ब्रेकिंग न्यूज़
आपके बिजली बिल में नई साजिश! आशीष गोयल की नीति से जनता को जानबूझकर तंग किया जा रहा है – मंत्री भी साथ? | प्रधानमंत्री मोदी के 4400 दिवसीय ऐतिहासिक कार्यकाल पर सजी जन चौपाल, मेयर सुषमा खर्कवाल ने सुनीं जनता की समस्याएं | आपके बिजली बिल में नई साजिश! आशीष गोयल की नीति से जनता को जानबूझकर तंग किया जा रहा है – मंत्री भी साथ? | विधानसभा के सत्ता गलियारों में भूचाल! प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, एफआईआर की मांग | संगठन से आगे का संदेश: रामदत्त चक्रधर ने बताया राष्ट्र निर्माण का वह सूत्र जो बदल सकता है भारत का भविष्य | फोटो में हरियाली, धरती पर वीरानी : क्या हम सचमुच पर्यावरण बचाना चाहते हैं: हरिंद्र सिंह | चरित्रवान, संगठित और राष्ट्रनिष्ठ हिन्दू समाज के निर्माण से ही होगा भारत का वैभवोदय : रामदत्त चक्रधर | उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं की मेहनत को कुचलते बड़का बाबुओं के 'फैमिली बिजनेस'? | आपके बिजली बिल में नई साजिश! आशीष गोयल की नीति से जनता को जानबूझकर तंग किया जा रहा है – मंत्री भी साथ? | प्रधानमंत्री मोदी के 4400 दिवसीय ऐतिहासिक कार्यकाल पर सजी जन चौपाल, मेयर सुषमा खर्कवाल ने सुनीं जनता की समस्याएं | आपके बिजली बिल में नई साजिश! आशीष गोयल की नीति से जनता को जानबूझकर तंग किया जा रहा है – मंत्री भी साथ? | विधानसभा के सत्ता गलियारों में भूचाल! प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, एफआईआर की मांग | संगठन से आगे का संदेश: रामदत्त चक्रधर ने बताया राष्ट्र निर्माण का वह सूत्र जो बदल सकता है भारत का भविष्य | फोटो में हरियाली, धरती पर वीरानी : क्या हम सचमुच पर्यावरण बचाना चाहते हैं: हरिंद्र सिंह | चरित्रवान, संगठित और राष्ट्रनिष्ठ हिन्दू समाज के निर्माण से ही होगा भारत का वैभवोदय : रामदत्त चक्रधर | उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं की मेहनत को कुचलते बड़का बाबुओं के 'फैमिली बिजनेस'? |
हाइलाइट न्यूज़
जेई के नेतृत्व में चला बिजली सघन चेकिंग अभियान,उपभोक्ताओं में मचा हड़कंप आदित्यनाथ के कर कमलों द्वारा विधान भवन स्थित तैल चित्रों अनावरणराजर्षि पुरुषोत्तमदास टण्डन हाॅल में किया जायेगा जिलाधिकारी ने गोबर से पेंट बनाने वाली परियोजना का किया शुभारंभ हडको की महाकुंभ 2025 में समाज सेवा की सराहनीय पहल पूर्वोत्तर रेलवे का वाराणसी मंडल बना यात्री सुविधाओं के विकास का मॉडल उत्तराखंड में राज्यपाल बदले जाने पर पूर्व सी एम हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर दागे सवाल प्रदेश स्तरीय खेल के लिए ट्रायल 30 अगस्त को बार-बार रिपोर्ट नॉर्मल, दर्द बरकरार – असली वजह क्या है? जेई के नेतृत्व में चला बिजली सघन चेकिंग अभियान,उपभोक्ताओं में मचा हड़कंप आदित्यनाथ के कर कमलों द्वारा विधान भवन स्थित तैल चित्रों अनावरणराजर्षि पुरुषोत्तमदास टण्डन हाॅल में किया जायेगा जिलाधिकारी ने गोबर से पेंट बनाने वाली परियोजना का किया शुभारंभ हडको की महाकुंभ 2025 में समाज सेवा की सराहनीय पहल पूर्वोत्तर रेलवे का वाराणसी मंडल बना यात्री सुविधाओं के विकास का मॉडल उत्तराखंड में राज्यपाल बदले जाने पर पूर्व सी एम हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर दागे सवाल प्रदेश स्तरीय खेल के लिए ट्रायल 30 अगस्त को बार-बार रिपोर्ट नॉर्मल, दर्द बरकरार – असली वजह क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार English

BIG BREAKING NEWS: Donald Trump की Nobel Journey पर संकट – 5 में से 3 सदस्य विरोध में

D

Dainik India News

23 views
BIG BREAKING NEWS: Donald Trump की Nobel Journey पर संकट – 5 में से 3 सदस्य विरोध में

तुहीन चतुर्वेदी ।दैनिक इंडिया न्यूज़ नई दिल्ली।26 के Nobel Peace Prize को लेकर एक बड़ा धमाका सामने आया है। पाकिस्तान द्वारा पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नामांकन किए जाने के बाद अब खुद Nobel Peace Prize Committee में ही दरारें साफ दिखाई देने लगी हैं।

सूत्रों के अनुसार, समिति के कुल पाँच सदस्यों में से तीन ने खुले तौर पर ट्रंप के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। इन सदस्यों का कहना है कि ट्रंप के कार्यकाल के दौरान लोकतंत्र और मीडिया स्वतंत्रता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगे थे, ऐसे में उन्हें शांति का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार देना विश्वसनीयता पर आघात होगा।

यह घटनाक्रम उस समय और भी चौंकाने वाला बन जाता है जब पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से ट्रंप का नामांकन कर दिया है। सवाल यह है कि— क्या पाकिस्तान की सिफारिश समिति के फैसले पर दबाव बनाने की कोशिश है? और क्या यह नामांकन अंतरराष्ट्रीय राजनीति का नया मोहरा बन चुका है?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब समिति के अधिकांश सदस्य ही असहज हैं, तो क्या ट्रंप का नामांकन औपचारिकता भर साबित होगा? या फिर राजनीतिक लॉबीइंग के चलते इतिहास का सबसे विवादित Nobel Peace Prize देखने को मिलेगा?

Trump की Nobel दौड़ अब बेहद कठिन मोड़ पर खड़ी है।दुनिया भर की निगाहें अब ओस्लो पर टिकी हैं— क्या वाकई ट्रंप शांति के प्रतीक माने जाएंगे, या उनका नामांकन इतिहास के सबसे बड़े विवाद में बदल जाएगा?

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!