ब्रेकिंग न्यूज़
संस्कृत की दिव्य अनुगूंज में राष्ट्रीय आत्मा का जागरण: ‘प्रणवः’ से आरंभ हुआ सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महाशंखनाद | संस्कृत: राष्ट्रात्मा का अनश्वर स्पंदन और ‘प्रणव’ से प्रारंभ हुआ नवयुगीन चेतना का महाप्रस्थान | उत्तर प्रदेश बिजली विवाद और गहराया: प्राइवेटाइजेशन अटकने की खीझ क्या उपभोक्ताओं पर बन रही कहर? | “मानकों से खिलवाड़ पर कड़ा प्रहार: स्कूली वाहनों पर प्रशासन सख्त” | “विनाश की विभीषिका में करुणा का उदय, और राजनीति के प्रहारों के बीच सुलगता सच” | “महिला आरक्षण से शैक्षिक विमर्श तक: आश्वासन, अवकाश और अनुत्तरित प्रश्नों की गाथा” | “आस्था, इतिहास और स्वाभिमान का संगम: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा के लिए जनपद से दल रवाना” | “नियुक्ति की दहलीज़ पर ठिठके 68 चिकित्सक: आयुष तंत्र में अदृश्य अवरोध या प्रशासनिक जड़ता?” | संस्कृत की दिव्य अनुगूंज में राष्ट्रीय आत्मा का जागरण: ‘प्रणवः’ से आरंभ हुआ सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महाशंखनाद | संस्कृत: राष्ट्रात्मा का अनश्वर स्पंदन और ‘प्रणव’ से प्रारंभ हुआ नवयुगीन चेतना का महाप्रस्थान | उत्तर प्रदेश बिजली विवाद और गहराया: प्राइवेटाइजेशन अटकने की खीझ क्या उपभोक्ताओं पर बन रही कहर? | “मानकों से खिलवाड़ पर कड़ा प्रहार: स्कूली वाहनों पर प्रशासन सख्त” | “विनाश की विभीषिका में करुणा का उदय, और राजनीति के प्रहारों के बीच सुलगता सच” | “महिला आरक्षण से शैक्षिक विमर्श तक: आश्वासन, अवकाश और अनुत्तरित प्रश्नों की गाथा” | “आस्था, इतिहास और स्वाभिमान का संगम: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा के लिए जनपद से दल रवाना” | “नियुक्ति की दहलीज़ पर ठिठके 68 चिकित्सक: आयुष तंत्र में अदृश्य अवरोध या प्रशासनिक जड़ता?” |
हाइलाइट न्यूज़
कलश यात्रा: श्रद्धा का ज्वार, जिसने नगर-हृदय को बना दिया एक जीवंत तीर्थ छात्र छात्राओं को तकनीकी सशक्तिकरण हेतु टैबलेट / स्मार्टफोन कार्यकम में 605 लाभार्थियों को मिला टैबलेट / स्मार्टफोन "व्यापारी सुरक्षा और कानून व्यवस्था" विषयक बैठक सम्पन्न, आदर्श व्यापारी एसोसिएशन द्वारा आयोजित गम्भीर हालत में पहुंचे मरीज को सहारा हॉस्पिटल में मिला जीवन दान लखनऊ ,वन विभाग का दावा- 3 दिनों से नहीं दिखा तेंदुआ, नंबर जारी कर लोगों से की यह अपील बैंक ऋण जमा न करने पर जिलाधिकारी ने 8 लोगों की बंधक अचल संपत्तियों को सरफेसी एक्ट के तहत संबंधित बैंकों को हस्तांतरित करने का जारी किया आदेश एक्सप्रेस-वे पर काम करने वाले श्रमिकों की होगी टीबी स्क्रीनिंग व जांच मेरठ में इंसानियत शर्मसार, पिता ने ढाई साल की बेटी को गंगनहर में फेंका कलश यात्रा: श्रद्धा का ज्वार, जिसने नगर-हृदय को बना दिया एक जीवंत तीर्थ छात्र छात्राओं को तकनीकी सशक्तिकरण हेतु टैबलेट / स्मार्टफोन कार्यकम में 605 लाभार्थियों को मिला टैबलेट / स्मार्टफोन "व्यापारी सुरक्षा और कानून व्यवस्था" विषयक बैठक सम्पन्न, आदर्श व्यापारी एसोसिएशन द्वारा आयोजित गम्भीर हालत में पहुंचे मरीज को सहारा हॉस्पिटल में मिला जीवन दान लखनऊ ,वन विभाग का दावा- 3 दिनों से नहीं दिखा तेंदुआ, नंबर जारी कर लोगों से की यह अपील बैंक ऋण जमा न करने पर जिलाधिकारी ने 8 लोगों की बंधक अचल संपत्तियों को सरफेसी एक्ट के तहत संबंधित बैंकों को हस्तांतरित करने का जारी किया आदेश एक्सप्रेस-वे पर काम करने वाले श्रमिकों की होगी टीबी स्क्रीनिंग व जांच मेरठ में इंसानियत शर्मसार, पिता ने ढाई साल की बेटी को गंगनहर में फेंका
Uncategorized English

