ब्रेकिंग न्यूज़
भोजशाला विवाद निर्णायक मोड़ पर, सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत न मिलने पर हिंदू पक्ष उत्साहित | भोजशाला में बड़ी विजय की ओर हिंदू पक्ष, सुप्रीम कोर्ट के रुख से मुस्लिम पक्ष में बढ़ी बेचैनी | मुख्यमंत्री डैशबोर्ड समीक्षा बैठक में सीडीओ सख्त, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनपद की रैंकिंग सुधारने के दिए निर्देश | होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया का जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने किया औचक निरीक्षण, निष्पक्षता और पारदर्शिता पर दिया विशेष जोर | महाशिवरात्रि : अद्वैत-तत्त्व की परम महानिशा — अभयानंद सरस्वती | भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का सूत्रपात, बाल संस्कारशाला अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान | गुरुसत्ता के प्रति अहर्निश निष्ठा : ब्रह्मविद्या, ऋतंभरा प्रज्ञा और विवेक का सनातन रहस्य - अभयानंद सरस्वती | 'केवल वृक्ष मत लगाइए, वृक्षपालक बनिए' : जितेंद्र प्रताप सिंह | भोजशाला विवाद निर्णायक मोड़ पर, सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत न मिलने पर हिंदू पक्ष उत्साहित | भोजशाला में बड़ी विजय की ओर हिंदू पक्ष, सुप्रीम कोर्ट के रुख से मुस्लिम पक्ष में बढ़ी बेचैनी | मुख्यमंत्री डैशबोर्ड समीक्षा बैठक में सीडीओ सख्त, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनपद की रैंकिंग सुधारने के दिए निर्देश | होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया का जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने किया औचक निरीक्षण, निष्पक्षता और पारदर्शिता पर दिया विशेष जोर | महाशिवरात्रि : अद्वैत-तत्त्व की परम महानिशा — अभयानंद सरस्वती | भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का सूत्रपात, बाल संस्कारशाला अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान | गुरुसत्ता के प्रति अहर्निश निष्ठा : ब्रह्मविद्या, ऋतंभरा प्रज्ञा और विवेक का सनातन रहस्य - अभयानंद सरस्वती | 'केवल वृक्ष मत लगाइए, वृक्षपालक बनिए' : जितेंद्र प्रताप सिंह |
हाइलाइट न्यूज़
दीपावली महापर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं:उदय राज गुरुओं को शीश नवा अयोध्या पहुंचे सीएम योगी, रामलला और हनुमानगढ़ी के किये दर्शन  Up Nikay Chunav 2023 : चुनाव तैयारियों पर जेपी सिंह के आवास पर बीजेपी की बड़ी बैठक समर्थ भारत के माध्यम से कौशल, संस्कार और स्वावलंबन का होगा राष्ट्रीय नवजागरण : मासिक समीक्षा बैठक में बनी व्यापक कार्ययोजना समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभुतियों को  प्रगति विचारधारा फाउंडेशन ने किया  सम्मान ब्यूरो चीफ उदय राज को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं-हरिंद्र सिंह मुख्यमंत्री ने संस्कार भारती के संस्थापकबाबा योगेन्द्र जी के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी सी एम योगी से अपनी दरख्वास्त करने आयी महिला के साथ हुआ दुष्कर्म दीपावली महापर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं:उदय राज गुरुओं को शीश नवा अयोध्या पहुंचे सीएम योगी, रामलला और हनुमानगढ़ी के किये दर्शन  Up Nikay Chunav 2023 : चुनाव तैयारियों पर जेपी सिंह के आवास पर बीजेपी की बड़ी बैठक समर्थ भारत के माध्यम से कौशल, संस्कार और स्वावलंबन का होगा राष्ट्रीय नवजागरण : मासिक समीक्षा बैठक में बनी व्यापक कार्ययोजना समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभुतियों को  प्रगति विचारधारा फाउंडेशन ने किया  सम्मान ब्यूरो चीफ उदय राज को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं-हरिंद्र सिंह मुख्यमंत्री ने संस्कार भारती के संस्थापकबाबा योगेन्द्र जी के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी सी एम योगी से अपनी दरख्वास्त करने आयी महिला के साथ हुआ दुष्कर्म
Uncategorized English

कब्जे-अतिक्रमण में बुरे फंसे भगवान कर रहे मुक्ति का इंतजार

D

Dainik India News

31 views
कब्जे-अतिक्रमण में बुरे फंसे भगवान कर रहे मुक्ति का इंतजार

पंकज झा ,दैनिक इंडिया न्यूज़ ,वाराणसी। मठ-मंदिरों को कब्जे और अतिक्रमण से मुक्त करवाने का सरकारी ऐलान एक तरफ है और मठ-मंदिरों पर कब्जा कर उसे व्यावसायिक हित के लिए इस्तेमाल करने का अभियान दूसरी तरफ। पुराने ऐतिहासिक मंदिर पर अवैध कब्जा और अतिक्रमण की कहानी कह रहा है गौतमेश्वर महादेव का मंदिर। गोदौलिया चौराहे से चंद कदम दूर चौक जाने वाली सड़क पर बिघो में फैले काली मंदिर परिसर स्थित गौतमेश्वर महादेव के मंदिर पर जबरन कब्जा कर इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। आधा दर्जन से ज्यादा दुकानें मंदिर परिसर में खोल दी गई है साथ ही साथ मंदिर की जमीन पर अवैध तरीके से रेस्टोरेंट व गाय का तबेला भी चलाया जा रहा है। मंदिर परिसर में ही अवैध तरीके से गाड़ियों की पार्किंग भी की जा रही है। हालात ये है कि दर्शन के लिए आने वाले दर्शनार्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार पर टंगे दुकानों के साइन बोर्ड के भीड़ में भी मंदिर का नाम ही गुम होकर रह गया है। मुनाफा कमाने के चक्कर में भगवान यहां कैद होकर रह गए हैं। सालों से ये सिलसिला जारी है।


कलात्मक सौन्दर्य का प्रतीक


गौतमेश्वर महादेव का मंदिर कलात्मक सौन्दर्य का प्रतीक है। मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर मंदिर तक में पत्थरों पर की गई बेहतरीन जालीदार नक्काशी बरबस अपना ध्यान आकर्षित करती है। धार्मिक पर्यटन के नजरिए से भी मंदिर की अहम भूमिका हो सकती है लेकिन अवैध कब्जे और अतिक्रमण के चलते मंदिर का अस्तित्व ही दांव पर लगा हुआ है।


विशाल परिसर पर है भू-माफियाओं की नजर


काली मंदिर परिसर स्थित गौतमेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना काशी नरेश द्वारा की थी। बीच शहर में तकरीबन दो बीघे में फैले इस मंदिर की जमीन पर भू-माफियाओं की नजर है। इसका प्रयोग वो मुनाफा कमाने के लिए कर सकते है। पूरे मंदिर परिसर में अवैध कब्जा और अतिक्रमण अपने आप में इस बात की तस्दीक करते हैं।


प्रशासनिक पहल की जरूरत


गौतमेश्वर मंदिर को अवैध कब्जे और अतिक्रमण से मुक्त करवाने और धार्मिक पर्यटन के नजरिए से इसका विकास करने के लिए फौरी प्रशासनिक पहल की जरूरत है। मंदिर को संरक्षित करने की जरूरत है।

फोटो गैलरी

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!