ब्रेकिंग न्यूज़
भोजशाला विवाद निर्णायक मोड़ पर, सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत न मिलने पर हिंदू पक्ष उत्साहित | भोजशाला में बड़ी विजय की ओर हिंदू पक्ष, सुप्रीम कोर्ट के रुख से मुस्लिम पक्ष में बढ़ी बेचैनी | मुख्यमंत्री डैशबोर्ड समीक्षा बैठक में सीडीओ सख्त, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनपद की रैंकिंग सुधारने के दिए निर्देश | होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया का जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने किया औचक निरीक्षण, निष्पक्षता और पारदर्शिता पर दिया विशेष जोर | महाशिवरात्रि : अद्वैत-तत्त्व की परम महानिशा — अभयानंद सरस्वती | भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का सूत्रपात, बाल संस्कारशाला अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान | गुरुसत्ता के प्रति अहर्निश निष्ठा : ब्रह्मविद्या, ऋतंभरा प्रज्ञा और विवेक का सनातन रहस्य - अभयानंद सरस्वती | 'केवल वृक्ष मत लगाइए, वृक्षपालक बनिए' : जितेंद्र प्रताप सिंह | भोजशाला विवाद निर्णायक मोड़ पर, सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत न मिलने पर हिंदू पक्ष उत्साहित | भोजशाला में बड़ी विजय की ओर हिंदू पक्ष, सुप्रीम कोर्ट के रुख से मुस्लिम पक्ष में बढ़ी बेचैनी | मुख्यमंत्री डैशबोर्ड समीक्षा बैठक में सीडीओ सख्त, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनपद की रैंकिंग सुधारने के दिए निर्देश | होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया का जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने किया औचक निरीक्षण, निष्पक्षता और पारदर्शिता पर दिया विशेष जोर | महाशिवरात्रि : अद्वैत-तत्त्व की परम महानिशा — अभयानंद सरस्वती | भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का सूत्रपात, बाल संस्कारशाला अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान | गुरुसत्ता के प्रति अहर्निश निष्ठा : ब्रह्मविद्या, ऋतंभरा प्रज्ञा और विवेक का सनातन रहस्य - अभयानंद सरस्वती | 'केवल वृक्ष मत लगाइए, वृक्षपालक बनिए' : जितेंद्र प्रताप सिंह |
हाइलाइट न्यूज़
जिलाधिकारी मऊ की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न पुलिस के सामने दबंगों ने दुकानदार को पीटा,पुलिस बनी मूक दर्शक वृक्षारोपण कार्य महान एक पेड़ 10 पुत्र समान डीसी मनरेगा ने मनरेगा कर्मचारियों की समीक्षा बैठक, अनुपस्थित पाए जाने पर जारी की नोटिस ससुरालजनों ने विवाहिता की जमकर की पिटाई मुकदमा दर्ज छोटे-मोटे अपराधों पर जेल नहीं, जुर्माना लागू करेगी — 300-400 कानूनों में बड़े बदलाव की तैयारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण, राहत सामग्री वितरित तेज होगी विकास की रफ्तार, योगी सरकार ने पेश किया 3376954.67 लाख का अनुपूरक बजट जिलाधिकारी मऊ की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न पुलिस के सामने दबंगों ने दुकानदार को पीटा,पुलिस बनी मूक दर्शक वृक्षारोपण कार्य महान एक पेड़ 10 पुत्र समान डीसी मनरेगा ने मनरेगा कर्मचारियों की समीक्षा बैठक, अनुपस्थित पाए जाने पर जारी की नोटिस ससुरालजनों ने विवाहिता की जमकर की पिटाई मुकदमा दर्ज छोटे-मोटे अपराधों पर जेल नहीं, जुर्माना लागू करेगी — 300-400 कानूनों में बड़े बदलाव की तैयारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण, राहत सामग्री वितरित तेज होगी विकास की रफ्तार, योगी सरकार ने पेश किया 3376954.67 लाख का अनुपूरक बजट
लेख / शोध English

हरदोई: फर्जी हस्ताक्षरों से काटे गए 35 से 50 हरे पेड़, उद्यान अधिकारी ने लगाए गंभीर आरोप

D

Dainik India News

33 views

जिला उद्यान अधिकारी ने वन विभाग पर लगाया फर्जी हस्ताक्षर का आरोप

https://youtu.be/rlDnDhcBdEA?si=PTU8cFHiC6SFNLQt

राजन त्रिवेदी, दैनिक इंडिया न्यूज़
हरदोई, उत्तर प्रदेश – जनपद हरदोई में अवैध पेड़ कटान का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें जिला उद्यान अधिकारी सुभाष चंद्र ने आरोप लगाया है कि उनके फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए 35 से 50 हरे पेड़ों का कटान किया गया है। यह घटना ग्राम पंचायत सकाहा में दिनदहाड़े घटी, जहां पेड़ों को अवैध रूप से काटा गया।

उद्यान अधिकारी ने आरोप लगाया कि इस अवैध कटान के पीछे वन विभाग के डीएफओ और रेंजर प्रदीप कुमार की मिलीभगत हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले में फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षरों का प्रयोग किया गया है, जिससे प्रशासनिक स्तर पर जांच की आवश्यकता है।

पेड़ों की अवैध कटान और लकड़ी की तस्करी

इस अवैध कटान के चलते लगभग 1500 कुंतल लकड़ी को मशीनों पर लादकर ले जाया गया, जो एक गंभीर मुद्दा है। उद्यान अधिकारी ने मांग की है कि न केवल इस अवैध लकड़ी को जब्त किया जाए, बल्कि फर्जी हस्ताक्षरों के जिम्मेदार लोगों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।

प्रदेश सरकार की सक्रियता की सराहना, दोषियों पर दंड की मांग

इस घटना ने क्षेत्र की जनता में आक्रोश पैदा कर दिया है और जिला प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार की तत्परता और सक्रियता की सराहना की जानी चाहिए, जिन्होंने इस मुद्दे पर त्वरित प्रतिक्रिया देने की दिशा में कदम उठाए हैं। हालांकि, यह अत्यंत आवश्यक है कि दोषी अधिकारियों को दंडित किया जाए और अवैध कटान पर कठोर कदम उठाए जाएं।

सरकार को चाहिए कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस मामले में न्याय सुनिश्चित करे और पेड़ों की रक्षा के लिए कड़े उपाय लागू करे।

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!