ब्रेकिंग न्यूज़
IDBI बैंक: तीन साल में ₹22,663 करोड़ का मुनाफा, फिर विदेशी कंपनी को नियंत्रण क्यों? | फैजुल्लागंज को बाढ़ से स्थायी मुक्ति दिलाने की पहल, राहत में कमी नहीं आने देंगे: राजनाथ सिंह | सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा: केंद्र ने मांगी बिना शर्त माफी! | चुनावी रिकॉर्ड गायब होने पर सुप्रीम कोर्ट की निर्वाचन आयोग को दोटूक चेतावनी, कहा—रिकॉर्ड पेश करें, वरना प्रतिकूल निष्कर्ष के लिए रहें तैयार | विजेथुआ–राजापुर सड़क विवाद में हाईकोर्ट का अहम फैसला, 18 साल पुराने अभिलेख बने विभागीय पक्ष का आधार | स्नातक-शिक्षक चुनाव में विजय के लिए भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत, 2,000 मतदाता प्रमुखों को सौंपा मोर्चा | बाढ़ की पीड़ा के बीच लखनऊ लौट रहे राजनाथ सिंह, तीन दिवसीय प्रवास में फैजुल्लागंज के पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात | 15 साल से लंबित याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को जवाब के लिए आखिरी दो सप्ताह | IDBI बैंक: तीन साल में ₹22,663 करोड़ का मुनाफा, फिर विदेशी कंपनी को नियंत्रण क्यों? | फैजुल्लागंज को बाढ़ से स्थायी मुक्ति दिलाने की पहल, राहत में कमी नहीं आने देंगे: राजनाथ सिंह | सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा: केंद्र ने मांगी बिना शर्त माफी! | चुनावी रिकॉर्ड गायब होने पर सुप्रीम कोर्ट की निर्वाचन आयोग को दोटूक चेतावनी, कहा—रिकॉर्ड पेश करें, वरना प्रतिकूल निष्कर्ष के लिए रहें तैयार | विजेथुआ–राजापुर सड़क विवाद में हाईकोर्ट का अहम फैसला, 18 साल पुराने अभिलेख बने विभागीय पक्ष का आधार | स्नातक-शिक्षक चुनाव में विजय के लिए भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत, 2,000 मतदाता प्रमुखों को सौंपा मोर्चा | बाढ़ की पीड़ा के बीच लखनऊ लौट रहे राजनाथ सिंह, तीन दिवसीय प्रवास में फैजुल्लागंज के पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात | 15 साल से लंबित याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को जवाब के लिए आखिरी दो सप्ताह |
हाइलाइट न्यूज़
बर्फीली वादियों में दौड़ेगी वंदे भारत • रेलवे संरक्षा अभियान के अंतर्गत वाराणसी मंडल में संरक्षा संगोष्ठी आयोजित,“स्वयं की सुरक्षा, संरक्षा सेवा का प्रथम चरण” – मंडल रेल प्रबंधक विनीत कुमार श्रीवास्तव • सभी देशवासियों को नव वर्ष की हार्दिक मंगल शुभकामनाएं:केन्द्रीय पत्रकार एसोसिएशन • छठ पूजा पर टिकरी बॉर्डर में भव्य आयोजन, पूर्व विधायक सुखबीर सिंह दलाल का अनुकरणीय योगदान • भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी स्वर्ण जयंती अटल रन का आयोजन संपन्न • श्री लालजी टण्डन लखनऊ की एक पहचान थे: मुख्यमंत्री • दोषी के ऊपर मुकदमा पंजीकृत कर,जांच में जुटी पुलिस • भारत को विश्व पर्यटन की राजधानी बनाने वाले दूरदर्शी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत को जन्मदिन की शुभकामनाएं-जितेंद्र प्रताप सिंह • बर्फीली वादियों में दौड़ेगी वंदे भारत • रेलवे संरक्षा अभियान के अंतर्गत वाराणसी मंडल में संरक्षा संगोष्ठी आयोजित,“स्वयं की सुरक्षा, संरक्षा सेवा का प्रथम चरण” – मंडल रेल प्रबंधक विनीत कुमार श्रीवास्तव • सभी देशवासियों को नव वर्ष की हार्दिक मंगल शुभकामनाएं:केन्द्रीय पत्रकार एसोसिएशन • छठ पूजा पर टिकरी बॉर्डर में भव्य आयोजन, पूर्व विधायक सुखबीर सिंह दलाल का अनुकरणीय योगदान • भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी स्वर्ण जयंती अटल रन का आयोजन संपन्न • श्री लालजी टण्डन लखनऊ की एक पहचान थे: मुख्यमंत्री • दोषी के ऊपर मुकदमा पंजीकृत कर,जांच में जुटी पुलिस • भारत को विश्व पर्यटन की राजधानी बनाने वाले दूरदर्शी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत को जन्मदिन की शुभकामनाएं-जितेंद्र प्रताप सिंह •
Uncategorized English

