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श्रीरामलला की वर्तमान मूर्ति भी मूल मंदिर के मूल गर्भ गृह में होगी स्थापित  

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Dainik India News

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श्रीरामलला की वर्तमान मूर्ति भी मूल मंदिर के मूल गर्भ गृह में होगी स्थापित  

प्राण प्रतिष्ठा के बाद भी वर्तमान मूर्ति की अनवरत जारी रहेगी पूजा अर्चना 

दैनिक इंडिया न्यूज़ अयोध्या, 15 जनवरी। सोमवार को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उस सवाल का भी जवाब दे दिया, जिसका सभी को बेताबी से इंतजार था। अयोध्या में वर्तमान में भगवान श्रीरामलला की मूर्ति की पूजा अर्चना की जा रही है, उन्हें भी नए मंदिर के गर्भ गृह में ही स्थापित किया जाएगा और नई प्रतिमा के साथ-साथ उनकी भी एक समान पूजा अर्चना की जाएगी। उल्लेखनीय है कि बहुत से लोग जानना चाहते थे कि गर्भ गृह में श्रीरामलला की नई प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद वर्तमान में जिस मूर्ति की पूजा अर्चना की जा रही है, उसका क्या होगा। सोमवार को इन सभी सवालों का जवाब मिल गया। 

70 साल से हो रही है पूजा

चंपत राय ने बताया कि भगवान की वर्तमान प्रतिमाएं जिनकी उपासना, सेवा, पूजा लगातार 70 साल (1950 से) से चली आ रही है, वो भी मूल मंदिर के मूल गर्भ गृह में ही उपस्थित रहेंगी। उन्होंने बताया कि जैसे अभी उनकी पूजा और उपासना की जा रही है, वैसी ही 22 जनवरी से भी अनवरत की जाएगी। उन्होंने ये भी बताया कि पुरानी प्रतिमाओं के साथ-साथ श्रीरामलला की नई प्रतिमा को भी अंग वस्त्र पहनाए जाएंगे। मालूम हो कि वर्तमान में जिस मंदिर में श्रीरामलला की पूजा होती है, वहां श्रीरामलला अपने तीनों भाइयों के संग विराजमान हैं।

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