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मुख्यमंत्री ने 'उत्तरायणी कौथिग-2025' में की शिरकत: लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर दिया जोर

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Dainik India News

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मुख्यमंत्री ने 'उत्तरायणी कौथिग-2025' में की शिरकत: लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर दिया जोर

दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ, 22 जनवरी 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज पर्वतीय महापरिषद द्वारा आयोजित ‘उत्तरायणी कौथिग-2025’ में सहभागिता की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन लोक संस्कृति, परंपराओं, साहित्य और लोककथाओं को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इसे 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरायणी कौथिग पर्व सूर्य के उत्तरायण में जाने के साथ आरंभ होता है और इस आयोजन को पर्वतीय महापरिषद 14 से 23 जनवरी 2025 तक मना रही है। इसमें देशभर से जुड़े पर्वतीय समाज के लोग उत्साह और श्रद्धा के साथ सम्मिलित होते हैं। पिछले दो दशकों से यह आयोजन उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित कर रहा है।

सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत के दो प्रमुख स्वरूप हैं। एक तरफ, त्योहार और पर्व सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हैं, वहीं दूसरी ओर, महापुरुषों और शहीदों की स्मृतियां हमें अपनी ऐतिहासिक धरोहर से जोड़ती हैं। उन्होंने इस आयोजन को लोक गायन, साहित्य और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का अद्भुत संगम बताया।

इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिनमें विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया। साथ ही, कार्यक्रम में पर्वतीय समाज से जुड़ी विभूतियों को सम्मानित किया गया। इनमें पूर्व राज्यपाल और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का विशेष उल्लेख किया गया। सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके त्याग और समर्पण को सराहा।

उत्तराखंड की गौरवशाली विभूतियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और देश के विकास में पर्वतीय समाज की अहम भूमिका रही है। भारत के पहले मुख्यमंत्री भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत, स्वतंत्रता सेनानी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी जैसी विभूतियों ने राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है। उन्होंने देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का भी उल्लेख किया, जो उत्तराखंड की महान विरासत का प्रतीक हैं।

कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव गृह एवं सूचना संजय प्रसाद ,वरिष्ठ भाजपा नेता नरेंद्र सिंह देवड़ी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

‘उत्तरायणी कौथिग’ जैसे आयोजनों ने लोक संस्कृति को संरक्षित करते हुए इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अद्वितीय कार्य किया है, जो 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को मजबूती प्रदान करता है।

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