ब्रेकिंग न्यूज़
अदालत की चेतावनी, मंत्री की नाराजगी और बदलती कुर्सियां... आखिर उत्तर प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था में कौन सुन रहा है किसकी? | अदालत की चेतावनी, मंत्री की नाराजगी और बदलती कुर्सियां... आखिर उत्तर प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था में कौन सुन रहा है किसकी? | यूपी की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल: विभाग बदले, चेहरे घुमाए, सवाल वही रहे | रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से जितेन्द्र प्रताप सिंह की शिष्टाचार भेंट | पीजीआईसीएच में सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बदल रही बाल-चिकित्सा की तस्वीर : जितेंद्र प्रताप सिंह | जागृति’ के संदेश के साथ 79वें संत समागम की सेवा का शुभारंभ | ₹1.04 करोड़ के भूमि मुआवजे पर गहराता विवाद, बैनामे से दाखिल-खारिज तक उठे गंभीर प्रश्न | Child AIIMS Noida’s Pediatric Healthcare Expansion Gains Momentum: Courtesy Meeting Between Dr. A.K. Singh and Jitendra Pratap Singh | अदालत की चेतावनी, मंत्री की नाराजगी और बदलती कुर्सियां... आखिर उत्तर प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था में कौन सुन रहा है किसकी? | अदालत की चेतावनी, मंत्री की नाराजगी और बदलती कुर्सियां... आखिर उत्तर प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था में कौन सुन रहा है किसकी? | यूपी की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल: विभाग बदले, चेहरे घुमाए, सवाल वही रहे | रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से जितेन्द्र प्रताप सिंह की शिष्टाचार भेंट | पीजीआईसीएच में सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बदल रही बाल-चिकित्सा की तस्वीर : जितेंद्र प्रताप सिंह | जागृति’ के संदेश के साथ 79वें संत समागम की सेवा का शुभारंभ | ₹1.04 करोड़ के भूमि मुआवजे पर गहराता विवाद, बैनामे से दाखिल-खारिज तक उठे गंभीर प्रश्न | Child AIIMS Noida’s Pediatric Healthcare Expansion Gains Momentum: Courtesy Meeting Between Dr. A.K. Singh and Jitendra Pratap Singh |
हाइलाइट न्यूज़
योगी सरकार के प्रयास से सब मिलकर फिर करेंगे यूपी को हरा-भरा   सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर भाजपा ने 'रन फॉर यूनिटी' के साथ दी श्रद्धांजलि डीपफेक और दुष्प्रचार लोकतंत्र पर प्रच्छन्न प्रहार : ओम बिरला जनता दर्शन में अपनी दादी के साथ आए दो मासूम भाई,सीएम हुये भावुक कैप्टन शुभांशु शुक्ला के लखनऊ आगमन पर भव्य स्वागत-अभिनंदन की तैयारी परिष्कार ही संस्कार है- हरिंद्र सिंह श्रावण मास में सीएम योगी ने तीसरी बार किये बाबा विश्वनाथ व काशी कोतवाल के दर्शन  नोएडा में एक युवक नहीं डूबा, मानवता डूब गई — कैमरों के बीच बुझता रहा जीवन, व्यवस्था देखती रही तमाशा योगी सरकार के प्रयास से सब मिलकर फिर करेंगे यूपी को हरा-भरा   सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर भाजपा ने 'रन फॉर यूनिटी' के साथ दी श्रद्धांजलि डीपफेक और दुष्प्रचार लोकतंत्र पर प्रच्छन्न प्रहार : ओम बिरला जनता दर्शन में अपनी दादी के साथ आए दो मासूम भाई,सीएम हुये भावुक कैप्टन शुभांशु शुक्ला के लखनऊ आगमन पर भव्य स्वागत-अभिनंदन की तैयारी परिष्कार ही संस्कार है- हरिंद्र सिंह श्रावण मास में सीएम योगी ने तीसरी बार किये बाबा विश्वनाथ व काशी कोतवाल के दर्शन  नोएडा में एक युवक नहीं डूबा, मानवता डूब गई — कैमरों के बीच बुझता रहा जीवन, व्यवस्था देखती रही तमाशा
स्वास्थ्य English

