ब्रेकिंग न्यूज़
18 मई से सीवर संकट में डूबा सेक्टर-जे: शिकायतों के ढेर पर बैठा सिस्टम, आखिर कब मिलेगी राहत? | लखनऊ के चंदर नगर में व्यापारियों का हुंकार सम्मेलन: “अब उत्पीड़न नहीं सहेंगे व्यापारी, सत्ता के गलियारों तक पहुँचेगी बाज़ार की आवाज़” | “न्याय के आगे झुका सत्ता का अहंकार — आखिरकार ललित किशोर तिवारी ने ली पार्षद पद की शपथ | अवध बार के महासचिव से टकराना पड़ा भारी, मेयर के अधिकार सीज | भीषण गर्मी एवं लू के प्रकोप को देखते हुए जिलाधिकारी सख्त, 23 मई से ग्रीष्मावकाश घोषित करने के निर्देश | जनगणना-2027 का शुभारंभ : विकास की नई रूपरेखा तैयार करेगा मकान गणना एवं सूचीकरण अभियान | हीट वेव को लेकर प्रशासन अलर्ट : जिलाधिकारी ने सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश, कहा— अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही घर से निकलें | मऊ में मेडिकल स्टोर पर औषधि विभाग का शिकंजा : निरीक्षण में मिली गंभीर अनियमितताएं, संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच हेतु भेजे गए | 18 मई से सीवर संकट में डूबा सेक्टर-जे: शिकायतों के ढेर पर बैठा सिस्टम, आखिर कब मिलेगी राहत? | लखनऊ के चंदर नगर में व्यापारियों का हुंकार सम्मेलन: “अब उत्पीड़न नहीं सहेंगे व्यापारी, सत्ता के गलियारों तक पहुँचेगी बाज़ार की आवाज़” | “न्याय के आगे झुका सत्ता का अहंकार — आखिरकार ललित किशोर तिवारी ने ली पार्षद पद की शपथ | अवध बार के महासचिव से टकराना पड़ा भारी, मेयर के अधिकार सीज | भीषण गर्मी एवं लू के प्रकोप को देखते हुए जिलाधिकारी सख्त, 23 मई से ग्रीष्मावकाश घोषित करने के निर्देश | जनगणना-2027 का शुभारंभ : विकास की नई रूपरेखा तैयार करेगा मकान गणना एवं सूचीकरण अभियान | हीट वेव को लेकर प्रशासन अलर्ट : जिलाधिकारी ने सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश, कहा— अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही घर से निकलें | मऊ में मेडिकल स्टोर पर औषधि विभाग का शिकंजा : निरीक्षण में मिली गंभीर अनियमितताएं, संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच हेतु भेजे गए |
हाइलाइट न्यूज़
होली के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं- राजन मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने शहीद स्मारक के जीर्णोद्धार हेतु किया भूमि पूजन राजा महेंद्र प्रताप सिंह एक महान क्रांतिकारी व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का संक्षिप्त जीवन परिचय President of Sanskrit Bharati Nyas congratulates Director of S.R. College on improved ranking ससुरालजनों ने विवाहिता की जमकर की पिटाई मुकदमा दर्ज सीएम.योगी ने कल्याण सिंह की प्रथम पुण्य तिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण कर जनता को दिया संदेश समाधान दिवस में जिलाधिकारी मऊ का दिखा कड़ा रुख जनता के हित में अवैध निर्माण पर चलवाया बुलडोजर बैंक ऋण जमा न करने पर जिलाधिकारी ने 8 लोगों की बंधक अचल संपत्तियों को सरफेसी एक्ट के तहत संबंधित बैंकों को हस्तांतरित करने का जारी किया आदेश होली के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं- राजन मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने शहीद स्मारक के जीर्णोद्धार हेतु किया भूमि पूजन राजा महेंद्र प्रताप सिंह एक महान क्रांतिकारी व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का संक्षिप्त जीवन परिचय President of Sanskrit Bharati Nyas congratulates Director of S.R. College on improved ranking ससुरालजनों ने विवाहिता की जमकर की पिटाई मुकदमा दर्ज सीएम.योगी ने कल्याण सिंह की प्रथम पुण्य तिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण कर जनता को दिया संदेश समाधान दिवस में जिलाधिकारी मऊ का दिखा कड़ा रुख जनता के हित में अवैध निर्माण पर चलवाया बुलडोजर बैंक ऋण जमा न करने पर जिलाधिकारी ने 8 लोगों की बंधक अचल संपत्तियों को सरफेसी एक्ट के तहत संबंधित बैंकों को हस्तांतरित करने का जारी किया आदेश
अपराध ब्रेकिंग हिन्दी

18 मई से सीवर संकट में डूबा सेक्टर-जे: शिकायतों के ढेर पर बैठा सिस्टम, आखिर कब मिलेगी राहत?

D

Dainik India News

5 views
18 मई से सीवर संकट में डूबा सेक्टर-जे: शिकायतों के ढेर पर बैठा सिस्टम, आखिर कब मिलेगी राहत?

