मुंबई के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन; रोड शो समेत कार्यक्रमों में देश-विदेश के उत्पादकों और उद्योगपतियों की भागीदारी, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान होंगे मुख्य अतिथि
दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी लखनऊ 13 अगस्त को प्लास्टिक उद्योग के अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य से जुड़ने जा रहा है। प्लास्टीविजन इंडिया 2026 का उद्घाटन सत्र शाम 6:30 बजे आयोजित होगा। आयोजकों के अनुसार, मुंबई के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में इस स्तर का आयोजन रोड शो समेत विभिन्न कार्यक्रमों के साथ किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के उत्पादकों, उद्योगपतियों और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता प्रस्तावित है। आयोजन को उत्तर प्रदेश में प्लास्टिक एवं संबद्ध उद्योगों के लिए नए कारोबारी अवसरों और तकनीकी नवाचार की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्लास्टीविजन इंडिया 2026 के प्रदेश अध्यक्ष विमल शुक्ल ने मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान को आमंत्रित किया है। उन्होंने आयोजन की रूपरेखा की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पहली बार इस तरह का आयोजन होने जा रहा है और इसमें बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय उत्पादकों एवं उद्योगपतियों की सहभागिता होगी। आयोजन के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र में संवाद, संपर्क और संभावित व्यापारिक सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कृत भारती के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संपर्क प्रमुख जितेन्द्र प्रताप सिंह सहित संगठन के राष्ट्रीय और प्रादेशिक पदाधिकारी तथा उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले प्रतिनिधियों की भागीदारी इस आयोजन को केवल औपचारिक उद्घाटन तक सीमित रखने के बजाय उद्योग जगत के बीच संवाद का मंच बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आयोजकों का दावा है कि भारत के कुल निर्यात में प्लास्टिक उद्योग की हिस्सेदारी वर्तमान में लगभग एक प्रतिशत है और इस आयोजन के माध्यम से इसे चार से पांच प्रतिशत तक ले जाने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। हालांकि यह लक्ष्य एक व्यापक औद्योगिक परिकल्पना के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसकी प्राप्ति तकनीकी क्षमता, वैश्विक बाजार, निवेश, उत्पाद गुणवत्ता और निर्यात प्रतिस्पर्धा जैसे अनेक कारकों पर निर्भर करेगी।
उत्तर प्रदेश में बड़े औद्योगिक आयोजनों के माध्यम से निवेश और बाजार से जुड़ाव बढ़ाने की कोशिशों के बीच प्लास्टीविजन इंडिया 2026 का आयोजन भी उद्योग जगत की नजरों में महत्वपूर्ण हो सकता है। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय उत्पादकों और भारतीय उद्योगपतियों के बीच संभावित संपर्क से नई तकनीक, उत्पादन क्षमता और वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं को समझने के अवसर सामने आ सकते हैं।
13 अगस्त का उद्घाटन सत्र इसी औद्योगिक संवाद की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि लखनऊ में होने वाला यह आयोजन प्लास्टिक उद्योग को केवल नई व्यावसायिक संभावनाओं से जोड़ता है या उत्तर प्रदेश को वैश्विक औद्योगिक आपूर्ति शृंखला में अधिक प्रभावी भूमिका दिलाने की दिशा में भी कोई ठोस आधार तैयार करता है।