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विदिशा ट्रस्ट द्वारा लगातार ग्यारहवें वर्ष 5 से 16 वर्ष की आयु के मध्य के बच्चों के लिए "वाइब्रेट विदिशा" चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

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Bhargav Bhargav

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विदिशा ट्रस्ट द्वारा लगातार ग्यारहवें वर्ष 5 से 16 वर्ष की आयु के मध्य के बच्चों के लिए "वाइब्रेट विदिशा" चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

उदय राज/दैनिक इंडिया न्यूज

यह वार्षिक आयोजन स्वर्गीय विदिशा भार्गव की स्नेहिल स्मृति में आयोजित किया जाता है, इसका उद्देश्य है "हर बच्चे के लिए मुस्कान खोजें"

  • "डबल धमाका" के नाम से इस वर्ष इस आयोजन में बच्चों के लिए फ्री हेल्थ चेकअप कैंप व कोविड टीकाकरण भी शामिल है लखनऊ, 9 जुलाई : विदिशा ट्रस्ट ने अपनी वार्षिक चित्रकला प्रतियोगिता के 11वें संस्करण "वाइब्रेट विदिशा 2022" का आयोजन किया। विदिशा ट्रस्ट की स्थापना वंदना भार्गव द्वारा अपनी प्यारी बेटी विदिशा की स्नेहिल समिति में की गयी थी। विदिशा के मुस्कुराते चेहरे ने सदा अपने आसपास प्रेम, खुशी व हंसी का वातावरण बनाया था। यह आयोजन बच्चों के दो वर्गों जूनियर (5 से 10 वर्ष) तथा सीनियर (11 से 16) वर्ष के साथ-साथ एक विशेष वर्ग सीनियर (माता-पिता) के लिए किया गया था। यहां 600 से अधिक बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर खूब आकर्षक चित्रांकन किए। रंगों में ब्रुश डुबोकर उन्होंने अपनी कल्पना शक्ति व नैसर्गिक प्रतिभा का बखूबी प्रदर्शन किया। दोनों ही वर्गों के बच्चों ने भविष्य की अपनी अभिलाषा और लक्ष्यों को उकेरा। दूसरी ओर बच्चों के माता-पिता ने भी अपने बच्चों के वयस्क की कल्पना को चिंत्रांकित किया।
    विजेताओं को मेटल व ट्राफी के साथ-साथ कई अन्य आकर्षक पुरस्कार भी बांटे गए। बच्चों के माता-पिता को न केवल पुरस्कार मिले साथ ही आइसक्रीम व पॉपकॉर्न की मजेदार दावत भी दी गयी। सबकी खुशी व संतुष्टि देखने लायक थी। मस्ती के माहौल को और भी मजेदार बनाया एक मैजिक शो ने, जिसे खूब वाहवाही मिली। यही नहीं बच्चों को इस एक दिन के लिए निकट ही नये खुले संगीत विद्यालय अंतरा में स्पेशल डिस्काउंट पर दाखिले का भी अनूठा उपहार दिया गया। अंतरा आयोजन स्थल से सटा हुआ है यह डांस, वोकल व इंस्ट्रुमेंटल, इन तीनों विधाओं में सर्वोत्तम प्रशिक्षण दिया जाता है और इसी कारण इसे खूब ख्याति मिल रही है। इसके साथ ही विदिशा ट्रस्ट ने आस्था हॉस्पिटल के साथ मिलकर फ्री हेल्थ चेकअप व कोविड टीकाकरण कैम्प का भी वहीं आयोजन किया। यहां 12 से 17 वर्ष के बच्चों को कोवैक्स के टीके लगाए गए।

इस अवसर पर विदिशा ट्रस्ट की डायरेक्टर श्रीमती वंदना भार्गव ने कहा कि भावी कलाकारों की छुपी प्रतिभा को सामने लाने और प्रोत्सहित करने के ध्येय से परिलक्षित व आयोजित यह प्रतियोगिता कला में रुचि रखने वालों को वार्षिक मंच दे रही है। विगत 2 वर्षों में हमने कोविड के असर को महसूस किया जिसने हमारे जीवन को बाधित किया था और हर तरफ अनिश्चितता का माहौल बना दिया था। लाकडाउन के प्रावधानों क महामारी के काले बादल छट रहे हैं। हम इस आयोजन के मौलिक रूप को वापस ला रहे हैं। आज बच्चों की उनके माता-पिता के साथ मुस्कुराहटों व उत्साहित भागीदारी को देखकर हमारा जुनून दोगुना हो गया है। इस तरह हम उस ओर बढ़ रहे हैं जो विदिशा ने चुना था, यानी "हर बच्चे के लिए मुस्कान खोजें"। यह आयोजन सबके बीच वही चंचलता और खुशी जगाना चाहता है जिसके कारण विदिशा अपने परिवार व मित्रों को प्रिय थी। उनकी अनुपस्थिति में यह आयोजन सूचक है कि विदिशा अपने पीछे लाखों मुस्कुराहट छोड़ गयी है। विदिशा ट्रस्ट के सभी सदस्य इस आयोजन के एसोसिएट स्पॉन्सर डॉ अभिषेक शुक्ला हेड आस्था ग्रुप, अमित भार्गव एवं श्री गिरजा शंकर अग्रवाल, परिवार के सदस्य व मित्रगण जिन सबने साथ मिलकर इस आयोजन को इतना सफल बनाया उन सब को धन्यवाद देते हैं।

विदिशा ट्रस्ट श्री अशोक भार्गव एवं श्रीमती वंदना भार्गव की पुत्री विदिशा भार्गव के दुखद निधन के पश्चात उसकी स्मृति में वर्ष 2011 में स्थापित विदिशा ट्रस्ट एक समाज सेवा संगठन है जो समाज कल्याण के लिए समाज सेवा के अनेक कार्यक्रम संचालित कर रहा है। ट्रस्ट का यह विश्वास है कि समाज में सौहार्द बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि अपने बच्चों को विरासत के तौर पर एक नयी बेहतर और खुशहाल दुनिया का बहुमूल्य उपहार दें जिससे उनको भविष्य में सक्षम और समस्त नागरिक बनने का पूरा-पूरा अवसर मिले।

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