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श्रीराम आयुष चिकित्सालय में विराट नेत्र-चिकित्सा महाशिविर सम्पन्न

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Dainik India News

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श्रीराम आयुष चिकित्सालय में विराट नेत्र-चिकित्सा महाशिविर सम्पन्न

ग्रामीण अंचल में आरोग्य-सुरक्षा का सशक्त अभियान

विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहभागिता से सैकड़ों नागरिक लाभान्वित

दैनिक इंडिया न्यूज़ 13 Fab 2026 लखनऊ।गायत्री शक्तिपीठ न्यास द्वारा संचालित श्रीराम आयुष चिकित्सालय, रामपुर देवरई (बख्शी तालाब) परिसर में एक वृहद् एवं सुव्यवस्थित नेत्र-चिकित्सीय स्वास्थ्य महाशिविर का आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल औपचारिक चिकित्सा-शिविर न होकर ग्रामीण समाज के लिए आरोग्य-सुरक्षा का एक सुदृढ़ संकल्प सिद्ध हुआ। सेवा, संवेदना और संगठनात्मक दक्षता का अद्भुत समन्वय पूरे आयोजन में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।


कार्यक्रम का शुभारंभ वेदमंत्रों की पावन ध्वनि के मध्य माँ गायत्री, संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य तथा सह-संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा के चित्रों के समक्ष दीपप्रज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। दीपप्रज्वलन का अनुष्ठान निदेशक (मानव संसाधन एवं जनसंपर्क) जितेन्द्र प्रताप सिंह तथा प्रबंधन सचिव डॉ. ए.पी. शुक्ल द्वारा संपादित किया गया। संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं लोकसेवा-संकल्प से अनुप्राणित दिखाई दिया।


इस स्वास्थ्य महाशिविर के सह-प्रयोजक के रूप में सीतापुर नेत्र चिकित्सालय की विशेषज्ञ चिकित्सक टीम, दक्ष तकनीशियन तथा कर्मचारीगण सक्रिय रूप से सहभागी रहे। डॉ. ए.पी. शुक्ल द्वारा चिकित्सक दल का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिनंदन किया गया तथा जितेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा सम्मान-पट्टिका एवं गायत्री साहित्य भेंट कर उनका गौरव-वर्धन किया गया। यह दृश्य चिकित्सा-सेवा और सांस्कृतिक आदर-भाव का प्रेरक संगम बन गया।


ग्रामीण क्षेत्र से सैकड़ों महिला एवं पुरुषों ने पंजीकरण कर शिविर का लाभ प्राप्त किया। नेत्र-रोग संबंधी परामर्श के उपरांत आवश्यकतानुसार अत्यंत न्यून मूल्य पर चश्मे एवं औषधियाँ उपलब्ध कराई गईं। शिविर में विभिन्न पैथोलॉजी जाँचें निःशुल्क संपादित की गईं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को विशेष राहत प्राप्त हुई।


जिन रोगियों को नेत्र-शल्यक्रिया की आवश्यकता पाई गई, उनका विशेष पंजीकरण कर उन्हें सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में शल्य-उपचार हेतु प्रेषित करने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। उल्लेखनीय है कि दो सौ से अधिक रोगियों ने पूर्व-पंजीकरण कराया था, जबकि आयोजन दिवस पर भी सैकड़ों नागरिक विभिन्न चिकित्सीय विभागों में परामर्श हेतु उपस्थित रहे।
रामपुर देवरई, बख्शी तालाब स्थित यह केंद्र आयुष पद्धति तथा अन्य चिकित्सा-विधाओं के माध्यम से ग्रामीण अंचल में सुलभ एवं समन्वित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहा है। मेजर वी.के. खरे तथा गायत्री परिवार के समर्पित सदस्यगणों के सतत प्रयासों से विकसित यह संस्थान आज जन-विश्वास का सुदृढ़ आधार बन चुका है।
यह महाशिविर सेवा-धर्म, सामाजिक उत्तरदायित्व और चिकित्सा-समर्पण का सशक्त उदाहरण सिद्ध हुआ, जिसने यह प्रमाणित कर दिया कि संगठित प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य-जागरण का व्यापक विस्तार संभव है।

उल्लेखनीय है कि सीतापुर स्थित नेत्र विशेषज्ञ चिकित्सालय के कुशल नेत्र-विशेषज्ञों तथा उनके सहयोगी पैरामेडिकल कर्मियों सहित कुल पंद्रह सदस्यीय समर्पित दल द्वारा यह समूचा सेवा-अभियान अत्यंत निष्ठा, अनुशासन और पेशेवर दक्षता के साथ संपन्न किया गया। चिकित्सा-दल की प्रतिबद्धता ने इस आयोजन को केवल उपचार-केंद्रित कार्यक्रम न रहने देकर उसे मानवीय संवेदना के सजीव उत्सव में रूपांतरित कर दिया। इस अवसर पर नेत्र-विशेषज्ञ चिकित्सक दल एवं लाभान्वित रोगियों के अतिरिक्त धनपाल सिंह (फौजी), यशपाल सिंह, तेज प्रताप सिंह, निदेशक (प्रशासन) पुनीत खरे, मीडिया प्रभारी राजन मिश्रा, गिरिजा शंकर तिवारी तथा पवन मिश्रा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को और अधिक प्रतिष्ठित किया। उनकी सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज के विविध आयाम एकसूत्रता में बंधते हैं, तब सेवा केवल दायित्व नहीं रहती—वह लोकमंगल की सशक्त साधना बन जाती है।

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