पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय संस्कृतभारती प्रशिक्षण वर्ग का भव्य कार्यक्रम निरंतरता के साथ अग्रसर

दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ। गोमतीनगर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर के सभागार में आयोजित पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय संस्कृतभारती प्रशिक्षण वर्ग के 13 जून 2026 के सत्र का शुभारम्भ अत्यंत गरिमामय एवं वैदिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन दीपप्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के स्तुतिगान के साथ संस्कृतभारती न्यास, अवध प्रांत के अध्यक्ष एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संपर्क प्रमुख जितेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा विधिवत सम्पन्न किया गया।

उद्घाटन सत्र के पश्चात में श्री सिंह ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, अपितु भारतीय संस्कृति, दर्शन, अध्यात्म और राष्ट्रचेतना की शाश्वत संवाहिका है। उन्होंने कहा कि संस्कृतभारती देशव्यापी जनजागरण के माध्यम से संस्कृत को जन-जन तक पहुँचाने तथा भारत की सांस्कृतिक अस्मिता को पुनः प्रतिष्ठित करने के महान अभियान में संलग्न है।
इस अवसर पर संस्कृतभारती के क्षेत्र संगठन मंत्री प्रमोद पंडित सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण वर्ग में संस्कृतभारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री जयप्रकाश जी भी बौद्धिक सत्र के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। वे वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में संस्कृत की प्रासंगिकता, भारतीय ज्ञान-परंपरा के पुनरुत्थान तथा राष्ट्रनिर्माण में संस्कृत की भूमिका पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालेंगे।

चौदह दिवसीय इस क्षेत्रीय प्रशिक्षण वर्ग में पूर्वी क्षेत्र के अवध, काशी, कर्णपुर एवं गोरक्ष प्रांतों से आए 60 से अधिक प्रशिक्षार्थी सहभागिता कर रहे हैं। प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य संस्कृत संभाषण, संगठन कौशल, वैचारिक प्रबोधन तथा सांस्कृतिक नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ केंद्र में आयोजित यह प्रशिक्षण वर्ग संस्कृत संवर्धन एवं राष्ट्रचेतना के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा, जिससे संस्कृत प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं की नई पीढ़ी तैयार होगी।