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“एक भारत–श्रेष्ठ भारत” के संकल्प के साथ लखनऊ में मुखर हुए जगन्नाथ सरकार

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Dainik India News

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“एक भारत–श्रेष्ठ भारत” के संकल्प के साथ लखनऊ में मुखर हुए जगन्नाथ सरकार

दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ।“एक भारत–श्रेष्ठ भारत” अभियान के अंतर्गत लखनऊ प्रवास पर आए पश्चिम बंगाल के रानाघाट से लोकसभा सदस्य जगन्नाथ सरकार ने अति विशिष्ट अतिथि गृह में आयोजित पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए समकालीन राजनीतिक परिदृश्य पर अपने विचार व्यक्त किए। तत्पश्चात् उन्होंने रविंद्र पल्ली में निवासरत बंगाली समाज के साथ संवाद कर सांस्कृतिक एकात्मता तथा जन-जागरण का आह्वान किया।


पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य की वर्तमान शासन-व्यवस्था जनाकांक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है। उनके अनुसार प्रदेश की जनता अब ऐसी प्रशासनिक संरचना की अपेक्षा कर रही है जो सुशासन, पारदर्शिता और समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्ध हो। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध रूप से आए रोहिंग्या तथा बांग्लादेशी नागरिकों के विषय में अपेक्षित कठोरता का अभाव रहा है, जिससे राज्य की सामाजिक संरचना और जनसांख्यिकीय संतुलन प्रभावित हुआ है।


मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को उन्होंने निर्वाचन आयोग की सामान्य एवं विधिसम्मत प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका विरोध लोकतांत्रिक मर्यादाओं के प्रतिकूल है। उनके शब्दों में मतदाता सूची की शुचिता और प्रामाणिकता ही जनादेश की पवित्रता का आधार है; यदि उसमें विकृति उत्पन्न हो तो लोकतंत्र की आत्मा आहत होती है।


मुर्शिदाबाद और मालदा में घटित घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार, अराजकता और दुष्कृत्य की प्रवृत्तियाँ चिंताजनक स्तर तक पहुँच चुकी हैं। सामान्य नागरिक का जीवन दुरूह होता जा रहा है और इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार को उत्तरदायी ठहराया।


उन्होंने यह भी कहा कि गोवा, उत्तर प्रदेश तथा अन्य प्रांतों में निवासरत बंगाली समाज को संगठित करने का व्यापक अभियान चलाया जाएगा। आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में उन्होंने आह्वान किया कि जिन नागरिकों के मताधिकार हैं वे स्वयं पश्चिम बंगाल जाकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें, तथा अन्य लोग अपने परिजनों और परिचितों को राज्य की नीतियों से अवगत कर जनचेतना का विस्तार करें।
जगन्नाथ सरकार ने बंगाल की सांस्कृतिक विरासत, साहित्यिक वैभव और बौद्धिक परंपरा का स्मरण करते हुए कहा कि यह भूमि सदैव राष्ट्रचेतना की अग्रदूत रही है। अनेक महापुरुषों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज पश्चिम बंगाल की अस्मिता संकट के दौर से गुजर रही है; अतः देश-विदेश में निवासरत बंगाली समाज को एकजुट होकर इसके संरक्षण हेतु संकल्पित होना होगा।


रविंद्र पल्ली में आयोजित संवाद कार्यक्रम में उन्होंने उपस्थित नागरिकों से आत्मीय वार्ता की। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, मीडिया प्रभारी प्रवीण गर्ग, महामंत्री राम अवतार कनौजिया, अभियान प्रदेश सह-संयोजक सूरज सिंह सोमवंशी, डिंपल दत्ता तथा अनुराग साहू सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।


लखनऊ की पुण्यभूमि पर संपन्न यह संवाद केवल राजनीतिक अभिव्यक्ति भर नहीं था, बल्कि सांस्कृतिक आत्ममंथन और लोकतांत्रिक चेतना का प्रखर उद्घोष भी था—जिसकी प्रतिध्वनि आने वाले समय में और अधिक व्यापक रूप में परिलक्षित हो सकती है।

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