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सेवा–संवेदना का सजीव उदाहरण

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सेवा–संवेदना का सजीव उदाहरण

गायत्री शक्तिपीठ में निर्धन जनों के लिए कंबल वितरण का महाआयोजन

दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ। शीतलहर की कठोरता के बीच मानवीय करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक दृश्य आज गायत्री शक्तिपीठ, रामपुर–देवराई, बी.के.टी., लखनऊ परिसर में साक्षात् देखने को मिला, जहाँ भावना ग्रामांचल निर्धन जन सेवा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में एक भावपूर्ण कंबल वितरण आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सेवा-अभियान के अंतर्गत चयनित 100 ग्रामीण सुपात्र लाभार्थियों को कंबल प्रदान कर ठिठुरती रातों में आत्मीय ऊष्मा और मानवीय सम्मान का संबल दिया गया।


कार्यक्रम का वातावरण केवल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेवा के साथ संस्कार और आत्मीयता का अद्भुत समन्वय भी दृष्टिगोचर हुआ। कंबल वितरण के उपरांत लाभार्थियों एवं उपस्थित जनसमुदाय को माता जी का प्रसाद अमृताशन भोज ससम्मान उपलब्ध कराया गया। यह केवल भोजन नहीं था, बल्कि समर्पण, समता और सह-अस्तित्व की भावना से ओतप्रोत एक आध्यात्मिक अनुभूति थी, जिसने हर चेहरे पर संतोष और कृतज्ञता की आभा बिखेर दी।


इस अवसर पर भावना के प्रमुख सचिव एस. के. वर्मा, आई. के. भारद्वाज, भारत भूषण गोयल तथा जगमोहन लाल जायसवाल सहित दो दर्जन से अधिक पदाधिकारीगणों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊर्जा प्रदान की। वहीं परिसर व्यवस्था की ओर से पुनीत खरे, एस. आर. सिंह, पवन मिश्र, अर्जुन सिंह, नरेंद्र सिंह सहित अन्य सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने अनुशासन और सेवा-भाव से आयोजन को सुव्यवस्थित रूप दिया।

यह आयोजन मात्र एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस जीवंत दर्शन का प्रमाण बना, जहाँ सेवा को साधना और करुणा को कर्तव्य माना जाता है। ग्रामीण निर्धन जनों की आँखों में झलकती आशा और आत्मसम्मान की चमक यह संदेश दे गई कि जब समाज का जागरूक वर्ग आगे आता है, तब संवेदनाएँ शब्दों की मोहताज नहीं रहतीं। ऐसे आयोजन न केवल जरूरतमंदों को राहत देते हैं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना को भी जाग्रत करते हैं—और यही भावना ग्रामांचल सेवा-प्रयासों की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

लखनऊ। शीतलहर की कठोरता के बीच मानवीय करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक दृश्य आज गायत्री शक्तिपीठ, रामपुर–देवराई, बी.के.टी., लखनऊ परिसर में साक्षात् देखने को मिला, जहाँ भावना ग्रामांचल निर्धन जन सेवा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में एक भावपूर्ण कंबल वितरण आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सेवा-अभियान के अंतर्गत चयनित 100 ग्रामीण सुपात्र लाभार्थियों को कंबल प्रदान कर ठिठुरती रातों में आत्मीय ऊष्मा और मानवीय सम्मान का संबल दिया गया।


कार्यक्रम का वातावरण केवल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेवा के साथ संस्कार और आत्मीयता का अद्भुत समन्वय भी दृष्टिगोचर हुआ। कंबल वितरण के उपरांत लाभार्थियों एवं उपस्थित जनसमुदाय को माता जी का प्रसाद अमृताशन भोज ससम्मान उपलब्ध कराया गया। यह केवल भोजन नहीं था, बल्कि समर्पण, समता और सह-अस्तित्व की भावना से ओतप्रोत एक आध्यात्मिक अनुभूति थी, जिसने हर चेहरे पर संतोष और कृतज्ञता की आभा बिखेर दी।


इस अवसर पर भावना के प्रमुख सचिव एस. के. वर्मा, आई. के. भारद्वाज, भारत भूषण गोयल तथा जगमोहन लाल जायसवाल सहित दो दर्जन से अधिक पदाधिकारीगणों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊर्जा प्रदान की। वहीं परिसर व्यवस्था की ओर से पुनीत खरे, एस. आर. सिंह, पवन मिश्र, अर्जुन सिंह, नरेंद्र सिंह सहित अन्य सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने अनुशासन और सेवा-भाव से आयोजन को सुव्यवस्थित रूप दिया।


यह आयोजन मात्र एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस जीवंत दर्शन का प्रमाण बना, जहाँ सेवा को साधना और करुणा को कर्तव्य माना जाता है। ग्रामीण निर्धन जनों की आँखों में झलकती आशा और आत्मसम्मान की चमक यह संदेश दे गई कि जब समाज का जागरूक वर्ग आगे आता है, तब संवेदनाएँ शब्दों की मोहताज नहीं रहतीं। ऐसे आयोजन न केवल जरूरतमंदों को राहत देते हैं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना को भी जाग्रत करते हैं—और यही भावना ग्रामांचल सेवा-प्रयासों की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

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