महापौर, विधायक, नगर आयुक्त, पार्षद और मुख्यमंत्री पोर्टल तक पहुंची गुहार, फिर भी नहीं टूटी अधिकारियों की नींद; घरों में घुस रहा सीवर, दुर्गंध से त्रस्त लोग

दैनिक इंडिया न्यूज लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित सेक्टर-जे में रहने वाले नागरिक पिछले कई दिनों से सीवर की भयावह समस्या का सामना कर रहे हैं। मकान संख्या E-111/685 से लेकर E-111/703 तक के अनेक परिवार सीवर बैकफ्लो, सड़कों पर बहते गंदे पानी और असहनीय दुर्गंध के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि कई घरों में सीवर का पानी वापस लौटकर प्रवेश कर रहा है और पूरा क्षेत्र बदबू व गंदगी की चपेट में है।

Article image

क्षेत्रीय निवासी एवं जागृति जन कल्याण समिति के अध्यक्ष दया शंकर शुक्ला ने इस गंभीर समस्या को लेकर लगातार आवाज उठाई है। उन्होंने अपने संगठन के आधिकारिक लेटरपैड के माध्यम से क्षेत्रीय पार्षद, महापौर, विधायक, नगर आयुक्त सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को लिखित रूप से समस्या से अवगत कराया। इतना ही नहीं, समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

18 मई को दर्ज हुई शिकायत, लेकिन समाधान अब भी गायब

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 मई 2026 को संबंधित निजी कंपनी SUEZCS में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत संख्या SCRM No. C2026053931 जारी करते हुए कंपनी ने शीघ्र समाधान का भरोसा दिया था। शिकायत दर्ज होने का संदेश भी मोबाइल पर प्राप्त हुआ, जिसमें समस्या के जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया गया था। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी न तो समस्या का समाधान हुआ और न ही क्षेत्रवासियों को राहत मिल सकी।

आश्वासन की राजनीति, कार्रवाई शून्य

स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों मनोज तिवारी और रजनीश से कई बार दूरभाष पर संपर्क किया गया। हर बार जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया गया, लेकिन मौके पर कोई प्रभावी कार्य नहीं हुआ। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब फोन उठाना भी मुश्किल हो गया है और समस्या को लगातार टालने का प्रयास किया जा रहा है।

लोगों का सवाल—क्या हम सिर्फ शिकायत नंबर लेने के लिए हैं?

नागरिकों का कहना है कि शिकायत दर्ज करने के बाद केवल एक शिकायत संख्या देकर जिम्मेदार एजेंसियां अपने कर्तव्यों की इतिश्री मान लेती हैं। धरातल पर न तो कोई निरीक्षण होता है और न ही समस्या का स्थायी समाधान। लोगों का आरोप है कि उन्हें उनकी किस्मत पर छोड़ दिया गया है और वे गंदगी, बीमारी और दुर्गंध के बीच जीवन बिताने को विवश हैं।

निजीकरण के बाद बढ़ी परेशानी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले सीवर व्यवस्था का संचालन सरकारी विभाग जल संस्थान के माध्यम से किया जाता था, लेकिन अब यह जिम्मेदारी निजी कंपनी को सौंप दी गई है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि शिकायतों के बाद भी समय पर समाधान नहीं मिलेगा तो जवाबदेही किसकी तय होगी?

जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर भी गहरा आक्रोश है कि जब पूरा मोहल्ला सीवर संकट से जूझ रहा है, तब क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी आखिरकार मौन क्यों हैं। चुनाव के समय विकास और जनसेवा के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जब नागरिक मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करते हैं तो उनकी सुनवाई तक नहीं होती।

बीमारी का खतरा, बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक खुले में बहता सीवर और जलभराव मच्छरों तथा संक्रामक बीमारियों को जन्म दे सकता है। ऐसे में यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यह केवल एक स्थानीय समस्या नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप भी ले सकती है।

आखिर जिम्मेदार कौन?

जब एक सामाजिक संगठन के अध्यक्ष द्वारा लिखित शिकायतें भेजी जाएं, जब पार्षद से लेकर महापौर, विधायक, नगर आयुक्त और मुख्यमंत्री पोर्टल तक गुहार लगाई जाए, जब शिकायत संख्या जारी हो जाए, तब भी यदि नागरिकों को राहत न मिले तो यह व्यवस्था की संवेदनहीनता का गंभीर उदाहरण माना जाएगा।

अलीगंज सेक्टर-जे के नागरिक आज यही पूछ रहे हैं

क्या उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई है....क्या शिकायतें केवल कागजों और मोबाइल संदेशों तक सीमित रह जाएंगी... और आखिर कब तक लोग अपने ही घरों में सीवर और दुर्गंध के बीच जीने को मजबूर रहेंगे?

फिलहाल, क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन, नगर निगम, संबंधित निजी कंपनी और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं। अब समय आ गया है कि आश्वासनों की जगह धरातल पर कार्रवाई दिखाई दे, क्योंकि नागरिकों का धैर्य लगातार टूट रहा है और समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही है।

अलीगंज सेक्टर-जे के नागरिक आज भी राहत की आस लगाए बैठे हैं। उनकी पीड़ा, उनकी शिकायतें और उनका संघर्ष अब केवल कागजों और मोबाइल संदेशों में सिमटकर रह गया प्रतीत होता है। सीवर और दुर्गंध के बीच जीवन यापन करने को मजबूर लोग यह उम्मीद लगाए हुए हैं कि शायद किसी दिन जिम्मेदार तंत्र उनकी आवाज सुनेगा और इस नारकीय स्थिति से उन्हें मुक्ति मिलेगी।

टैग्स:

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!