मधुबन में आयोजित श्री रामकथा के छठवें दिन प्रभु श्रीराम को हुआ वनवास

D

Dainik India News

• 8361 views
मधुबन में आयोजित श्री रामकथा के छठवें दिन प्रभु श्रीराम को हुआ वनवास

दैनिक इंडिया न्यूज मऊ, उत्तर प्रदेश
मऊ।

श्री दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर सेवा समिति द्वारा आयोजित रामकथा में व्यास पीठ से कथावाचक पूज्य विश्वम्भर जी ने प्रभु श्रीराम के वन गमन की कथा सुनाते हुए बताया कि जब चक्रवर्ती सम्राट महाराजा दशरथ ने अपने ज्येष्ठ पुत्र श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा करते हैं, तो देवलोक के देवता चिंतित हो जाते हैं और आपस में मंत्रणा कर देवी सरस्वती को मंथरा की बुद्धि फेरने के लिए सहमत करते हैं । मंथरा, कैके ई के मन में अपने पुत्र भरत को राजा के तौर पर देखने और श्री रामचन्द्र जी को वनवास भेजने का विचार डालती है। रानी कैकेई कोप भवन में चली जाती है, जब राजा दशरथ उन्हें मनाने आते हैं तो रानी कैकेई महाराज से दो वरदान मांगती हैं पहला श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास और दूसरा भरत का राजतिलक । यह सुनकर राजा दशरथ को श्रवण कुमार के दुर्घटनावश वध पर शांतनु का दिया श्राप याद आता है, जिसमें उन्हें पुत्र वियोग में मृत्यु का श्राप दिया गया था। पिता द्वारा दिए वचन को पुरा करने के लिए श्रीराम और उनके साथ लक्ष्मण और सीता भी वन को प्रस्थान करते हैं और अन्ततः श्रीराम के वियोग में राजा दशरथ प्राण त्याग देते हैं ।
प्रभु श्रीराम वनवास जाने के लिए माँ गंगा के किनारे पहुंचते हैं, जहां केवट उनके पांव पखारने के बाद उन्हें गंगा पार कराता है। गंगा पार करने के बाद प्रभू श्रीराम माता जानकी व भ्राता लक्ष्मण के साथ भारद्वाज ऋषि के आशीर्वाद से आश्रम में कुटी बनाकर विश्राम करते हैं ।
रामकथा से पूर्व भरत भैया, डॉक्टर आर. एन. सिंह, शिवानंद मल्ल, ने व्यासपीठ व रामचरितमानस पाठ का आरती व पूजन किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अमित कुमार गुप्ता, संतोष जायसवाल, अनिल मिश्रा, हरिओम, वैभव, हिमांशु, विनोद गुप्ता, विष्णु, राजकुमार, अनिल मद्धेशिया, उमेश जायसवाल आदि उपस्थित रहे।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!