ब्रेकिंग न्यूज़
तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश | जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था की बैठक हुई संपन्न | “पैमाइश के नाम पर घूसखोरी का खेल बेनकाब” | अवध से मालवा तक… एक योद्धा की वह लड़ाई जिसने भोजशाला को फिर बना दिया राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र | बेटियों की मुस्कान बचाने को आगे आया व्यापार जगत, बढ़ती महंगाई के बीच टेंट और कैटरिंग के दाम न बढ़ाने का ऐतिहासिक संकल्प | दुनिया की सबसे ताकतवर वित्तीय ताकत का भारत में विस्तार! | गोरखपुर में “25 लीटर दूध से 40 क्विंटल पनीर” का खेल उजागर | **UPPCL का ₹3000 करोड़ का ‘सिक्योरिटी सिंडिकेट’! स्मार्ट मीटरों के नाम पर उपभोक्ताओं से दोहरी वसूली का महाघोटाला?* | तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश | जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था की बैठक हुई संपन्न | “पैमाइश के नाम पर घूसखोरी का खेल बेनकाब” | अवध से मालवा तक… एक योद्धा की वह लड़ाई जिसने भोजशाला को फिर बना दिया राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र | बेटियों की मुस्कान बचाने को आगे आया व्यापार जगत, बढ़ती महंगाई के बीच टेंट और कैटरिंग के दाम न बढ़ाने का ऐतिहासिक संकल्प | दुनिया की सबसे ताकतवर वित्तीय ताकत का भारत में विस्तार! | गोरखपुर में “25 लीटर दूध से 40 क्विंटल पनीर” का खेल उजागर | **UPPCL का ₹3000 करोड़ का ‘सिक्योरिटी सिंडिकेट’! स्मार्ट मीटरों के नाम पर उपभोक्ताओं से दोहरी वसूली का महाघोटाला?* |
हाइलाइट न्यूज़
14वीं राष्ट्रीय वोवीनाम मार्शल आर्ट प्रतियोगिता: असम बना ओवरऑल चैंपियन उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की विशेष समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न शिवसैनिकों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कल से प्रारंभ मान्यता प्राप्त पत्रकारों हेतु आयुष्मान स्वास्थ्य-सुरक्षा शिविर 21 व 22 अगस्त को लखनऊ में लुलु मॉल का शीघ्र ही लोकार्पण किया जाएगा तकनीकी का प्रयोग व प्राकृतिक खेती आज की आवश्यकता : सीएम योगी दो टूक:जनता की सुनें अधिकारी, सुनिश्चित हो कार्यवाहीः सीएम योगी Commotion and Acrimony in Legislatures a Matter of Concern: Lok Sabha Speaker 14वीं राष्ट्रीय वोवीनाम मार्शल आर्ट प्रतियोगिता: असम बना ओवरऑल चैंपियन उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की विशेष समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न शिवसैनिकों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कल से प्रारंभ मान्यता प्राप्त पत्रकारों हेतु आयुष्मान स्वास्थ्य-सुरक्षा शिविर 21 व 22 अगस्त को लखनऊ में लुलु मॉल का शीघ्र ही लोकार्पण किया जाएगा तकनीकी का प्रयोग व प्राकृतिक खेती आज की आवश्यकता : सीएम योगी दो टूक:जनता की सुनें अधिकारी, सुनिश्चित हो कार्यवाहीः सीएम योगी Commotion and Acrimony in Legislatures a Matter of Concern: Lok Sabha Speaker
उत्तर प्रदेश सरकार English

कोयंबटूर में संस्कृत भारती का अखिल भारतीय त्रिदिवसीय अधिवेशन आरंभ

D

Dainik India News

15 views
कोयंबटूर में संस्कृत भारती का अखिल भारतीय त्रिदिवसीय अधिवेशन आरंभ

सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और श्रील श्रीकामक्षीदासस्वामी के करकमलों से हुआ भव्य उद्घाटन

अवध प्रांत से 34 कार्यकर्ताओं ने की सहभागिता, कार्यनीति पर हुआ विस्तृत विमर्श

दैनिक इंडिया न्यूज़, कोयंबटूर (तमिलनाडु), 7 नवम्बर।
संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के उद्देश्य से संस्कृत भारती द्वारा आयोजित अखिल भारतीय त्रिदिवसीय अधिवेशन का आज तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित अमृता विश्व विद्यापीठम, एत्तिमड्डै परिसर में भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले एवं श्रील श्रीकामक्षीदासस्वामी की गरिमामय उपस्थिति रही।

देशभर से आए कार्यकर्ताओं, विद्वानों और संस्कृतप्रेमियों ने इस अवसर पर यह संकल्प लिया कि संस्कृत भाषा को जन-जन की बोली के रूप में पुनः प्रतिष्ठित किया जाएगा। अधिवेशन में देश के सभी प्रांतों से प्रतिनिधियों की सहभागिता रही, जिनमें अवध प्रांत से 34 दायित्व कार्यकर्ताओं की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

अवध प्रांत के शोभनलाल उकील, अध्यक्ष संस्कृत भारती अवध प्रांत; जितेन्द्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष संस्कृत भारती न्यास अवध प्रांत; प्रमोद पंडित, क्षेत्रीय संगठन मंत्री (पूर्वी उत्तर प्रदेश) तथा अनिल कुमार, प्रांत मंत्री संस्कृत भारती अवध प्रांत सहित 34 कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता की।
इन सभी कार्यकर्ताओं ने अधिवेशन के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों में अपने अनुभव साझा किए और संस्था द्वारा निर्धारित नीतियों एवं आगामी कार्ययोजनाओं से स्वयं को अवगत कराया।

अधिवेशन में संस्कृत शिक्षण के आधुनिक साधनों, प्रौद्योगिकी के माध्यम से भाषा-विस्तार, विद्यालयों और महाविद्यालयों में संस्कृत के प्रसार के उपायों पर गहन चर्चा हुई। विभिन्न प्रांतीय इकाइयों ने अपने-अपने क्षेत्रीय कार्यों की प्रस्तुतियाँ भी दीं।

संस्कृत भारती के पदाधिकारियों ने बताया कि यह अधिवेशन हर तीन वर्ष में आयोजित होता है और इसका उद्देश्य केवल भाषा का प्रचार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के आत्मबोध को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी वैचारिक और सांस्कृतिक जड़ों का प्रतीक है, और इसे समाज की मुख्यधारा से जोड़ना ही इस अधिवेशन का प्रमुख लक्ष्य है।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!