80 से अधिक एनकाउंटर का रिकॉर्ड रखने वाले पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय का भी इंटरव्यू; STF और ATS के संस्थापक सदस्यों में रहे, 32 वर्ष की पुलिस सेवा के बाद 2021 में हुए सेवानिवृत्त
दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ/नई दिल्ली।अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण पद मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया ने अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर लिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से इस पद के लिए चयनित उम्मीदवारों के साक्षात्कार मंगलवार से शुरू किए गए। इस महत्वपूर्ण पद के दावेदारों में उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय का नाम भी शामिल है। पुलिस सेवा के दौरान 80 से अधिक मुठभेड़ों में शामिल रहे पांडेय की उम्मीदवारी ने इस चयन प्रक्रिया को विशेष रूप से चर्चित बना दिया है।
राजेश पांडेय को उत्तर प्रदेश पुलिस के उन अधिकारियों में गिना जाता है जिन्होंने आतंकवाद और संगठित अपराध के विरुद्ध पुलिस की विशेष कार्यप्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह उत्तर प्रदेश पुलिस की दो प्रमुख विशेष इकाइयों—स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS)—के संस्थापक सदस्यों में रहे हैं। यही पेशेवर पृष्ठभूमि अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में उनके संभावित दायित्व को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
पांडेय का पुलिस सेवा में प्रवेश उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुआ था। वर्ष 1986 में उनका चयन प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) अधिकारी के रूप में हुआ और 21 फरवरी 1989 को उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर तैनाती मिली। प्रदेश के विभिन्न जनपदों और महत्वपूर्ण पुलिस दायित्वों पर कार्य करने के बाद वर्ष 2003 में वह पदोन्नति के माध्यम से भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए। इसके बाद उनके करियर का दायरा और जिम्मेदारियां लगातार विस्तृत होती गईं।
पुलिस सेवा के दौरान राजेश पांडेय ने कानून-व्यवस्था, आतंकवाद और संगठित अपराध से जुड़े अभियानों में भी दायित्व निभाए। उनकी पहचान ऐसे पुलिस अधिकारी के रूप में बनी, जिनका लंबा कार्यकाल प्रदेश की विशेष पुलिस इकाइयों और महत्वपूर्ण परिचालन जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा। बाद में वह बरेली रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर भी रहे, जहां उनके प्रशासनिक अनुभव का व्यापक उपयोग हुआ।
करीब 32 वर्ष की पुलिस सेवा के बाद राजेश पांडेय 30 जून 2021 को उत्तर प्रदेश पुलिस के आईजी, इलेक्शन सेल के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए उनका नाम सामने आना इस प्रक्रिया के प्रशासनिक और संस्थागत महत्व को रेखांकित करता है।
हालांकि, CEO पद पर अंतिम चयन किस उम्मीदवार के पक्ष में होगा, यह ट्रस्ट की चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। मंगलवार से शुरू हुए साक्षात्कार इसी प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तार लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद केवल प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि विशाल धार्मिक परिसर की व्यवस्थाओं, समन्वय और संस्थागत संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रस्ट इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए किस नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगाता है।