ब्रेकिंग न्यूज़
ऊर्जा विभाग या जनविश्वास का क्षरण? बार-बार नियामक आयोग के हस्तक्षेप से उठता गंभीर प्रश्न—आख़िर उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था किसके निर्देशों पर संचालित हो रही है? | क्या उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था जनसेवा से प्रबंधन-प्रयोगशाला में परिवर्तित हो रही है! | प्रशासनिक शुचिता पर प्रश्नचिह्न: क्या वास्तव में परिवर्तित कर दिया गया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का संवैधानिक स्वरूप | दिल्ली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी की शिष्टाचार भेंट | भाजपा नवगठित प्रदेश टीम को हार्दिक शुभकामनाएं - जितेंद्र प्रताप सिंह | पं. दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों पर चलकर विकसित भारत का संकल्प साकार हो रहा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ | घाघरा नदी हादसा: डूबी दो सगी बहनों में छोटी बहन का शव बरामद, बड़ी बहन की तलाश में चौथे दिन भी जारी एनडीआरएफ का अभियान | 'बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ' अभियान के पावन मंच पर हुआ संत समागम | ऊर्जा विभाग या जनविश्वास का क्षरण? बार-बार नियामक आयोग के हस्तक्षेप से उठता गंभीर प्रश्न—आख़िर उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था किसके निर्देशों पर संचालित हो रही है? | क्या उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था जनसेवा से प्रबंधन-प्रयोगशाला में परिवर्तित हो रही है! | प्रशासनिक शुचिता पर प्रश्नचिह्न: क्या वास्तव में परिवर्तित कर दिया गया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का संवैधानिक स्वरूप | दिल्ली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी की शिष्टाचार भेंट | भाजपा नवगठित प्रदेश टीम को हार्दिक शुभकामनाएं - जितेंद्र प्रताप सिंह | पं. दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों पर चलकर विकसित भारत का संकल्प साकार हो रहा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ | घाघरा नदी हादसा: डूबी दो सगी बहनों में छोटी बहन का शव बरामद, बड़ी बहन की तलाश में चौथे दिन भी जारी एनडीआरएफ का अभियान | 'बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ' अभियान के पावन मंच पर हुआ संत समागम |
हाइलाइट न्यूज़
राष्ट्र प्रेम अपने प्राणों से प्यारा -हिन्द टीम डीडी इंडिया सेवा ही सच्चा धर्म, अहंकार नहीं: कौशल यूपी के स्वच्छ विरासत अभियान को मिला प्रतिष्ठित हडको अवार्ड गोलमार्केट महानगर मे लगने वाले बुद्धबजार को सुव्यवस्थित करने की प्रशासन की अनुकरणीय पहल- जे पी सिंह जिलाधिकारी मऊ की अध्यक्षता में जिला शांति समिति की बैठक संपन्न भारत में निवेशकों एवं कारोबारी कंपनियों के लिए ‘अवसरों का भंडार’ है: निर्मला सीतारमण विधवा पेंशन लाभार्थी लिंक करायें आधार नही तो पेंशन होगी बन्द शासन के सक्त निर्देश बाउंड्रीवाल तोड़ने के मामले में 24 लोगो पर मुकदमा दर्ज राष्ट्र प्रेम अपने प्राणों से प्यारा -हिन्द टीम डीडी इंडिया सेवा ही सच्चा धर्म, अहंकार नहीं: कौशल यूपी के स्वच्छ विरासत अभियान को मिला प्रतिष्ठित हडको अवार्ड गोलमार्केट महानगर मे लगने वाले बुद्धबजार को सुव्यवस्थित करने की प्रशासन की अनुकरणीय पहल- जे पी सिंह जिलाधिकारी मऊ की अध्यक्षता में जिला शांति समिति की बैठक संपन्न भारत में निवेशकों एवं कारोबारी कंपनियों के लिए ‘अवसरों का भंडार’ है: निर्मला सीतारमण विधवा पेंशन लाभार्थी लिंक करायें आधार नही तो पेंशन होगी बन्द शासन के सक्त निर्देश बाउंड्रीवाल तोड़ने के मामले में 24 लोगो पर मुकदमा दर्ज
लेख / शोध English

