ब्रेकिंग न्यूज़
संस्कृत की दिव्य अनुगूंज में राष्ट्रीय आत्मा का जागरण: ‘प्रणवः’ से आरंभ हुआ सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महाशंखनाद | संस्कृत: राष्ट्रात्मा का अनश्वर स्पंदन और ‘प्रणव’ से प्रारंभ हुआ नवयुगीन चेतना का महाप्रस्थान | उत्तर प्रदेश बिजली विवाद और गहराया: प्राइवेटाइजेशन अटकने की खीझ क्या उपभोक्ताओं पर बन रही कहर? | “मानकों से खिलवाड़ पर कड़ा प्रहार: स्कूली वाहनों पर प्रशासन सख्त” | “विनाश की विभीषिका में करुणा का उदय, और राजनीति के प्रहारों के बीच सुलगता सच” | “महिला आरक्षण से शैक्षिक विमर्श तक: आश्वासन, अवकाश और अनुत्तरित प्रश्नों की गाथा” | “आस्था, इतिहास और स्वाभिमान का संगम: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा के लिए जनपद से दल रवाना” | “नियुक्ति की दहलीज़ पर ठिठके 68 चिकित्सक: आयुष तंत्र में अदृश्य अवरोध या प्रशासनिक जड़ता?” | संस्कृत की दिव्य अनुगूंज में राष्ट्रीय आत्मा का जागरण: ‘प्रणवः’ से आरंभ हुआ सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महाशंखनाद | संस्कृत: राष्ट्रात्मा का अनश्वर स्पंदन और ‘प्रणव’ से प्रारंभ हुआ नवयुगीन चेतना का महाप्रस्थान | उत्तर प्रदेश बिजली विवाद और गहराया: प्राइवेटाइजेशन अटकने की खीझ क्या उपभोक्ताओं पर बन रही कहर? | “मानकों से खिलवाड़ पर कड़ा प्रहार: स्कूली वाहनों पर प्रशासन सख्त” | “विनाश की विभीषिका में करुणा का उदय, और राजनीति के प्रहारों के बीच सुलगता सच” | “महिला आरक्षण से शैक्षिक विमर्श तक: आश्वासन, अवकाश और अनुत्तरित प्रश्नों की गाथा” | “आस्था, इतिहास और स्वाभिमान का संगम: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा के लिए जनपद से दल रवाना” | “नियुक्ति की दहलीज़ पर ठिठके 68 चिकित्सक: आयुष तंत्र में अदृश्य अवरोध या प्रशासनिक जड़ता?” |
हाइलाइट न्यूज़
एक वांछित अभियुक्त गिरफ्तार Prashant A N takes over as Regional Director of CII Northern Region दुबई बिज़नेस कॉन्क्लेव 2025 में भारत–यूएई साझेदारी पर सार्थक चर्चा - नीरज सिंह "डेंगू हटाना है, तो पेस्ट कंट्रोल अपनाना है!" चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व को 'ईको टूरिज्म' का हब बनाने पर योगी सरकार का फोकस राजनाथ सिंह के एतिहासिक नामंकन व हैट्रिक पारी के लिए वार्ड वार्ड जन जागरण अभियान को दिशा देने निकलीं सुषमा खर्कवाल-जितेन्द्र प्रताप सिंह बाबा साहेब डा0 भीमराव आंबेडकर के जन्म दिवस संदेश:सतीश महाना नोएडा के बाद लखनऊ में भी जस्ट डायल के खिलाफ गहराया विवाद, जल्द हो सकती है FIR एक वांछित अभियुक्त गिरफ्तार Prashant A N takes over as Regional Director of CII Northern Region दुबई बिज़नेस कॉन्क्लेव 2025 में भारत–यूएई साझेदारी पर सार्थक चर्चा - नीरज सिंह "डेंगू हटाना है, तो पेस्ट कंट्रोल अपनाना है!" चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व को 'ईको टूरिज्म' का हब बनाने पर योगी सरकार का फोकस राजनाथ सिंह के एतिहासिक नामंकन व हैट्रिक पारी के लिए वार्ड वार्ड जन जागरण अभियान को दिशा देने निकलीं सुषमा खर्कवाल-जितेन्द्र प्रताप सिंह बाबा साहेब डा0 भीमराव आंबेडकर के जन्म दिवस संदेश:सतीश महाना नोएडा के बाद लखनऊ में भी जस्ट डायल के खिलाफ गहराया विवाद, जल्द हो सकती है FIR
उत्तर प्रदेश सरकार English

86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन लखनऊ में भव्य रूप से प्रारंभ

