ब्रेकिंग न्यूज़
राग, रस और परंपरा का अनुपम उत्सव: ललित कला अकादमी के 72वें स्थापना दिवस पर भारतीय संगीत की सुरसरिता में डूबा लखनऊ | आस्था, पर्यावरण और नारीशक्ति का अद्वितीय संगम: माँ जानकी सेवा न्यास ने सुंदरकांड महायज्ञ से किया लोकमंगल के नवयुग का शुभारंभ | ब्रिटिश म्यूज़ियम का ताला टूटने की घड़ी निकट! माँ वाग्देवी की स्वदेश-वापसी का मार्ग प्रशस्त, विधिक मुहर के बाद बढ़ी ऐतिहासिक उम्मीदें | यहीं गढ़े जाएंगे भविष्य के गणितज्ञ: राष्ट्रीय शिक्षा परिदृश्य को नई वैचारिक दिशा देने हेतु लखनऊ में मंथन का महाअनुष्ठान | ब्लाइंड मर्डर एवं लूटकांड में 115 दिनों के भीतर फैसला, तीन दोषियों को आजीवन कारावास | इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्यवाही के बाद नया विवाद: "यदि सार्वजनिक पद पर नहीं थे प्रदीप दुबे, तो विधायक के निलंबन पत्र पर किस अधिकार से किए हस्ताक्षर?" | तीन वर्षों तक देश की राजनीति, खेल और न्याय व्यवस्था को झकझोरने वाले प्रकरण में बड़ा मोड़: बृजभूषण शरण सिंह आरोपों से बरी, अदालत के फैसले ने छेड़ी नई बहस | संघर्ष से स्वाभिमान तक: शाहजहाँपुर की 100 बेटियों ने बदली अपने भविष्य की दिशा | राग, रस और परंपरा का अनुपम उत्सव: ललित कला अकादमी के 72वें स्थापना दिवस पर भारतीय संगीत की सुरसरिता में डूबा लखनऊ | आस्था, पर्यावरण और नारीशक्ति का अद्वितीय संगम: माँ जानकी सेवा न्यास ने सुंदरकांड महायज्ञ से किया लोकमंगल के नवयुग का शुभारंभ | ब्रिटिश म्यूज़ियम का ताला टूटने की घड़ी निकट! माँ वाग्देवी की स्वदेश-वापसी का मार्ग प्रशस्त, विधिक मुहर के बाद बढ़ी ऐतिहासिक उम्मीदें | यहीं गढ़े जाएंगे भविष्य के गणितज्ञ: राष्ट्रीय शिक्षा परिदृश्य को नई वैचारिक दिशा देने हेतु लखनऊ में मंथन का महाअनुष्ठान | ब्लाइंड मर्डर एवं लूटकांड में 115 दिनों के भीतर फैसला, तीन दोषियों को आजीवन कारावास | इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्यवाही के बाद नया विवाद: "यदि सार्वजनिक पद पर नहीं थे प्रदीप दुबे, तो विधायक के निलंबन पत्र पर किस अधिकार से किए हस्ताक्षर?" | तीन वर्षों तक देश की राजनीति, खेल और न्याय व्यवस्था को झकझोरने वाले प्रकरण में बड़ा मोड़: बृजभूषण शरण सिंह आरोपों से बरी, अदालत के फैसले ने छेड़ी नई बहस | संघर्ष से स्वाभिमान तक: शाहजहाँपुर की 100 बेटियों ने बदली अपने भविष्य की दिशा |
हाइलाइट न्यूज़
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास — साउथ अफ्रीका को हराकर जीता पहला विश्व कप National Seminar on Environment and Climate Change ढाबा मालिक को महंगा पड़ा कछुआ पालने का शौक-ग‍िरफ्तार 100 लीटर अपमिश्रित कच्ची शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार नवरात्र पर्व को लेकर पुलिस व फोर्स के जवानों ने मधुबन में निकाला फ्लैग मार्च त्रियदिवसीय राजकीय माध्यमिक स्तर संस्कृत विद्यालय प्रधानाचार्य नेतृत्व क्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न विकास के हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है यूपीः पीएम मोदी  मध्य प्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर डॉ. महेंद्र सिंह ने डॉ. मोहन यादव को शुभकामनाएं दीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास — साउथ अफ्रीका को हराकर जीता पहला विश्व कप National Seminar on Environment and Climate Change ढाबा मालिक को महंगा पड़ा कछुआ पालने का शौक-ग‍िरफ्तार 100 लीटर अपमिश्रित कच्ची शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार नवरात्र पर्व को लेकर पुलिस व फोर्स के जवानों ने मधुबन में निकाला फ्लैग मार्च त्रियदिवसीय राजकीय माध्यमिक स्तर संस्कृत विद्यालय प्रधानाचार्य नेतृत्व क्षमता संवर्द्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न विकास के हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है यूपीः पीएम मोदी  मध्य प्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर डॉ. महेंद्र सिंह ने डॉ. मोहन यादव को शुभकामनाएं दीं
Lifestyle ब्रेकिंग हिन्दी

