दैनिक इंडिया न्यूज़ ,हरदोई। आर्थिक आत्मनिर्भरता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलम्बी भारत अभियान ने देशभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान छेड़ने का निर्णय लिया है। 1 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक चलने वाले "मैं भी स्वदेशी समर्थक" राष्ट्रव्यापी डिजिटल अभियान के माध्यम से करोड़ों नागरिकों को स्वदेशी विचारधारा, स्थानीय उत्पादों के उपयोग तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से जोड़ा जाएगा।
शुक्रवार को आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक अवनीश द्विवेदी एवं प्रान्त समन्वयक हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि इस अभियान में जुड़ने के लिए किसी प्रकार का सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाएगा। उनका कहना था कि जो व्यक्ति स्थानीय दुकानों से खरीदारी करता है, स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देता है अथवा स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देता है, वह स्वयं एक सच्चा स्वदेशी समर्थक है।
उन्होंने बताया कि अभियान पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में संचालित होगा। इच्छुक नागरिक क्यूआर कोड अथवा MySBA.com प्लेटफॉर्म के माध्यम से मात्र 30 सेकंड में ऑनलाइन संकल्प-पत्र भरकर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बन सकेंगे। संकल्प-पत्र भरते ही संबंधित व्यक्ति का विवरण केंद्रीय स्तर पर पंजीकृत हो जाएगा तथा उसके मोबाइल पर समय-समय पर स्वदेशी जागरण मंच के वीडियो, संदेश, गतिविधियों और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से संबंधित प्रेरक सामग्री भेजी जाती रहेगी। इससे लोगों में खरीदारी के समय स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी।
प्रेसवार्ता में वक्ताओं ने कहा कि बीते एक वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न मंचों से अनेक अवसरों पर स्वदेशी, स्थानीय उत्पादों के उपयोग और आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री के इन विचारों से प्रेरित नागरिकों को संगठित कर स्वदेशी आंदोलन से जोड़ना ही इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने बताया कि 20 अगस्त को अभियान का पहला चरण पूर्ण होने के बाद 21 अगस्त से "युवा उद्यमिता सम्मेलन" प्रारम्भ होगा। इसके अंतर्गत स्वदेशी जागरण मंच के पदाधिकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों में युवाओं के बीच पहुंचकर उन्हें उद्यमिता, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी तथा पात्र युवाओं को संबंधित विभागों एवं अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर योजनाओं का लाभ दिलाने में भी संगठन सहयोग करेगा।
प्रेसवार्ता के अंत में वक्ताओं ने देशवासियों से अधिकाधिक संख्या में "मैं भी स्वदेशी समर्थक" अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वदेशी केवल एक विचार नहीं, बल्कि राष्ट्र की आर्थिक स्वतंत्रता, रोजगार सृजन, स्थानीय उद्योगों के संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सशक्त माध्यम है। यदि प्रत्येक नागरिक स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का संकल्प ले, तो भारत आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त एवं स्वावलम्बी बन सकता है।