D

Dainik India News

1 views
86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन लखनऊ में भव्य रूप से प्रारंभ

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर दिया ओजस्वी एवं दिशादर्शक संबोधन

दैनिक इंडिया न्यूज़,नई दिल्ली/लखनऊ | 19 जनवरी, 2026 उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज लोकतांत्रिक विमर्श का केंद्र बनी, जब 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) का भव्य शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने किया। देश की संसदीय परंपराओं को सुदृढ़ करने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन ने लोकतंत्र के प्रहरी माने जाने वाले पीठासीन अधिकारियों को एक साझा मंच प्रदान किया है।


सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने अपना अत्यंत विचारोत्तेजक एवं प्रेरणास्पद मुख्य संबोधन प्रस्तुत किया। सम्मेलन में 28 राज्यों, 3 केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं तथा 6 विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारी सहभागिता कर रहे हैं, जो इस आयोजन की राष्ट्रीय व्यापकता और गरिमा को रेखांकित करता है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना ने सभी उपस्थित पीठासीन अधिकारियों के समक्ष प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का शुभकामना संदेश वाचन किया, जिसमें लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया गया।


अपने संबोधन में लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने पीठासीन अधिकारियों की भूमिका को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए कहा कि पीठासीन अधिकारी चाहे किसी भी राजनीतिक दल से संबद्ध हों, उनका आचरण दलगत राजनीति से सर्वथा ऊपर, पूर्णतः न्यायपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए—और इतना ही नहीं, वह न्यायपूर्ण एवं निष्पक्ष दिखना भी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी की निष्पक्षता ही सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक विश्वसनीयता का आधार होती है।


श्री बिरला ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि राज्य विधानमंडलों की कार्यवाही का समय निरंतर घटता जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधायिका के माध्यम से ही जनता की आकांक्षाएँ, अपेक्षाएँ और समस्याएँ शासन तक पहुँचती हैं, अतः विधानसभाओं और विधान परिषदों की कार्यवाही के लिए निश्चित, पर्याप्त एवं संरक्षित समय सुनिश्चित किया जाना नितांत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“सदन जितना अधिक चलेगा, उतनी ही अधिक सार्थक, गंभीर और परिणामोन्मुख चर्चा संभव होगी।”
लोक सभा अध्यक्ष ने आधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तथा सोशल मीडिया के युग का उल्लेख करते हुए कहा कि आज जनप्रतिनिधियों के प्रत्येक आचरण पर जनता की पैनी दृष्टि रहती है। ऐसे समय में संसदीय शिष्टाचार, अनुशासन और गरिमापूर्ण व्यवहार का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि सूचना के अतिप्रवाह के इस दौर में सदन की प्रामाणिकता, विश्वसनीयता और गरिमा बनाए रखना सभी पीठासीन अधिकारियों का सामूहिक दायित्व है।


श्री बिरला ने कहा कि अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन जैसे मंच लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच सहयोग को सुदृढ़ करते हैं, आपसी समन्वय को नई दिशा देते हैं और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सम्मेलनों से देशभर में नीतियों, विधायी प्रक्रियाओं और कल्याणकारी योजनाओं में सामंजस्य स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।


लोक सभा अध्यक्ष ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि पीठासीन अधिकारियों का यह कर्तव्य है कि सदन में सभी सदस्यों—विशेषकर नए एवं युवा विधायकों—को पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाएँ, ताकि विधानमंडल वास्तव में जनता की समस्याओं, आकांक्षाओं और सुझावों को अभिव्यक्त करने का सबसे सशक्त मंच बन सके।


तीन दिवसीय इस सम्मेलन के आगामी सत्रों में विधायी प्रक्रियाओं में आधुनिक तकनीक के उपयोग, विधायकों के क्षमता-निर्माण, संसदीय कार्यों की दक्षता तथा जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत और गहन चर्चा की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि यह चौथी बार है जब उत्तर प्रदेश इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इससे पूर्व राज्य में दिसंबर 1961, अक्टूबर 1985 तथा जनवरी–फरवरी 2015 में इस सम्मेलन का सफल आयोजन किया जा चुका है, जो प्रदेश की संसदीय परंपराओं की सुदृढ़ता का प्रमाण है।


86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन 21 जनवरी, 2026 को संपन्न होगा। समापन सत्र को लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला संबोधित करेंगे। सम्मेलन के उपरांत वे मीडिया को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे, जिसमें सम्मेलन के निष्कर्षों और भावी दिशा पर प्रकाश डाला जाएगा।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!