सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का किया अभिषेक, विश्व कल्याण, राष्ट्र की सुरक्षा और जन-आरोग्य के लिए की मंगलकामना

दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ।श्रावण मास के अन्तिम पावन सोमवार पर मोहनलालगंज स्थित वारियर्स डिफेंस कॉलेज एवं एकेडमी परिसर में वैदिक परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का विशिष्ट संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय सनातन महासंघ एवं वारियर्स डिफेंस कॉलेज एवं एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रुद्राभिषेक में एनडीए, सीडीएस, अग्निवीर सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। वैदिक मंत्रों के सस्वर उच्चारण और ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से पूरा परिसर देर तक शिवमय बना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह तथा वारियर्स डिफेंस कॉलेज के प्रबंध निदेशक गुलाब सिंह ने भगवान शिव एवं उनके परिवार के पूजन, माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया। इसके बाद निर्धारित वैदिक विधि-विधान के अनुसार रुद्राभिषेक का अनुष्ठान आरंभ हुआ, जिसमें आस्था के साथ वैदिक परंपरा की गंभीरता भी स्पष्ट दिखाई दी।

वरिष्ठ वैदिक आचार्य पं. संजीव नारायण चतुर्वेदी के आचार्यत्व में सहयोगी ब्राह्मणों ने रुद्राष्टाध्यायी, शिवमहिम्न स्तोत्र तथा महामृत्युंजय मंत्र का सस्वर पाठ किया। इस दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल सहित विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित की गई। बेलपत्र, पुष्प, धतूरा और भस्म से पूजन के उपरांत षोडशोपचार विधि से भगवान शिव की आराधना संपन्न हुई।

अनुष्ठान के समापन पर आचार्यों ने विश्व कल्याण, राष्ट्र की सुरक्षा, समस्त प्राणियों के आरोग्य, सुख, शांति और समृद्धि के लिए मंगलकामना की। डिफेंस परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ युवा पीढ़ी में सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का अवसर भी बना दिया।

राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए रुद्राभिषेक की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रुद्राभिषेक केवल पूजा की एक पद्धति नहीं, बल्कि भगवान शिव के रुद्र स्वरूप को समर्पित विशिष्ट वैदिक अनुष्ठान है। मंत्रोच्चार के साथ शिवलिंग पर जल, दूध और पंचामृत आदि अर्पित करने के साथ इसमें ध्यान, षोडशोपचार पूजन तथा पुष्प-बिल्वपत्र अर्पण की समग्र परंपरा निहित है।

उन्होंने कहा कि श्रावण मास में रुद्राभिषेक की विशेष धार्मिक मान्यता है। आज के युवाओं को शारीरिक सामर्थ्य के साथ आध्यात्मिक रूप से भी सशक्त होना चाहिए। राष्ट्रसेवा के लिए तैयार हो रहे युवाओं के जीवन में अनुशासन, आत्मबल और सकारात्मक चेतना का विशेष महत्व है। भगवान शिव शक्ति, शौर्य और संहार के प्रतीक माने जाते हैं और उनका स्मरण युवाओं में आत्मविश्वास तथा कर्तव्यबोध को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है।

वारियर्स डिफेंस कॉलेज के प्रबंध निदेशक गुलाब सिंह ने आयोजन में शामिल अतिथियों, आचार्यों और छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं से युवाओं को जोड़ने वाले कार्यक्रम भी आवश्यक हैं। कॉलेज की ओर से भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक आयोजन जारी रखने की बात कही गई।
रुद्राभिषेक के पश्चात उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं अन्य श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन युवाओं में आस्था, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की भावना को जोड़ने का संदेश देता हुआ संपन्न हुआ।