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चुनाव आयोग पर कांग्रेस के हमलों पर भड़के सुधांशु त्रिवेदी, बोले— 'आपातकाल के 50 साल बाद भी नहीं बदली मानसिकता'

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Dainik India News

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चुनाव आयोग पर कांग्रेस के हमलों पर भड़के सुधांशु त्रिवेदी, बोले— 'आपातकाल के 50 साल बाद भी नहीं बदली मानसिकता'

दैनिक इंडिया न्यूज़ ,नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार करार दिया है। उन्होंने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह वही मानसिकता है जिसने 1975 में देश पर आपातकाल थोप दिया था, और अब 50 साल बाद भी कांग्रेस की सोच में कोई बदलाव नहीं आया है।

त्रिवेदी ने कहा, “कांग्रेस, इंडिया गठबंधन और खासकर राहुल गांधी जिस तरह से संवैधानिक संस्थाओं को चुनावी हार-जीत के आधार पर आँकते हैं, वह इंदिरा गांधी की उस सोच का विस्तार है जिसमें कहा गया था कि चुनाव जीतने पर ही संस्थाएं वैध मानी जाएंगी। आज राहुल गांधी उसी राह पर चल रहे हैं और कह रहे हैं कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता हमारी जीत-हार से तय होगी।”

भाजपा प्रवक्ता ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के संदर्भ में कांग्रेस की दोहरी मानसिकता को उजागर करते हुए कहा, “इन्हीं के अपने नेता, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव और महाराष्ट्र प्रभारी आशीष दुआ, 2018 से 2024 तक महाराष्ट्र की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, उन्होंने खुद माना है कि कांग्रेस की हार की वजह संगठन की कमजोरी और भाजपा-शिवसेना गठबंधन की मजबूती थी, न कि चुनाव आयोग की भूमिका।”

सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की उस धमकी की भी कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग को खुलेआम चेताया था कि बिहार में एसआईआर अभियान को लेकर विपक्ष आयोग के पीछे पड़ जाएगा। इस पर त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कहा कि, “जो दल स्वयं को लोकतंत्र का रक्षक बताता है, उसकी भाषा खुलेआम धमकी देने वाली होती है। इससे बड़ा लोकतंत्र का अपमान और क्या हो सकता है?”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी बार-बार वही पुरानी मानसिकता प्रदर्शित कर रहे हैं, जहाँ संस्थानों की निष्पक्षता पर भरोसा नहीं, बल्कि दबाव बनाकर मनमाफिक फैसले लेने की कोशिश होती है।

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