ब्रेकिंग न्यूज़
तीन वर्षों तक देश की राजनीति, खेल और न्याय व्यवस्था को झकझोरने वाले प्रकरण में बड़ा मोड़: बृजभूषण शरण सिंह आरोपों से बरी, अदालत के फैसले ने छेड़ी नई बहस | संघर्ष से स्वाभिमान तक: शाहजहाँपुर की 100 बेटियों ने बदली अपने भविष्य की दिशा | श्रावण के प्रथम सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का महासागर, 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान हुआ मधुबन क्षेत्र | "उच्च शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन का समय आ गया है" – अधिवक्ता रीना एन. सिंह ने यूजीसी और शिक्षा नीतियों पर उठाए तीखे सवाल | जो हर लड़ाई में वकीलों के साथ खड़ा रहा, क्या आज अधिवक्ता समाज उसके साथ खड़ा होगा? | 'नशे के विरुद्ध राष्ट्रीय शंखनाद' : प्रधानमंत्री मोदी के 100 सप्ताह के संकल्प को लखनऊ से मिली नई ऊर्जा, हजारों युवाओं ने ली राष्ट्रनिर्माण की शपथ | तीन दिन में करोड़ों का टेंडर! मध्यांचल विद्युत निगम की निविदा प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल | 'नशे के विरुद्ध राष्ट्रीय शंखनाद' : प्रधानमंत्री मोदी के 100 सप्ताह के संकल्प को लखनऊ से मिली नई ऊर्जा, हजारों युवाओं ने ली राष्ट्रनिर्माण की शपथ | तीन वर्षों तक देश की राजनीति, खेल और न्याय व्यवस्था को झकझोरने वाले प्रकरण में बड़ा मोड़: बृजभूषण शरण सिंह आरोपों से बरी, अदालत के फैसले ने छेड़ी नई बहस | संघर्ष से स्वाभिमान तक: शाहजहाँपुर की 100 बेटियों ने बदली अपने भविष्य की दिशा | श्रावण के प्रथम सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का महासागर, 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान हुआ मधुबन क्षेत्र | "उच्च शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन का समय आ गया है" – अधिवक्ता रीना एन. सिंह ने यूजीसी और शिक्षा नीतियों पर उठाए तीखे सवाल | जो हर लड़ाई में वकीलों के साथ खड़ा रहा, क्या आज अधिवक्ता समाज उसके साथ खड़ा होगा? | 'नशे के विरुद्ध राष्ट्रीय शंखनाद' : प्रधानमंत्री मोदी के 100 सप्ताह के संकल्प को लखनऊ से मिली नई ऊर्जा, हजारों युवाओं ने ली राष्ट्रनिर्माण की शपथ | तीन दिन में करोड़ों का टेंडर! मध्यांचल विद्युत निगम की निविदा प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल | 'नशे के विरुद्ध राष्ट्रीय शंखनाद' : प्रधानमंत्री मोदी के 100 सप्ताह के संकल्प को लखनऊ से मिली नई ऊर्जा, हजारों युवाओं ने ली राष्ट्रनिर्माण की शपथ |
हाइलाइट न्यूज़
Big Achievement: CMS Student Strikes a Winning Note on the International Stage जनपद में कार्यभार ग्रहण करने वाले समस्त अध्यापक/अध्यापिका 15 एवं 16 सितंबर को आधार कार्ड/आई0डी0 के साथ उपस्थित चार माह से लापता युवक का शव फंदे पर लटका मिला, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका लखनऊ में अवैध निर्माण का मुद्दा: घर उजाड़ने की पीड़ा और सरकार की जिम्मेदारी लुईस फाउंडेशन द्वारा 76वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया यूजीसी 2026 नियम : उच्च शिक्षा में ‘समानता’ के नाम पर संस्थागत संतुलन पर संकट लोकसभा अध्यक्ष ने संसद भवन परिसर में शीतकालीन सत्र की तैयारियों का किया निरीक्षण निर्वाचन नामावली का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यकम जारी Big Achievement: CMS Student Strikes a Winning Note on the International Stage जनपद में कार्यभार ग्रहण करने वाले समस्त अध्यापक/अध्यापिका 15 एवं 16 सितंबर को आधार कार्ड/आई0डी0 के साथ उपस्थित चार माह से लापता युवक का शव फंदे पर लटका मिला, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका लखनऊ में अवैध निर्माण का मुद्दा: घर उजाड़ने की पीड़ा और सरकार की जिम्मेदारी लुईस फाउंडेशन द्वारा 76वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया यूजीसी 2026 नियम : उच्च शिक्षा में ‘समानता’ के नाम पर संस्थागत संतुलन पर संकट लोकसभा अध्यक्ष ने संसद भवन परिसर में शीतकालीन सत्र की तैयारियों का किया निरीक्षण निर्वाचन नामावली का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यकम जारी
Uncategorized English

