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अवचेतन मन का गूढ़ रहस्य: श्याम उपाध्याय

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Dainik India News

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अवचेतन मन का गूढ़ रहस्य: श्याम उपाध्याय

दैनिक इंडिया न्यूज,नई दिल्ली: मोटिवेशनल स्पीकर व बिजनेस कोच श्याम उपाध्याय बताते हैं आधुनिक न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में हो रहे सोध के दौरान, वैज्ञानिकों ने अवचेतन मन और चेतन मन के बीच विशेष अंतर की खोज की।शोध का ये भी दावा है कि सोचने के तरीकों को प्रेरित कर मानव मस्तिष्क की गहराइयों में एक नए दृष्टिकोण को अवतरित किया जा सकता है। अवचेतन मन, जिसे अक्सर "उपमनस" कहा जाता है, मानव चेतना के तहत एक गहरा और छिपा हिस्सा है जिसमें हमारी संवेदनाएं, भावनाएं, और अनजाने गुमनाम ताकतें छिपी होती हैं। इसके अलावा, चेतन मन हमारी जागरूक चेतना का हिस्सा है, जिसमें हम अपने उद्दीपक, निर्णय, और स्वयं को जानने में सक्षम होते हैं।

अब तक कि हुई खोजें हमें यह बताती है कि हमारा उपमनस और जागरूक चेतना कैसे एक दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं और इससे हमारी मानसिक स्थिति में सुधार में नया आयाम हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में जितनी भी उपलब्धियां मिलती हैं या जितने निराश पूर्ण कार्य हमारे द्वारा संचालित होते हैं कहीं ना कहीं हमारे चेतन मन की उपज से अवचेतन मन की प्रोग्रामिंग में बदलाव आता है ।जिसकी वजह से इस तरह-तरह की घटनाएं होती हैं उन्होंने कुछ रिसर्च को लेकर दावा किया है की बड़ी से बड़ी बीमारियों को दूर करने के लिए हम अपने अवचेतन मन को इस तरह से ट्रेड करें की एक इलेक्ट्रिक डिवाइस की तरह से कम करे। अवचेतन मन की प्रोग्रामिंग में सकारात्मक बदलाव ला कर बड़ी से बड़ी बीमारी से निजात दिलाया जा सकता है। व्यापार में सफलता प्राप्त करने के लिए चेतन मन जितना सकारात्मक मैसेज अवचेतन मन को भेजता है अवचेतन मन उसी तरह से अपने कार्य में लग जाता है। एक नई सफलता दिला सकता है। उन्होंने समझने के लिए एक कहानी का जिक्र किया है। जिसमें एक अपराधी होता है।उसको फांसी की सजा सुनाई गई और वहां के कुछ वैज्ञानिकों ने सरकार से मांग किया की इसकी तो मृत्यु होना तय है।शोधकर्ताओं ने सरकार से शोध हेतु आग्रह किया, सरकार ने आग्रह मंजूर कर दिया। शोधकर्ताओं ने अपराधी व्यक्ति से कहा अगर तुमको फांसी दी जाएगी तो 3 मिनट में तुम्हारी मृत्यु होगी और कोबरे से डसवाया जाएगा तो 3 सेकंड में मृत्यु हो जाएगी तुम किसी से मरना पसंद करोगे अपराधी ने कहा कोबरे से डसवा दीजिए जिससे हमको दर्द कम होगी। वैज्ञानिकों ने उसे कोबरा दिखाए और अपराधी का चेहरा कर करके वहां से कोबरे को हटा दिया और कोबरे के दांत की तरह नुकीले पीन चुभोया गया, पिन चुभने के बाद अपराधी की मृत्यु हो जाती है मृत्योप्रांत जब उसका पीएम रिपोर्ट आती है तो सब चौंक गए , उसके शरीर में कोबरे का ही जहर है पाया गया। यह कैसे हुआ ? यकीनन कहीं ना कही चेतन मन जिम्मेदार है।

अपने अवचेतन मन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करके अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद ले सकते हैं।

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