हर घर तिरंगा अभियान में निकली विशाल यात्रा ने जगाया राष्ट्रचेतना का ज्वार, विधायक रामविलास चौहान समेत हजारों नागरिकों की सहभागिता; शहीद स्मारक पर वीर सपूतों को नमन कर लिया एकता-अखंडता का संकल्प

दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ/नई दिल्ली।
स्वतंत्रता दिवस से पहले मधुबन की सड़कों पर मंगलवार को राष्ट्रभक्ति का ऐसा दृश्य दिखाई दिया, जिसने पूरे नगर को तिरंगे के रंग और देशप्रेम के उत्साह से भर दिया। हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत पुलिस सुरक्षा के बीच निकली विशाल तिरंगा यात्रा में युवाओं, बुजुर्गों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हाथों में लहराते राष्ट्रीय ध्वज, देशभक्ति के गीतों की गूंज और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम् के उद्घोष से नगर का वातावरण राष्ट्रचेतना से ओतप्रोत हो उठा। यात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां नागरिकों ने उसका स्वागत कर तिरंगे के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

यात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही लोगों का उत्साह भी निरंतर बढ़ता गया। देशभक्ति गीतों और राष्ट्रभक्ति के नारों के बीच स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों की स्मृतियां जीवंत होती रहीं। यात्रा में शामिल लोगों ने उन वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इस जनभागीदारी ने आयोजन को महज एक यात्रा तक सीमित न रखकर राष्ट्रीय एकता और सामूहिक चेतना के सार्वजनिक अभिव्यक्ति-पर्व में परिवर्तित कर दिया।
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शंकर मद्धेशिया ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने वाला अभियान है। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है तथा उसके सम्मान और गौरव को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता असंख्य वीरों के त्याग और बलिदान का परिणाम है और ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। युवा पीढ़ी को उनके जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण तथा देश के विकास में अपनी सार्थक भूमिका निभानी चाहिए।

तिरंगा यात्रा का समापन शहीद स्मारक पर हुआ, जहां विधायक रामविलास चौहान भी यात्रा में शामिल होकर पहुंचे और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शहीद स्मारक पर वीर शहीदों तथा स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को और सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। स्मारक पर उमड़ा यह भावपूर्ण दृश्य यात्रा के उल्लास को राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता और कर्तव्यबोध की गंभीर अनुभूति में बदल गया।
तिरंगा यात्रा में अमिता गुप्ता, राहुल दीक्षित, बलवंत चौधरी, शिवानंद मल्ल, राजकुमार राजभर और संतोष पांडेय सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, छात्र तथा स्थानीय संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे। मधुबन की सड़कों पर लहराता तिरंगा और गूंजते राष्ट्रभक्ति के स्वर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व बेला में एक स्पष्ट संदेश छोड़ गए—राष्ट्रध्वज केवल हाथों में थामा जाने वाला ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, स्वाभिमान और साझा राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।