आचार्य प्रेम त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य जी ने शारदीय नवरात्रि के पवन पर्व पर प्रदेशवासियों को मंगलमय शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख-समृद्धि की कामना की है।
श्री त्रिपाठी जी ने अपने संदेश में कहा है कि श्रद ऋतु में प्रकृति की छटा दर्शनीय होती है और यह शक्ति उपासना सर्वोत्तम समय होता है। नवरात्रि का पर्व नौ शक्तियों की अराधना का पर्व है। नवरात्र में की जाने वाली पूजा, अर्चना एवं साधना का उद्देश्य अदृश्य ऊर्जा, दैवीय शक्ति को प्रकट करना है।
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शारदीय नवरात्रि के पवन पर्व पर प्रदेशवासियों को मंगलमय शुभकामनाएं-आचार्य प्रेम त्रिपाठी ज्योतिषाचार्य
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