ब्रेकिंग न्यूज़
डालीगंज के रिहायशी सुकून पर 'व्यावसायिक' प्रहार, नियमों को ठेंगा दिखा रहा वेयरहाउस | जनेश्वर मिश्र पार्क में अलौकिक वैवाहिक महोत्सव: जहाँ सत्ता, संस्कार और सद्भाव ने रचा एक जीवंत महाकाव्य | संस्कृत की दिव्य अनुगूंज में राष्ट्रीय आत्मा का जागरण: ‘प्रणवः’ से आरंभ हुआ सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महाशंखनाद | संस्कृत: राष्ट्रात्मा का अनश्वर स्पंदन और ‘प्रणव’ से प्रारंभ हुआ नवयुगीन चेतना का महाप्रस्थान | उत्तर प्रदेश बिजली विवाद और गहराया: प्राइवेटाइजेशन अटकने की खीझ क्या उपभोक्ताओं पर बन रही कहर? | “मानकों से खिलवाड़ पर कड़ा प्रहार: स्कूली वाहनों पर प्रशासन सख्त” | “विनाश की विभीषिका में करुणा का उदय, और राजनीति के प्रहारों के बीच सुलगता सच” | “महिला आरक्षण से शैक्षिक विमर्श तक: आश्वासन, अवकाश और अनुत्तरित प्रश्नों की गाथा” | डालीगंज के रिहायशी सुकून पर 'व्यावसायिक' प्रहार, नियमों को ठेंगा दिखा रहा वेयरहाउस | जनेश्वर मिश्र पार्क में अलौकिक वैवाहिक महोत्सव: जहाँ सत्ता, संस्कार और सद्भाव ने रचा एक जीवंत महाकाव्य | संस्कृत की दिव्य अनुगूंज में राष्ट्रीय आत्मा का जागरण: ‘प्रणवः’ से आरंभ हुआ सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महाशंखनाद | संस्कृत: राष्ट्रात्मा का अनश्वर स्पंदन और ‘प्रणव’ से प्रारंभ हुआ नवयुगीन चेतना का महाप्रस्थान | उत्तर प्रदेश बिजली विवाद और गहराया: प्राइवेटाइजेशन अटकने की खीझ क्या उपभोक्ताओं पर बन रही कहर? | “मानकों से खिलवाड़ पर कड़ा प्रहार: स्कूली वाहनों पर प्रशासन सख्त” | “विनाश की विभीषिका में करुणा का उदय, और राजनीति के प्रहारों के बीच सुलगता सच” | “महिला आरक्षण से शैक्षिक विमर्श तक: आश्वासन, अवकाश और अनुत्तरित प्रश्नों की गाथा” |
हाइलाइट न्यूज़
समस्त प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं:नरोत्तम कुमार गाजियाबाद में विकास की अपार सम्भावनाएं, जिन्हें प्रदेश सरकार ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री 500 वर्षों के तप के बाद आखिरकार अपने महल में विराजने जा रहे हैं श्रीरामलला, अयोध्या समेत पूरे देश में उत्सव का माहौल दीपक कुमार और जितेंद्र प्रताप सिंह की शिष्टाचार भेंट संपन्न, संस्कृत शिक्षा उन्नयन पर गहन विचार-विमर्श अध्यात्म के साथ देशभक्ति का मिला डबल डोज पुलिस कर्मियों को जनता के साथ शालीन और सभ्य व्यवहार की नसीहत:मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा छात्र/छात्राओं के हितो मे वृत्ति वृद्धि हेतू महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न- जे पी सिंह, अध्यक्ष संस्कृत भारतीन्यास अवधप्रान्त अमेठी में दरोगा का शव फांसी पर लटका समस्त प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं:नरोत्तम कुमार गाजियाबाद में विकास की अपार सम्भावनाएं, जिन्हें प्रदेश सरकार ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री 500 वर्षों के तप के बाद आखिरकार अपने महल में विराजने जा रहे हैं श्रीरामलला, अयोध्या समेत पूरे देश में उत्सव का माहौल दीपक कुमार और जितेंद्र प्रताप सिंह की शिष्टाचार भेंट संपन्न, संस्कृत शिक्षा उन्नयन पर गहन विचार-विमर्श अध्यात्म के साथ देशभक्ति का मिला डबल डोज पुलिस कर्मियों को जनता के साथ शालीन और सभ्य व्यवहार की नसीहत:मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा छात्र/छात्राओं के हितो मे वृत्ति वृद्धि हेतू महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न- जे पी सिंह, अध्यक्ष संस्कृत भारतीन्यास अवधप्रान्त अमेठी में दरोगा का शव फांसी पर लटका
उत्तर प्रदेश सरकार English

दिल्ली-एनसीआर में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़: बांग्लादेश से जुड़े तार, महिला डॉक्टर गिरफ्तार

D

Dainik India News

3 views
दिल्ली-एनसीआर में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़: बांग्लादेश से जुड़े तार, महिला डॉक्टर गिरफ्तार

दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली ।दिल्ली/नोएडा: दिल्ली-एनसीआर में चल रहे किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसमें बांग्लादेश से जुड़े तार मिले हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 50 वर्षीय महिला डॉक्टर विजया कुमारी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। डॉक्टर विजया कुमारी दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में काम करती थीं और इस रैकेट की प्रमुख कड़ी थीं।

दिल्ली में डील, नोएडा में सर्जरी

क्राइम ब्रांच की जांच में खुलासा हुआ कि किडनी ट्रांसप्लांट की डील दिल्ली में होती थी, जबकि सर्जरी नोएडा के एक निजी अस्पताल में की जाती थी। डॉक्टर विजया कुमारी और उनके सहयोगियों के नेटवर्क की मदद से बिचौलिए किडनी डोनेट करने वालों को अस्पताल लाते थे। पिछले कुछ वर्षों में डॉक्टर विजया कुमारी पर 15-16 किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन करने का आरोप है। अब उन्हें उनके पद से निलंबित कर दिया गया है।

पांच लाख में खरीद, 30 लाख में बेचते थे किडनी

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि किडनी डोनेट करने वालों को चार से पांच लाख रुपये का भुगतान किया जाता था, जबकि किडनी लेने वालों से 25 से 30 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। यह रैकेट 2019 से चल रहा था और क्राइम ब्रांच गुप्त सूचना के आधार पर पिछले कुछ दिनों से इसकी जांच कर रही थी।

बांग्लादेश उच्चायोग के नाम पर जाली दस्तावेज

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि किडनी रैकेट के लोग नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के नाम पर जाली दस्तावेज बनाते थे। इन दस्तावेजों में दावा किया गया कि अंग दान करने वाले और अंग लेने वाले (दोनों बांग्लादेशी) करीबी रिश्तेदार हैं।

विस्तृत जांच जारी

पुलिस ने कहा है कि मामले की गहन जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट के इस भंडाफोड़ ने चिकित्सा क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!