सदन में उठी स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज को एम्स का दर्जा देने की मांग, क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बताया गया ऐतिहासिक कदम

D

Dainik India News

35 views
सदन में उठी स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज को एम्स का दर्जा देने की मांग, क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बताया गया ऐतिहासिक कदम


दैनिक इंडिया न्यूज़ लखनऊ/प्रयागराज।
आध्यात्मिक, प्रशासनिक एवं न्यायिक दृष्टि से देश के प्रमुख केंद्र प्रयागराज मंडल में स्थित स्वरूप रानी नेहरू मेडिकल कॉलेज को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का दर्जा दिए जाने की मांग आज सदन में अत्यंत सशक्त और गंभीर स्वर में उठाई गई। जनप्रतिनिधियों ने इसे क्षेत्र की दीर्घकालिक आवश्यकता बताते हुए कहा कि यदि यह मांग मूर्त रूप लेती है, तो यह निर्णय केवल प्रयागराज ही नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और पड़ोसी मध्य प्रदेश के लाखों नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक परिवर्तनकारी कदम सिद्ध होगा।


सदन में चर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रयागराज अपनी धार्मिक, शैक्षणिक और न्यायिक पहचान के कारण देशभर में विशिष्ट स्थान रखता है, किंतु इसके विपरीत यहां की सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाएं अत्यंत सीमित हैं। गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को आज भी कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और किडनी प्रतिरोपण जैसे उपचारों के लिए दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी अथवा अन्य महानगरों की ओर पलायन करना पड़ता है। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है, बल्कि समय पर उपचार न मिलने से अनेक मामलों में रोगियों के जीवन पर भी संकट उत्पन्न हो जाता है।


जनप्रतिनिधियों ने यह भी रेखांकित किया कि स्वरूप रानी नेहरू मेडिकल कॉलेज पर कई जिलों की विशाल आबादी प्रत्यक्ष रूप से निर्भर है। कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, भदोही, मिर्जापुर और जौनपुर जैसे जनपदों के अलावा बुंदेलखंड क्षेत्र के चित्रकूट, बांदा, महोबा और हमीरपुर से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज प्रयागराज पहुंचते हैं। इतना ही नहीं, पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के रीवा और सतना जैसे जिलों से भी गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीज इस संस्थान को अंतिम आशा के केंद्र के रूप में देखते हैं।
सदन में वक्ताओं ने स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज के गौरवशाली इतिहास की भी चर्चा की। दशकों से यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा और उपचार के क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय भूमिका निभाता आ रहा है। सीमित संसाधनों और अधोसंरचना के बावजूद यहां के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मी प्रतिदिन हजारों रोगियों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि यदि इस संस्थान को एम्स का दर्जा प्राप्त होता है, तो यहां सुपर स्पेशियलिटी विभागों की स्थापना, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती संभव हो सकेगी।
प्रयागराज की भौगोलिक स्थिति को भी एम्स स्थापना के लिए अत्यंत अनुकूल बताया गया। सड़क, रेल और हवाई संपर्क की दृष्टि से यह शहर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के अनेक जिलों से सहज रूप से जुड़ा हुआ है। साथ ही, यहां का शैक्षणिक वातावरण, विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों की उपस्थिति चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
सदन में इस तथ्य पर भी विशेष बल दिया गया कि एम्स का दर्जा मिलने से क्षेत्र के युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा, शोध और रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, जिससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि देश में एम्स संस्थानों के क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र की उपेक्षा न की जाए। उनका कहना था कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं और स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज को एम्स का दर्जा देना इस असंतुलन को दूर करने की दिशा में निर्णायक और दूरदर्शी कदम होगा।
इस मांग के सदन में उठने के बाद क्षेत्र की जनता, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों में भी नई उम्मीद जगी है। लोगों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है, तो प्रयागराज वास्तव में आध्यात्मिक, प्रशासनिक और न्यायिक केंद्र के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के चिकित्सा केंद्र के रूप में भी स्थापित हो सकेगा।
अंततः सदन के माध्यम से केंद्र सरकार से यह अपेक्षा व्यक्त की गई कि वह जनभावनाओं और क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए स्वरूप रानी नेहरू मेडिकल कॉलेज को शीघ्र एम्स का दर्जा प्रदान करने की दिशा में ठोस निर्णय ले, ताकि करोड़ों नागरिकों को सुलभ, सस्ती और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!