राग, रस और परंपरा का अनुपम उत्सव: ललित कला अकादमी के 72वें स्थापना दिवस पर भारतीय संगीत की सुरसरिता में डूबा लखनऊ

D

Dainik India News

9 views
राग, रस और परंपरा का अनुपम उत्सव: ललित कला अकादमी के 72वें स्थापना दिवस पर भारतीय संगीत की सुरसरिता में डूबा लखनऊ

मेघ मल्हार से लेकर शुद्ध सारंग तक गूंजा भारतीय संगीत का वैभव, शास्त्रीय एवं लोक-संवेदना के अद्भुत समन्वय ने श्रोताओं को किया भावविभोर

Article image

दैनिक इंडिया न्यूज़ 5 अगस्त 2026लखनऊ।भारतीय कला एवं संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को नवीन ऊर्जा प्रदान करते हुए ललित कला अकादमी, क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ ने अपने 72वें स्थापना दिवस पर एक ऐसी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया, जिसने संगीत, साधना और सौंदर्यबोध का अनुपम समागम प्रस्तुत किया। व्याख्यान एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति से सुसज्जित इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय शास्त्रीय संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक संवेदना का जीवंत आधार है। प्रारंभ से लेकर समापन तक सभागार सुर, लय और भाव के दिव्य वातावरण से अनुप्राणित रहा।

Article image

कार्यक्रम का सर्वाधिक आकर्षण उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष एवं सुप्रसिद्ध शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय गायिका श्रीमती विभा सिंह की विलक्षण प्रस्तुति रही। उन्होंने राग मेघ मल्हार, सोहनी और जोग में बंदिश एवं तराना प्रस्तुत कर श्रोताओं को भारतीय रागदारी संगीत की सूक्ष्मता और गहनता का साक्षात्कार कराया। इसके उपरांत ठुमरी, कजरी, चैती और दादरा जैसी उपशास्त्रीय एवं लोकविधाओं की उनकी सजीव अभिव्यक्ति ने संगीत को जनमानस की संवेदनाओं से जोड़ दिया। उनकी प्रस्तुति में शास्त्रीय अनुशासन और लोकजीवन की सहज आत्मीयता का ऐसा संतुलन दिखाई दिया, जिसने उपस्थित प्रत्येक श्रोता को भावविभोर कर दिया।

सांस्कृतिक संध्या का दूसरा महत्वपूर्ण आयाम युवा एवं प्रतिभाशाली बांसुरी वादक अथर्व प्रताप सिंह की मनोहारी प्रस्तुति रही। उन्होंने राग शुद्ध सारंग में बड़े एवं छोटे ख्याल, जोड़, झाला तथा विविध लयकारियों का अत्यंत परिष्कृत और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसके पश्चात प्रस्तुत पारंपरिक धुनों ने भारतीय संगीत की बहुरंगी परंपरा को सजीव रूप में श्रोताओं के समक्ष उपस्थित कर दिया। उनकी बांसुरी की मधुर स्वर-लहरियों ने सभागार में ऐसा सौम्य वातावरण निर्मित किया कि प्रत्येक प्रस्तुति के पश्चात देर तक तालियों की गूंज सुनाई देती रही।

पूरे आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय शास्त्रीय एवं लोक-संगीत की परंपरा आज भी उतनी ही जीवंत, प्रासंगिक और प्रेरणादायी है, जितनी सदियों पूर्व थी। कलाकारों की साधना, प्रस्तुति की उत्कृष्टता और श्रोताओं की आत्मीय सहभागिता ने इस सांस्कृतिक संध्या को केवल एक कार्यक्रम न रहने देकर भारतीय सांगीतिक विरासत के उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। यह आयोजन कला संरक्षण, सांस्कृतिक संवर्धन और युवा पीढ़ी को भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में स्मरणीय रहेगा।

इस गरिमामय आयोजन का संयोजन ललित कला अकादमी, क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ के सचिव डॉ. देवेन्द्र त्रिपाठी के निर्देशन एवं कुशल समन्वय में संपन्न हुआ। स्थापना दिवस पर आयोजित यह सांस्कृतिक संध्या न केवल अकादमी की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बनी, बल्कि भारतीय कला-साधना के उस अमूल्य संदेश को भी पुनः प्रतिष्ठित कर गई कि संस्कृति ही किसी राष्ट्र की सबसे स्थायी और सर्वाधिक प्रभावशाली पहचान होती है।

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!