यात्रियों की सुरक्षा, महिला सम्मान और अपराध नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता
हरिद्वार अर्धकुम्भ-2027 के लिए अभी से तैयार हो व्यापक सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन खाका
दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा भावी आवश्यकताओं का विस्तृत परीक्षण करते हुए रेलवे सुरक्षा तंत्र को और अधिक आधुनिक, प्रौद्योगिकी-संपन्न तथा परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के सर्वाधिक रेल यातायात वाले प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ प्रतिदिन लाखों यात्री रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा, महिला सम्मान, अपराध नियंत्रण तथा त्वरित पुलिस सहायता शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे नेटवर्क में अपराध, अराजकता और असामाजिक तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। कानून-व्यवस्था के प्रति ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति को पूर्ण कठोरता और प्रतिबद्धता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने रेलवे परिसरों, प्लेटफॉर्मों तथा ट्रेनों में सुरक्षा सुदृढ़ीकरण हेतु अत्याधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर बल दिया।
बैठक में डीजी रेलवे द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 1867 में स्थापित जीआरपी उत्तर प्रदेश वर्तमान में छह अनुभागों, 65 थानों तथा 89 अस्थायी चौकियों के माध्यम से कार्यरत है। यह प्रतिदिन 3,031 से अधिक ट्रेनों, लगभग 1,550 रेलवे स्टेशनों तथा 30 लाख से अधिक यात्रियों की सुरक्षा का दायित्व निभा रही है। मुख्यमंत्री ने रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा स्थानीय पुलिस के मध्य समन्वय को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
रेलवे ट्रैक सुरक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि संयुक्त गश्त, ड्रोन आधारित निगरानी, सीसीटीवी तंत्र, डिजिटल सत्यापन, निरीक्षण एप के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, मुखबिर तंत्र के सुदृढ़ीकरण तथा कबाड़ बाजारों एवं संवेदनशील स्थलों की निरंतर निगरानी जैसे उपाय अपनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ट्रेनों एवं रेलवे परिसरों में पत्थरबाजी जैसी घटनाओं के पूर्ण उन्मूलन हेतु विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने अवगत कराया कि जन-जागरूकता अभियानों, सुरक्षा चौपालों, अभिभावकों एवं युवाओं की काउंसिलिंग, ‘रेल मित्र’ नेटवर्क, त्वरित अभियोजन तथा प्रभावी निगरानी के परिणामस्वरूप विभिन्न रेल मंडलों में पत्थरबाजी की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
भीड़ प्रबंधन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि त्योहारों, विशाल आयोजनों, भर्ती परीक्षाओं तथा अन्य विशेष अवसरों पर यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने प्रवेश एवं निकास नियंत्रण, कतार प्रबंधन, सार्वजनिक उद्घोषणाओं, चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी तथा रेलवे प्रशासन के साथ समन्वित कार्ययोजना के माध्यम से भीड़ नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।
महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए मुख्यमंत्री ने रेलवे नेटवर्क में महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मानव तस्करी तथा गुमशुदा बच्चों की बरामदगी से जुड़े अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
बैठक में जानकारी दी गई कि ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के अंतर्गत 1 जनवरी 2026 से 26 मई 2026 तक 860 बच्चों को सकुशल बरामद किया गया है। विभिन्न अभियानों के माध्यम से अब तक 2,325 व्यक्तियों को उनके परिजनों से पुनर्मिलन कराने में सफलता प्राप्त हुई है। हरदोई जीआरपी थाना उत्तर भारत का प्रथम आईएसओ-9001 प्रमाणित जीआरपी थाना बन चुका है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यकुशलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने अभियोजन प्रणाली की समीक्षा करते हुए अपराधियों को त्वरित एवं प्रभावी दंड सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जीआरपी के विस्तार एवं आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक मानव संसाधनों की उपलब्धता, आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था तथा आधारभूत संरचना के विकास हेतु राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही अन्य आवश्यकताओं के संबंध में रेलवे मंत्रालय एवं रेलवे बोर्ड के साथ समन्वित संवाद स्थापित करने को कहा।
वर्ष 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार अर्धकुम्भ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभी से व्यापक सुरक्षा, यातायात नियंत्रण तथा भीड़ प्रबंधन की समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने संबंधित जनपदों, सुरक्षा एजेंसियों एवं प्रशासनिक इकाइयों के मध्य समयबद्ध समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए कोई भी कमी स्वीकार्य नहीं होगी।
मुख्यमंत्री की यह समीक्षा बैठक प्रदेश में रेलवे सुरक्षा तंत्र को अधिक सुदृढ़, उत्तरदायी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विश्वासपूर्ण रेल यात्रा का वातावरण प्राप्त होगा।