपको एक छोटा सा सीक्रेट पता हो और आप थोड़े अनुशासन में रहेंगे तो इस बीमारी को घर बैठे भी ठीक किया जा सकता है। मेरे हजारों पेशेंट मेरी सलाह पर अमल करते हैं।

और ये सीक्रेट क्या है?

वास्तव में यह सीक्रेट तो बहुत ही सरल है। हमें दर्द की जड़ को समझने की जरूरत होती है। आज मेडिकल एनसाइक्लोपीडिया में ऑस्टियोकांड्रोसिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस के करीब 147 कारण दिए गए हैं, लेकिन वास्तव में इन सब का परिणाम एक ही होता है। जोड़,रीढ़ की हड्डी और गद्दी की लचक चली जाना, जिससे दर्द होता है। आपको पता है यह क्यों होता है? इसलिए क्योंकि रक्त का प्रवाह ठीक से नहीं होने के कारण ये घिस जाते हैं।

यही तो इसका सीक्रेट है। हम रक्त प्रवाह वापस ठीक करके जोड़ों का इलाज करते हैं।

तो क्या 45 के बाद भी रक्त प्रवाह वापस ठीक करना संभव है?

डॉ अंकित जी हां

पल्लवी:आप इस उम्र में भी रक्त प्रवाह कैसे वापस ठीक कर देते हैं?

अभी कुछ ही दिनों पहले मैंने अपने मरीजों को एक अलग तरीके से ठीक करना शुरू किया है जिसमें 96 शारीरिक एक्सरसाइज होती हैं। यह तरीका बहुत अच्छा रहा है लेकिन दुर्भाग्य से मेरे कई पेशेंट इसे बहुत कठिन पाते थे।

सबके पास जिम जाने के लिए हमेशा समय नहीं होता था। मुझे पक्का विश्वास था कि रक्त का प्रभाव वापस ठीक करने के लिए कोई आसान और ज्यादा मॉडर्न तरीका जरूर होगा, और मैंने उसे ढूंढ लिया।

पल्लवी:आप किस तरह के तरीके की बात कर रहे हैं?

मैं एक अनोखे तरीके Vatahari Vati की बात कर रहा हूँ। इससे लोग न सिर्फ पीठ और जोड़ों के दर्द को तेजी से भुला सकते हैं, इससे कुछ ही महीनों में सबसे सीरियस मामलों को भी ठीक किया जा सकता है।

इस फार्मूला को डिवेलप करने में बहुत समय और तकनीकी बुद्धि लगानी पड़ी है

यह जबर्दस्त प्रोडक्ट Vatahari Vati काम कैसे करता है

इसमें कोई चमत्कार नहीं है; यह सरल सा विज्ञान है। Vatahari Vati में 09 सक्रिय अवयव है जो पुरानी कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को अपने संपर्क में आते ही ठीक कर देता है जिससे वह 10 गुना ज्यादा तेज काम करने लगती हैं। यही कारण है कि कोशिकाएं धीरे-धीरे अपनी ताकत वापस पा लेती हैं।

शरीर की प्रभावित जगह पर Vatahari Vati पहली बार लगाने के बाद से ही 93,000 से भी ज़्यादा कोशिकाएँ सक्रिय हो जाएंगी। रक्त के प्रवाह के लिए यह बहुत ही उपयोगी होता है। यह इलाज ऐसे ही काम करता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण चीज यह है कि इसका उपयोग सिस्टमैटिक तरीके से किया जाना चाहिए।

पल्लवी:यह प्रोडक्ट तो बहुत ही बढ़िया लग रहा है, लेकिन हम यह जानना चाहते हैं कि आम बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए इसके क्या मायने हैं?