उज्जैन में 11 महामंडलेश्वर का पट्टाभिषेक, गुरु पूजन की महिमा और वेद-वेदांत तत्वबोध का संदेश

A

admin

27 views
उज्जैन में 11 महामंडलेश्वर का पट्टाभिषेक, गुरु पूजन की महिमा और वेद-वेदांत तत्वबोध का संदेश

दैनिक इंडिया न्यूज़, उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति का एक दिव्य दृश्य देखने को मिला, जब जगतगुरु योगेश्वराचार्य के समक्ष 11 महामंडलेश्वर का भव्य पट्टाभिषेक सम्पन्न हुआ। यह ऐतिहासिक अवसर न केवल पट्टाभिषेक की परंपरा का निर्वाह था, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा और वेद-वेदांत के तत्वबोध के प्रचार का भी संदेशवाहक बना।

पट्टाभिषेक से पूर्व राष्ट्रीय सनातन महासंघ के दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष जगतगुरु अवधेश प्रपन्नाचार्य महाराज का महामंडलेश्वर संतों ने साष्टांग दंडवत कर पूजन किया और विधिवत उनकी आरती उतारी। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और घंटानाद से गूंजता हुआ वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा। गुरु पूजन के इस मंगल अवसर पर अनेक विद्वानों ने गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु ही साक्षात परब्रह्म स्वरूप हैं, जिनके आशीर्वाद से शिष्य का जीवन दिशा पाता है। गुरु की आराधना के बिना कोई भी साधना पूर्ण नहीं मानी जाती।

उपनिषदों में भी कहा गया है —
"गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरु साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः।"

यह श्लोक इस बात को रेखांकित करता है कि गुरु की सेवा और पूजन साक्षात ब्रह्म की सेवा के समान है। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर होकर गुरु पूजन में सम्मिलित हुए और इस दैवीय दृश्य को नमन किया।

समारोह संपन्न होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए जगतगुरु अवधेश प्रपन्नाचार्य ने कहा कि वेद, वेदांत, उपनिषद और पुराण केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण और आत्मकल्याण का प्रकाशपुंज हैं। वेदों के अध्ययन से आत्मा का बोध होता है, वेदांत हमें ब्रह्म और जीव की एकता का ज्ञान देता है, और उपनिषद जीवन को सत्य, करुणा और धर्म के मार्ग पर ले जाने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि आज समय की मांग है कि समाज वेद-वेदांत के तत्वबोध को केवल शास्त्रार्थ तक सीमित न रखे, बल्कि उसे आचरण में उतारे। उपनिषदों में उल्लिखित महावाक्य 'तत्त्वमसि', 'अहं ब्रह्मास्मि' और 'सर्वं खल्विदं ब्रह्म' आत्मज्ञान की चरम अवस्था की ओर संकेत करते हैं और हमें यह स्मरण कराते हैं कि सम्पूर्ण जगत में वही एक ब्रह्म व्यापक है।

पट्टाभिषेक के माध्यम से अभिषिक्त संतों को समाज को अज्ञानता के अंधकार से बाहर निकालने और सनातन धर्म की ज्योति प्रज्वलित करने का दायित्व सौंपा गया। वेद वेदांत और उपनिषदों के प्रचार-प्रसार के लिए यह एक नया संकल्प बनकर उभरा, जिससे न केवल संत समाज बल्कि सामान्य जनमानस भी लाभान्वित होगा।

इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि महाकाल की नगरी उज्जैन आज भी सनातन धर्म की परंपराओं, गुरु-शिष्य की अटूट कड़ी और वेद वेदांत के ज्ञान को जीवंत रखने का केंद्र बनी हुई है

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!