भाऊराव देवरस सेवा न्यास की समीक्षा बैठक में युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के साथ राष्ट्रचेतना से जोड़ने पर हुआ गहन मंथन
'कुशल युवा–सशक्त भारत' के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने हेतु सेवा, समर्पण और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने का आह्वान
दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ। समर्थ भारत-भाऊराव देवरस सेवा न्यास के लखनऊ विभाग की मासिक समीक्षा बैठक गंभीर चिंतन, आत्ममंथन एवं भावी कार्ययोजना के निर्धारण के साथ संपन्न हुई। बैठक में प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, युवाओं की बढ़ती सहभागिता, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर, संगठनात्मक विस्तार तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक कौशल विकास अभियान पहुंचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सारगर्भित चर्चा की गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि समर्थ भारत केवल कौशल विकास का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त सामाजिक अभियान है, जिसका उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर, संस्कारित, अनुशासित एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिक के रूप में विकसित करना है।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि आज के युवा को केवल तकनीकी दक्षता प्रदान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें भारतीय जीवन-मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा-भाव, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति के संस्कारों का भी समावेश आवश्यक है। यदि कौशल और संस्कार का समन्वय स्थापित हो जाए तो भारत की विशाल युवाशक्ति विश्व की सबसे बड़ी राष्ट्रशक्ति के रूप में स्थापित हो सकती है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रशिक्षण केंद्रों को केवल शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण एवं राष्ट्र चेतना के केंद्र के रूप में विकसित करने पर सहमति बनी।
बैठक में प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने, उद्योगों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों से समन्वय स्थापित कर अधिकाधिक युवाओं एवं युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराने, स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने तथा प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र को सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर समर्थ भारत अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवा इस अभियान से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।
राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भारत का स्वर्णिम भविष्य उसकी युवाशक्ति के चरित्र, कौशल और संस्कार पर आधारित है। समर्थ भारत का उद्देश्य केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनमें राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध, सामाजिक उत्तरदायित्व और भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि जब युवा आत्मनिर्भर होने के साथ राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर कार्य करेगा, तभी विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न साकार होगा। उन्होंने आह्वान किया कि समाज का प्रत्येक सक्षम नागरिक इस अभियान से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करे।
जन उद्घोष सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि समर्थ भारत अभियान वर्तमान समय की राष्ट्रीय आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा ऊर्जा है, जिसे यदि कौशल, संस्कार, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति से समृद्ध किया जाए तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं में सेवा, अनुशासन, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा संचालित समर्थ भारत अभियान आने वाले समय में लाखों युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला राष्ट्रीय आंदोलन सिद्ध होगा।
बैठक के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने समर्थ भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने, अधिकाधिक युवाओं एवं युवतियों को प्रशिक्षण से जोड़ने, उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना के साथ सेवा कार्यों को गति देने का सामूहिक संकल्प लिया।
बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल किशोर गुप्ता, जन उद्घोष सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप तिवारी, समर्थ भारत के डॉ. अरुण द्विवेदी, श्री मनोज मिश्रा, डॉ. आलोक कृष्ण, श्री कुल सौरभ शुक्ला, श्री संजीव, श्री कुलदीप, डॉ. प्रदीप बाजपेई तथा हरिन्द्र सिंह सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।