देखिए इसके मायने ये हैं कि अब पुराने जमाने की दवाओं को अलविदा कहने का समय आ गया है। अब लोग अपनी बीमारी को घर में ही 1-2 महीने में ठीक कर सकते हैं। Vatahari Vati सिर्फ एक एनाल्जेसिक नहीं है, यह शरीर को कोशिकीय स्तर पर ले जाकर "रीस्टार्ट" कर देता है, दर्द की जड़ को खत्म कर देता है और जोड़ो तथा रीड की हड्डी को अपनी ओरिजिनल अवस्था में वापस ले जाता है। आपको सिर्फ लक्षणों से ही राहत नहीं मिलती, Vatahari Vati से बीमारी की जड़ खत्म हो जाती है।

उपयोग के पहले दिन, Vatahari Vati शरीर की पुनर्निर्माण प्रणाली के कार्यकलाप को दोबारा शुरू कर देता है और दर्द से राहत देता है। दो से तीन हफ्तों में इलाज खत्म हो जाता है लेकिन यह ध्यान रखिए कि इस ट्रीटमेंट को दोबारा करने की सलाह दी जाती है ताकि आगे चलकर बीमारी दोबारा वापस ना आए।

पल्लवी:क्या Vatahari Vati केवल ऑस्टियोआर्थ्रोसिस और ऑस्टियोकांड्रोसिस के इलाज के लिए ही उपयोग की जा सकती है?

नहीं। Vatahari Vati से कोशिका के स्तर पर असर होता है और रक्त प्रभाव वापस ठीक हो जाता है। इससे जोड़ों और रीढ़ की हड्डियों की सभी प्रकार की बीमारियाँ ठीक हो जाती हैं जैसे: ऑस्टियोआर्थ्रोसिस और आर्थराइटिस, साइटिका, गठिया, रेडिकुलाइटिस, वर्टेब्रल हर्निया, चोट, फ्रैक्चर आदि। इन सभी मामलों में Vatahari Vati का बहुत ही अच्छा असर होता है।

ज़्यादातर लोग जानना चाहते हैं कि इसे कहाँ से खरीदा जा सकता है।

हमने पहले इसे दवा की दुकानों में बेचने का प्लान किया था लेकिन उन लोगों से एग्रीमेंट नहीं हो पाया क्योंकि Vatahari Vati से इनका बिजनेस बहुत कम हो जाता। लोग जोड़ों और पीठ के दर्द के इलाज के दूसरे प्रोडक्ट खरीदना बंद कर देंगे क्योंकि सच्चाई तो यही है कि ये सिर्फ लक्षणों में आराम देते हैं और रोगों को जड़ से खत्म नहीं करते।

इसलिए अब हम इसे केवल ऑफिशियल वेबसाइट व 9721000060 पर ही बेचते हैं।

इंटरव्यू के लिए धन्यवाद डॉक्टर साब! अंत में आप हमारे पाठकों के लिए क्या कहना चाहेंगे?

मैं आपके पाठकों का इस ओर ध्यान खींचना चाहता हूँ कि पीठ और जोड़ों के दर्द आज सिर्फ बूढ़े लोगों की दिक्कत नहीं है। कई युवा लोग भी इससे परेशान हो चुके हैं। यदि आपको बहुत हल्का लेकिन बार-बार दर्द होता हो तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

और याद रखिए: जोड़ों और पीठ की बीमारियों से सिर्फ दर्द ही नहीं होता, इनसे इन अंगों की उम्र 10-15 साल कम हो जाती है।

मोहिंदर सिंह लखनऊ

मैंने अपनी रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से और घुटनों के दर्द के लिए Vatahari Vati आर्डर किया था। मेरी किस्मत खराब थी कि मुझे डिस्काउंट नहीं मिला क्योंकि डिस्काउंट वाले प्रोडक्ट बहुत जल्दी बिक गए थे। लेकिन इसके रिजल्ट्स ने मुझे आश्चर्य में डाल दिया। हड्डियों और जोड़ों की मेरी पूरी की पूरी बीमारियाँ गायब हो गईं। Vatahari Vati खरीदने के पहले मैं लगातार 10 साल से दर्द से बहुत परेशान था।

विनोद कुमार मिश्र शाहजहां पुर

हमेशा मेरे गर्दन में बहुत दर्द रहता था। मैंने इंटरनेट पर Vatahari Vati के बहुत अच्छे रिव्यू पड़े थे और इसलिए इसे आर्डर करके देखा। मुझे इससे कुछ खास उम्मीद नहीं थी लेकिन ट्रीटमेंट शुरू करने के एक दिन बाद से ही मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा! मैं ज्यादा एक्टिव हो गया था लेकिन मेरे जोड़ों में दर्द नहीं हो रहा था। मैं तो इसकी पूरे दिल से सलाह दूंगा।

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