सार्वजानिक पार्किंग और ई-पार्क की प्रकाश व्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश, गृहकर में बढ़ोतरी की शिकायतों की स्थानीय जांच का आश्वासन; महानगर जन कल्याण समिति ने उठाए नागरिक सरोकारों से जुड़े मुद्दे

दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।लखनऊ में नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर निगम अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। महानगर जन कल्याण समिति के सचिव जितेन्द्र प्रताप सिंह से शिष्टाचार भेंट के दौरान ई-पार्क में प्रकाश व्यवस्था के लिए विद्युत पोल लगवाने के निर्देश मुख्य अभियंता (विद्युत) को दिए गए, जबकि मंदिर मार्ग पर पार्किंग की समस्या और गृहकर से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। मुलाकात में शहर की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं से जुड़े कई मुद्दे सामने आए, जिनमें कुछ पुराने मामलों का संदर्भ भी रहा।
महापौर से मुलाकात के दौरान सिंह ने सीएम ग्रिड योजना के तहत मंदिर मार्ग पर व्यावसायिक गतिविधियों और पार्किंग व्यवस्था का विषय उठाया। उन्होंने क्षेत्र में सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने से उत्पन्न होने वाली असुविधा का उल्लेख करते हुए कपूरथला के निकट भूमिगत पार्किंग की आवश्यकता बताई। सिंह के अनुसार, समिति ने वर्ष 2019 में ही नगर निगम को पत्र भेजकर इस संबंध में अनुरोध किया था। महापौर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आगे आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके बाद ई-पार्क की प्रकाश व्यवस्था का मुद्दा सामने आया। सिंह ने बताया कि पुष्प प्रदर्शनी के दौरान पार्क में चार विद्युत पोल लगाकर रोशनी की व्यवस्था किए जाने पर चर्चा हुई थी, लेकिन यह कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है। नागरिकों की सुविधा को देखते हुए उन्होंने इसे शीघ्र पूरा कराने का आग्रह किया। इस पर महापौर ने तत्काल मुख्य अभियंता (विद्युत) को निर्देशित किया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर विद्युत पोल लगवाने की कार्रवाई की जाए।
बैठक में गृहकर में वृद्धि को लेकर कुछ गृह स्वामियों की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। सिंह ने बताया कि कई गृह स्वामियों का कहना है कि उनके मकानों के हाउस टैक्स में अपेक्षा से अधिक वृद्धि हुई है और उन्हें सर्वे अथवा प्रक्रिया के संबंध में पर्याप्त जानकारी नहीं मिल सकी। उन्होंने ऐसी शिकायतों की स्थानीय स्तर पर जांच कराने का अनुरोध किया। महापौर ने कहा कि प्राप्त शिकायतों की जांच कर वास्तविक स्थिति के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शिष्टाचार भेंट के अंत में दोनों पक्षों ने जनहित से जुड़े विषयों पर संवाद और सहयोग जारी रखने की बात कही। बैठक में उठे मुद्दे सीधे तौर पर शहर की यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं और नगर निकाय से संबंधित नागरिक शिकायतों से जुड़े रहे। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि जिन विषयों पर कार्रवाई के निर्देश अथवा आश्वासन दिए गए हैं, वे जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से आगे बढ़ते हैं।