यह सेबी ही है जिसे सहारा के निवेशकों का भुगतान उन ₹ 24,000 करोड़ में से करना है जो उसके पास जमा है : सहारा ने माननीय उच्च न्यायालय से कहा

D

Dainik India News

3 views

ब्यूरो डेस्क/डी डी इंडिया न्यूज

लखनऊ, 09 मार्च, 2022 : सहारा इंडिया परिवार ने माननीय पटना हाई कोर्ट के समक्ष कहा कि सेबी के पास जो ₹ 24,000 करोड़ से अधिक की धनराशि जमा है, वह सहारा ग्रुप कंपनीज के निवेशकों के पुनर्भुगतान के लिए है। किंतु निवेशकों को सेबी से भुगतान नहीं मिला है और यह धनराशि सेबी के पास व्यर्थ पड़ी है। विगत 9 वर्षों में सेबी ने निवेशकों को केवल ₹128 करोड़ का ही पुनर्भुगतान किया है।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में समूह की अन्य कंपनियों के निवेशकों की देनदारी चुकाने के प्रति कोई रोक नहीं है। माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा जारी सम्मन के अनुसरण में 8 मार्च 2022 को सहारा की ओर से न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए वरिष्ठ अधिवक्ता श्री उमेश प्रसाद सिंह ने एक लिखित उत्तर में यह बात कही।

इसके साथ ही यह तर्क भी दिया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय या किसी अन्य न्यायालय द्वारा सेबी को सहारा की दो कंपनियों के अलावा अन्य कंपनियों/सोसाइटी के निवेशकों को पुनर्भुगतान करने से रोकने के लिए कोई बाधा या आदेश पारित नहीं किया गया है। जबकि उन कंपनियों द्वारा किए गए निवेश माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फ्रीज़ कर दिए गए हैं।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वास्तव में माननीय लखनऊ उच्च न्यायालय के समक्ष दायर एक रिट याचिका में सेबी ने स्वयं यह कहा था कि सहारा से प्राप्त धन का उपयोग सहारा क्यू शॉप सहित सभी निवेशकों को पुनर्भुगतान करने के लिए किया जाएगा। किसी भी स्थिति में यदि पुनर्भुगतान नहीं किया जाता है, तो पैसा ब्याज सहित सहारा को वापस कर दिया जाएगा।

हालांकि, सेबी के इस तरह के कथन और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 05.12. 2012 के स्पष्ट आदेश के बावजूद कि सेबी द्वारा सहारा को अधिशेष राशि वापस कर दी जाएगी, परंतु सेबी ने न तो निवेशकों को भुगतान किया है और न ही सहारा को रिफंड किया है। ऐसे ने सेबी के लिए केवल एक ही विकल्प खुला है कि या तो वह सहारा को पूरी राशि वापस करें या निवेशकों को पुनर्भुगतान करे।

सहारा के वकील द्वारा दाखिल की गई दलीलों का सेबी के वकील संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। माननीय उच्च न्यायालय ने सेबी को 25.03.2022 को या उससे पहले लिखित में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने आगे निर्देश दिया कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उठाए गए सभी सवालों के जवाब देने के लिए मुंबई में सेबी के हेड ऑफिस का एक जिम्मेदार अधिकारी 28.03. 2022 को अदालत में उपस्थित हो।

अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें--
गुलाम जीशान
कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस
सहारा इंडिया परिवार मोबाइल : 9792982666

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!