<em>डॉ प्रदीप कुमार द्विवेदी :विश्व होम्योपैथी दिवस पर कहा बिना स्वास्थ्य के भविष्य नहीं</em>

D

Dainik India News

11141 views
<em>डॉ प्रदीप कुमार द्विवेदी :विश्व होम्योपैथी दिवस पर कहा बिना स्वास्थ्य के भविष्य नहीं</em>

डॉ सैमुअल हैनीमैन, के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

दैनिक इंडिया न्यूज़ हरदोई। जनपद हरदोई में डॉक्टर प्रदीप कुमार द्विवेदी ने विश्व होम्योपैथी दिवस पर डॉ हनीमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर डॉक्टर आदर्श कुमार सिंह एवं डॉक्टर मयंक शुक्ला द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया कार्यक्रम में डॉ प्रदीप दुबे के अलावा चिकित्सा अधिकारी सुशील कुमार भारतीय ,,विश्वनाथ कुमार, डॉ निधि ,डॉ रेनू द्विवेदी एवं डॉ मधु बाजपेई को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया इस अवसर पर विभाग द्वारा आदर्श कुमार सिंह डॉक्टर शुक्ला द्वारा संपादित ई पत्रिका का विमोचन डॉक्टर ए पी सिंह द्वारा किया गया।

पत्रिका के विमोचन पर डॉ द्विवेदी ने कहा, उपचार के रूप में होम्योपैथी का दो शताब्दियों से अधिक का समृद्ध इतिहास है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज विश्व स्वास्थ्य संगठन ने होम्योपैथी को दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती चिकित्सा प्रणाली के रूप में स्वीकार किया है और 80 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

उन्होंने उपराष्ट्रपति के द्वारा विश्व होम्योपैथिक दिवस पर होम्योपैथिक के विस्तार पर अपना मत साझा की किया, उन्होंने उपराष्ट्रपति धनगढ़ को आभार जताते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

World Homeopathy Day: क्यों मनाते हैं विश्व होम्योपैथी दिवस और क्या है इसका इतिहास? जानें

सैमुअल हैनीमैन, फ्रांस के एक प्रतिष्ठित विद्वान और चिकित्सक, होम्योपैथी के संस्थापक हैं। उनका जन्म 10 अप्रैल, 1755 को पेरिस में हुआ था। डॉक्टर के रूप में अपने पहले 15 वर्षों के दौरान जीविकोपार्जन की सख्त कोशिश करते हुए, उन्होंने एक खोज की। उन्होंने कहा कि रोगी की बीमारी का इलाज करने के लिए, बीमारी के लक्षण पैदा करने वाले तत्वों को प्रशासित किया जाना चाहिए। इस प्रकार, होम्योपैथी "लाइक क्योर लाइक" के सिद्धांत पर काम करती है।------

इस साल सैमुअल हैनीमैन की 268वीं जयंती होगी।
भारत में, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया जाता है। होम्योपैथी को भारत की सबसे लोकप्रिय चिकित्सा प्रणालियों में से एक माना जाता है। ये दवाएं उपयोग करने के लिए सुरक्षित हैं क्योंकि यह दावा किया जाता है कि वे शायद ही कभी साइड इफेक्ट का कारण बनती हैं।

महत्व

होम्योपैथी को आगे बढ़ाने के लिए कठिनाइयों और संभावित समाधानों को समझने के लिए विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया जाता है। यह दिन एक चिकित्सा प्रणाली के रूप में होम्योपैथी के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसकी सफलता की दर बढ़ाने की दिशा में काम करने का प्रयास करता है।
होम्योपैथी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों में से एक है जो आमतौर पर रोगी में शरीर की प्राकृतिक उपचार प्रक्रियाओं को प्रेरित करके कार्य करती है। यह मानता है कि प्राकृतिक पदार्थों की खुराक के साथ कृत्रिम रूप से लक्षणों के कारण किसी भी बीमारी का इलाज किया जा सकता है यह मान्यता है कि प्राकृतिक पदार्थों की कम, एवं शक्तिकृत औषधियों द्वारा लक्षणों के आधार पर किसी भी बीमारी का इलाज किया जा सकता है।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!