योग भारत की सनातन जीवन-पद्धति, विश्व कल्याण का आधार : आनंद द्विवेदी


दैनिक इंडिया न्यूज़ 21 जून 2026 लखनऊ। भारत की प्राचीन ऋषि-परंपरा द्वारा प्रदत्त योग की वैश्विक प्रतिष्ठा के प्रतीक 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी लखनऊ महानगर द्वारा महानगर के सभी 25 मंडलों में भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विभिन्न पार्कों, सार्वजनिक स्थलों एवं शिक्षण संस्थानों में आयोजित इन कार्यक्रमों में प्रदेश एवं महानगर के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया।
रेजीडेंसी परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने योगाभ्यास कर उपस्थित जनसमूह को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन का संदेश दिया। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल माध्यम से प्रसारित प्रेरणादायी उद्बोधन का श्रवण किया। प्रधानमंत्री ने योग को ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ की अवधारणा का सशक्त माध्यम बताते हुए मानवता के समग्र कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने वाला बताया।
महानगर के विभिन्न मंडलों में भी उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। पश्चिम मंडल-3 के राजाजीपुरम ब्लॉक-सी में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह एवं भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने योगाभ्यास में सहभागिता की। पूरब मंडल-2 के स्वर्ण जयंती पार्क में विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव, गोमतीनगर स्थित रवींद्र पल्ली पार्क में प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल, उत्तर मंडल-2 के सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अलीगंज में प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता, उत्तर मंडल-3 के निरालानगर पार्क में प्रदेश मंत्री शिव भूषण सिंह, पश्चिम मंडल-4 के नेपियर रोड कॉलोनी पार्क में अंजनी श्रीवास्तव तथा मध्य मंडल-2 के मॉडर्न पार्क में रजनीश गुप्ता ने योग कार्यक्रमों में सहभागिता कर जनमानस को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि योग केवल व्यायाम की प्रक्रिया नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। यह व्यक्ति को शारीरिक सुदृढ़ता, मानसिक स्थिरता एवं आध्यात्मिक संतुलन प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज योग वैश्विक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुका है और विश्व के करोड़ों लोग इसे अपनी जीवनचर्या में आत्मसात कर रहे हैं।
कार्यक्रमों के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने नियमित योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ, समर्थ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। योगमय वातावरण, राष्ट्रभक्ति के उद्घोष तथा जनसहभागिता ने इस अवसर को स्वास्थ्य, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना के अद्वितीय उत्सव में परिवर्तित कर दिया।