रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की पहल से उत्तर व पश्चिम विधानसभा को मिली ऐतिहासिक सौगात, 34 परियोजनाओं का शिलान्यास; 266 नए विकास प्रस्ताव भी पहुंचे सांसद प्रतिनिधि के पास

दैनिक इंडिया न्यूज़,लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक बार फिर व्यापक विकास की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाती दिखाई दे रही है। केंद्रीय रक्षामंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह की पहल पर लखनऊ उत्तर विधानसभा और पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल ₹68.22 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। यह केवल निर्माण कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि राजधानी के बुनियादी ढांचे को आधुनिक, सुगम और जनोन्मुखी बनाने की व्यापक योजना का आरंभ माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान जिस प्रकार विकास की नई रूपरेखा सामने आई, उसने स्थानीय नागरिकों में भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगा दी।

त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत उत्तर विधानसभा क्षेत्र के सीतापुर रोड स्थित सेंट जोसेफ कॉलेज सभागार तथा पश्चिम विधानसभा के राज गार्डन, राजाजीपुरम में आयोजित समारोहों में विकास कार्यों का विधिवत शिलान्यास हुआ। उत्तर विधानसभा के लिए ₹24.37 करोड़ की लागत से 34 विकास परियोजनाओं को स्वीकृति मिली, जबकि पश्चिम विधानसभा के लिए ₹43.85 करोड़ की परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। दोनों क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं और स्थानीय आधारभूत संरचना के व्यापक सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया गया है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह ने कहा कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का लक्ष्य लखनऊ को विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं से युक्त, आधुनिक और सर्वसुविधासंपन्न महानगर के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीति "विकास भी, विरासत भी" के अनुरूप प्रत्येक वार्ड और प्रत्येक मोहल्ले तक विकास की किरण पहुंचाई जा रही है। उनके अनुसार स्वीकृत परियोजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेंगी।
इस विकास अभियान की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि 30 प्रमुख परियोजनाएं सीधे केंद्रीय रक्षामंत्री एवं सांसद राजनाथ सिंह की सांसद निधि से संचालित होंगी। इसके अतिरिक्त विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा तथा राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी की निधि से भी अनेक विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि राजधानी के समग्र विकास के लिए विभिन्न जनप्रतिनिधियों के स्तर पर समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।
एमएलसी मुकेश शर्मा ने कहा कि राजनाथ सिंह के नेतृत्व में लखनऊ ने पिछले वर्षों में अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। ओवरब्रिज, रिंग रोड, एयरपोर्ट विस्तार, रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण और सौंदर्यीकरण जैसे बड़े प्रकल्पों के साथ-साथ आम नागरिकों की दैनिक आवश्यकताओं—सड़क, गली, नाली और स्थानीय आधारभूत सुविधाओं—पर भी समान रूप से ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उसकी अनुभूति अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
विधायक डॉ. नीरज बोरा ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वीकृत परियोजनाएं क्षेत्र की सड़कों, जल निकासी व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटिंग तथा सार्वजनिक सुविधाओं का व्यापक कायाकल्प करेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि समयबद्ध ढंग से विकास कार्यों को धरातल पर उतारना है, ताकि प्रत्येक नागरिक को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण और भविष्य की दृष्टि से उल्लेखनीय क्षण तब आया, जब अंजनी श्रीवास्तव ने 266 नए विकास कार्यों की विस्तृत सूची मंच पर उपस्थित अतिथियों तथा सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी को सौंपी। इस पहल ने यह संकेत दे दिया कि राजधानी का विकास अभियान अभी थमने वाला नहीं है, बल्कि आने वाले समय में लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों में विकास की एक और बड़ी श्रृंखला देखने को मिल सकती है।
समारोह में महापौर सुषमा खर्कवाल, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी, प्रवीण गर्ग, मंडल अध्यक्षों, पार्षदों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि राजधानी के विकास को लेकर जनभागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिलान्यास के बाद ये महत्वाकांक्षी परियोजनाएं कितनी शीघ्र धरातल पर उतरती हैं और लखनऊ को विकास की नई पहचान दिलाती हैं।