ब्रेकिंग न्यूज़
ढाई लाख युवाओं की मेहनत पर भारी पड़े रसूखदार रिश्ते? विधानसभा भर्ती विवाद की परतें खोल रहे न्यायालयी अभिलेख | संस्कृत के जयघोष से गूंजा दिल्ली विश्वविद्यालय | 821 करोड़ की JPNIC अब निजी हाथों में—नौ साल का इंतजार खत्म या चुनाव से पहले बड़ा फैसला? | 821 करोड़ की इमारत, नौ साल का सन्नाटा और अब निजी चाबी—JPNIC पर सवालों की वह श्रृंखला जिसका जवाब जनता तलाश रही है | सत्ता के शिखर पर पहुंचकर संस्कृति की शरण—डॉ. नीरज सिंह ने जन्मदिवस पर रचा 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का अनुपम अध्याय | जिस दिन भारत संस्कृत भूल गया, उसी दिन अपनी स्मृति का एक अध्याय खो बैठा- प्रमोद पंडित | राष्ट्र के प्रहरियों की कलाई पर बंधा रक्षा-सूत्र | हवा में डगमगाया विमान, पलभर में थम गई दो जिंदगियां | ढाई लाख युवाओं की मेहनत पर भारी पड़े रसूखदार रिश्ते? विधानसभा भर्ती विवाद की परतें खोल रहे न्यायालयी अभिलेख | संस्कृत के जयघोष से गूंजा दिल्ली विश्वविद्यालय | 821 करोड़ की JPNIC अब निजी हाथों में—नौ साल का इंतजार खत्म या चुनाव से पहले बड़ा फैसला? | 821 करोड़ की इमारत, नौ साल का सन्नाटा और अब निजी चाबी—JPNIC पर सवालों की वह श्रृंखला जिसका जवाब जनता तलाश रही है | सत्ता के शिखर पर पहुंचकर संस्कृति की शरण—डॉ. नीरज सिंह ने जन्मदिवस पर रचा 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का अनुपम अध्याय | जिस दिन भारत संस्कृत भूल गया, उसी दिन अपनी स्मृति का एक अध्याय खो बैठा- प्रमोद पंडित | राष्ट्र के प्रहरियों की कलाई पर बंधा रक्षा-सूत्र | हवा में डगमगाया विमान, पलभर में थम गई दो जिंदगियां |
हाइलाइट न्यूज़
राजनाथ सिंह का जन्मदिन मनाया सेवा कार्यों के साथ, मरीजों में बांटे फल नगर निगम में जल निगम और सफाई निरीक्षक पर बिफरे पार्षद, मेयर को भी सुनाई खरी-खरी स्त्री वेलफेयर फाउंडेशन ने लखनऊ के 18 स्थानों पर एक साथ झंडारोहण करके मनाया स्वतंत्रता दिवस मुख्यमंत्री गोरखपुर में भारत सेवाश्रम संघ द्वारा महाअष्टमी के अवसर पर आयोजित माँ दुर्गा पूजा समारोह में सम्मिलित हुए दीपावली पर वायु प्रदूषण का बढ़ता संकट: CSIR-IITR की रिपोर्ट ने किया सचेत Herbalife Under Legal Scrutiny: Examining the Claims and Loopholes राज्य महिला आयोग द्वारा जनसुनवाई आयोजित, महिला उत्पीड़न के मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश ऑल इंडिया रैंक हासिल करने वाले वारियर्स डिफेंस एकेडमी के विद्यार्थियों का भव्य सम्मान समारोह संपन्न राजनाथ सिंह का जन्मदिन मनाया सेवा कार्यों के साथ, मरीजों में बांटे फल नगर निगम में जल निगम और सफाई निरीक्षक पर बिफरे पार्षद, मेयर को भी सुनाई खरी-खरी स्त्री वेलफेयर फाउंडेशन ने लखनऊ के 18 स्थानों पर एक साथ झंडारोहण करके मनाया स्वतंत्रता दिवस मुख्यमंत्री गोरखपुर में भारत सेवाश्रम संघ द्वारा महाअष्टमी के अवसर पर आयोजित माँ दुर्गा पूजा समारोह में सम्मिलित हुए दीपावली पर वायु प्रदूषण का बढ़ता संकट: CSIR-IITR की रिपोर्ट ने किया सचेत Herbalife Under Legal Scrutiny: Examining the Claims and Loopholes राज्य महिला आयोग द्वारा जनसुनवाई आयोजित, महिला उत्पीड़न के मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश ऑल इंडिया रैंक हासिल करने वाले वारियर्स डिफेंस एकेडमी के विद्यार्थियों का भव्य सम्मान समारोह संपन्न
उत्तर प्रदेश सरकार English

