‘जयतु जयतु संस्कृत भाषा’ और ‘अस्माकं भाषा संस्कृत’ के उद्घोष से संस्कृतमय हुआ राजीव चौक, संस्कृत सप्ताह महोत्सव-2026 का भव्य शुभारम्भ
दैनिक इंडिया न्यूज़, लखनऊ/नई दिल्ली। देववाणी संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और जन-जन तक विस्तार के संकल्प के साथ रविवार को राजधानी दिल्ली में संस्कृत सप्ताह महोत्सव-2026 का शुभारम्भ भव्य संस्कृत शोभायात्रा के साथ हुआ। कनॉट प्लेस और राजीव चौक की सड़कों पर जब सैकड़ों संस्कृतप्रेमियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, विद्वानों और युवाओं ने एक स्वर में ‘जयतु जयतु संस्कृत भाषा’ और ‘अस्माकं भाषा संस्कृत’ का उद्घोष किया तो राजधानी का वातावरण संस्कृत की ध्वनि और भारतीय सांस्कृतिक चेतना से आप्लावित दिखाई दिया। पारंपरिक वेशभूषा में निकली इस शोभायात्रा ने संस्कृत को केवल प्राचीन भाषा के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान-परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में सामने रखा।
कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग, दिल्ली सरकार, दिल्ली संस्कृत अकादमी तथा संस्कृत भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शोभायात्रा संस्कृत भारती के केंद्रीय कार्यालय ‘प्रणवः’ से अपराह्न तीन बजे प्रारम्भ हुई। कनॉट प्लेस की ओर बढ़ते कारवां में संस्कृत के जयघोष, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ गया।
शोभायात्रा के दौरान संस्कृत गीतों की सामूहिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को विशिष्ट सांस्कृतिक रंग प्रदान किया। प्रतिभागियों ने ‘अवनितलं मनसा सततं स्मरणीयम्’ तथा ‘कालिदासो जने जने, कण्ठे कण्ठे संस्कृतम्’ जैसे गीतों का सामूहिक गायन किया। गीतों और उद्घोषों के बीच विद्यार्थियों तथा संस्कृतप्रेमियों की सहभागिता ने यह संकेत दिया कि संस्कृत के प्रति नई पीढ़ी में भी रुचि और आत्मीयता का आधार मौजूद है।
राजीव चौक पर विशेष सभा ने दिया संस्कृत संरक्षण का संदेश

शोभायात्रा कनॉट प्लेस स्थित राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-6 पर पहुंची, जहां सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में विशेष सभा आयोजित की गई। वक्ताओं ने संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और समकालीन समाज में उसकी उपयोगिता पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने संस्कृत को भारत की ज्ञान-विज्ञान, दर्शन, साहित्य और सांस्कृतिक परंपरा की महत्वपूर्ण वाहक भाषा बताते हुए नई पीढ़ी को इससे जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
सभा के दौरान संस्कृत गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने प्रस्तुतियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। वक्ताओं का कहना था कि संस्कृत सप्ताह जैसे आयोजनों के माध्यम से भाषा के प्रति समाज में गौरव, आत्मीयता और जागरूकता का वातावरण निर्मित किया जा सकता है। इसके बाद शोभायात्रा पुनः संस्कृत भारती के केंद्रीय कार्यालय ‘प्रणवः’ पहुंची, जहां उसका समापन हुआ।
कार्यक्रम में दिल्ली प्रान्त अध्यक्ष डॉ. वागीश, अखिल भारतीय कार्यालय प्रमुख अभिजीत, क्षेत्र अभिलेखागार प्रमुख विजय, संस्कृत सप्ताह महोत्सव प्रमुख दिव्यरंजन, दिल्ली संस्कृत अकादमी के परियोजना अधिकारी राजेश कुमार, दिल्ली प्रान्त मंत्री प्रो. रणजीत बेहरा, सह प्रान्त मंत्री आशुतोष, दिल्ली प्रान्त संगठन मंत्री लविश, शोभायात्रा संयोजक अमित कुमार मिश्रा, प्रचार विभाग सह-प्रमुख डॉ. नरेन्द्र दोतोलिया, रामगोपाल फगोदिया, मनीष, देवेन्द्र, विनोद कुमार सहित अनेक पदाधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और संस्कृतप्रेमी उपस्थित रहे।