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गाजीपुर के गुड्डू अंसारी ने दिखाया मानवीयता का उदाहरण, सेवा भाव ने सबको किया भावुक

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Dainik India News

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गाजीपुर के गुड्डू अंसारी ने दिखाया मानवीयता का उदाहरण, सेवा भाव ने सबको किया भावुक

दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ। जनपद गाजीपुर के रहने वाले मेक इन ऑटोमोबाइल्स लखनऊ के संचालक गुड्डू अंसारी ने निःस्वार्थ सेवा और मानवता का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसे देखकर समाज उनके योगदान को सलाम कर रहा है। डेंगू जैसी गंभीर बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद, गुड्डू भाई ने अपने गांव के एक युवक की आकस्मिक मृत्यु पर जो कदम उठाया, उसने सबके दिलों को छू लिया।

मुंबई में एक ट्रेन दुर्घटना में उनके गांव के युवा की असामयिक मृत्यु हो गई थी। इस कठिन परिस्थिति में गुड्डू भाई ने न केवल अपनी बीमारी को नजरअंदाज किया, बल्कि अपने खर्चे पर उस युवक के शव को मुंबई से गाजीपुर हवाई जहाज के माध्यम से लाने का प्रबंध किया। उनका यह प्रयास उस मृतक के माता-पिता के लिए किसी वरदान से कम नहीं था, क्योंकि इससे वे अपने बेटे का अंतिम दर्शन कर सके।

मीडिया से साझा किए अपने अनुभव

गुड्डू भाई ने हाल ही में एक मीडिया बातचीत के दौरान अपने इस अनुभव और अपनी मां के प्रेम और प्रेरणा के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि किस तरह उनकी मां ने उन्हें हमेशा निःस्वार्थ सेवा का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा,
"मेरी मां ने मुझे सिखाया है कि इंसान का सबसे बड़ा धर्म मानवता है। जब मैंने उस मां के आंसू देखे, जिसने अपने बेटे को खो दिया था, तो मुझे अपने दर्द और कमजोरी का ख्याल तक नहीं आया। मैंने उसी वक्त फैसला किया कि मुझे उस मां की मदद करनी है।"

गुड्डू भाई ने यह भी बताया कि उनके इस प्रयास के पीछे उनकी मां का प्रेम और प्रेरणा रही है। उन्होंने भावुक होकर कहा,
"मेरी मां का स्नेह और उनकी सीख ही मेरी ताकत है। उनका आशीर्वाद मुझे हर मुश्किल घड़ी में रास्ता दिखाता है।"

गुड्डू भाई का योगदान समाज के लिए प्रेरणा

यह पहली बार नहीं है जब गुड्डू भाई ने ऐसा कदम उठाया हो। वे पहले भी कई बार अपने गांव और समाज के लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। उनकी सेवा भावना ने उन्हें गाजीपुर ही नहीं, पूरे क्षेत्र में एक प्रेरणा स्रोत बना दिया है।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से तुलना

गुड्डू भाई की निःस्वार्थ सेवा और मानवता के प्रति समर्पण को देखकर उत्कर्ष पांडेय ने दैनिक इंडिया न्यूज से वार्तालाप में उनकी तुलना उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से की। जिस तरह डॉ. कलाम ने अपने जीवन को देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया, उसी तरह गुड्डू भाई भी बिना किसी स्वार्थ के लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं।

समाज का स्नेह और आशीर्वाद

गुड्डू भाई के इस निःस्वार्थ कार्य ने उन्हें क्षेत्र के लोगों के दिलों में विशेष स्थान दिलाया है। लोग उन्हें एक सच्चे समाजसेवी के रूप में देख रहे हैं। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वे हमेशा स्वस्थ और सशक्त रहें, ताकि उनकी सेवा भावना का लाभ समाज को मिलता रहे।

"गुड्डू भाई का यह ऐतिहासिक कार्य और उनकी मां की शिक्षा हमें सिखाती है कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। उनके इस समर्पण ने समाज को एक नई प्रेरणा दी है।"

गुड्डू अंसारी के इस सामाजिक कार्य में राम अवध कुशवाहा ,प्रमोद वर्मा ,जीशान अंसारी, अश्वनी मद्धेशिया इत्यादि लोगों ने अपनी सहभागिता रखी, गुड्डू अंसारी ने सभी सहभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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