संगठनात्मक स्मृतियों के आलोक में आत्मीय संवाद का क्षण,जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आनंदवर्धन त्यागी से की सद्भावना भेंट

D

Dainik India News

5885 views
संगठनात्मक स्मृतियों के आलोक में आत्मीय संवाद का क्षण,जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आनंदवर्धन त्यागी से की सद्भावना भेंट

दैनिक इंडिया न्यूज़,नोएडा। सामाजिक और संगठनात्मक जीवन में वे क्षण अत्यंत अर्थपूर्ण माने जाते हैं, जब वर्षों की साधना, अनुभव और संघर्षों की स्मृतियाँ पुनः जीवंत होकर आत्मीय संवाद का रूप ले लेती हैं। ऐसा ही एक भावपूर्ण अवसर उस समय उपस्थित हुआ, जब नेशनल फेडरेशन ऑफ इंश्योरेंस फील्ड वर्कर्स ऑफ इंडिया के पूर्व क्षेत्रीय सचिव (उत्तर मध्य क्षेत्र) जितेन्द्र प्रताप सिंह ने संगठन के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव आनंदवर्धन त्यागी से शिष्टाचार भेंट कर अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। यह भेंट केवल औपचारिक मुलाकात भर नहीं रही, बल्कि संगठनात्मक समर्पण, संघर्ष और दायित्वबोध की दीर्घ यात्रा का एक भावपूर्ण पुनर्स्मरण भी बन गई।


भारतीय जीवन बीमा निगम के विकास अधिकारियों के हितों के संरक्षण, उनके अधिकारों की उन्नति तथा सेवा शर्तों में सतत सुधार के लिए समर्पित इस संगठन ने वर्षों तक अपने सदस्यों के हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी संगठनात्मक धारा में सक्रिय रहते हुए जितेन्द्र प्रताप सिंह और आनंदवर्धन त्यागी ने दीर्घ काल तक विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। लखनऊ से अपने-अपने पदों से सेवानिवृत्त होने के उपरांत भी दोनों व्यक्तित्वों का संगठन के प्रति समर्पण और आत्मीयता आज भी उतनी ही सशक्त और प्रेरणादायी बनी हुई है।


इस आत्मीय भेंट के दौरान दोनों वरिष्ठ पदाधिकारियों के मध्य संगठन की दीर्घ यात्रा से जुड़े अनेक संस्मरणों और अनुभवों की विस्तृत समीक्षा हुई। बीते वर्षों की चुनौतियों, संघर्षों और उपलब्धियों का स्मरण करते हुए दोनों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसके सदस्यों की एकता, विश्वास और पारस्परिक सहयोग में निहित होती है। इसी संदर्भ में ऋग्वेद का यह प्रेरणादायी वाक्य— “संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्” —अर्थात साथ चलें, साथ विचार करें और हमारे मन एक समान हों—संगठनात्मक जीवन की मूल भावना को पुनः सजीव करता प्रतीत हुआ।


संवाद के क्रम में यह स्पष्ट रूप से अनुभव किया गया कि संगठन की शक्ति केवल पदों में नहीं, बल्कि उन मूल्यों में निहित होती है, जिनके आधार पर कार्यकर्ता अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। जितेन्द्र प्रताप सिंह और आनंदवर्धन त्यागी ने अपने कार्यकाल के दौरान सदैव सदस्य हितों को सर्वोपरि रखते हुए संगठन को सुदृढ़ बनाने का सतत प्रयास किया। उनके कार्यकाल की यही विशेषता रही कि उन्होंने संगठनात्मक अनुशासन, पारस्परिक विश्वास और सेवा भाव को अपनी कार्यशैली का आधार बनाया।


भेंट के समापन क्षणों में जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आत्मीयता के साथ संगठन के प्रति अपने निरंतर सहयोग का आश्वासन व्यक्त करते हुए पारिवारिक कुशलक्षेम की मंगलकामनाएँ प्रकट कीं। वहीं आनंदवर्धन त्यागी ने भी इस स्नेहपूर्ण भेंट के लिए आभार व्यक्त करते हुए संगठन के प्रति अपने अटूट सद्भाव को पुनः अभिव्यक्त किया। इस आत्मीय मिलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि संगठनात्मक जीवन में पद समाप्त हो सकते हैं, परंतु समर्पण, आत्मीयता और साझा उद्देश्य की भावना कभी समाप्त नहीं होती—वही भावना किसी भी संगठन को स्थायित्व और शक्ति प्रदान करती है।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!