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कारगिल विजय दिवस पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने वीर जवानों को किया नमन

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Dainik India News

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कारगिल विजय दिवस पर राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने वीर जवानों को किया नमन
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दैनिक इंडिया न्यूज़ 26 जुलाई 2024 लखनऊ ।राष्ट्रीय सनातन महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रदेशवासियों को कारगिल विजय दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत दुनिया का ऐसा देश है, जिसने कभी भी किसी पर जबरन एकाधिकार करने का कभी प्रयास नहीं किया। बल, बुद्धि, विद्या में सिरमौर रहे भारत ने जबरन एकाधिकार का एक भी उदाहरण प्रस्तुत नहीं किया है। लेकिन जब भी किसी आक्रांता ने हमारी शान्ति, सद्भावना का दुरुपयोग करने का दुस्साहस किया तो भारत माता के बहादुर जवानों ने सदैव मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करते हुए किसी प्रकार की कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। आजादी के बाद हर युद्ध में हमारे बहादुर जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया है।

जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्मृतिका युद्ध स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी तथा आगन्तुक पुस्तिका में अपने हस्ताक्षर अंकित किए। उन्होंने कारगिल युद्ध के शहीदों की वीर नारियों तथा युद्ध नायकों को स्मरण कर नमन किया।

जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि यह वर्ष कारगिल विजय दिवस का रजत जयन्ती वर्ष है। हम दुनिया को बता सकते हैं कि युद्ध हम पर थोपा गया था। दुनिया की कोई ताकत या दुश्मन हम पर युद्ध थोप सकता है, लेकिन परिणाम हमारे बहादुर जवान ही तय करेंगे। कारगिल युद्ध में भी यही देखने को मिला था। पाकिस्तान ने घुसपैठ करके छद्म रूप से कारगिल युद्ध को भारत पर थोपने का कार्य किया था।

कारगिल युद्ध मई, 1999 में आरम्भ हुआ और 26 जुलाई, 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने इस युद्ध को विजय दिवस के रूप में घोषित करते हुए भारत के बहादुर जवानों को नमन किया था। इस युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने शौर्य एवं पराक्रम का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए सम एवं विषम परिस्थितियों में एक समय सीमा के अन्दर युद्ध के परिणाम को भारत के पक्ष में करते हुए दुनिया के सामने अपने शौर्य और अद्भुत साहस का परचम लहराने का कार्य किया था। दुनिया की बड़ी-बड़ी ताकतें इस युद्ध में हस्तक्षेप करना चाहती थीं, लेकिन किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप के बिना भारत ने इस युद्ध को अपने पक्ष में मोड़ा था।

कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर जितेंद्र प्रताप सिंह ने रणवाकुरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर शहीदों के परिवारों के प्रति अंतर्मन पटल से संवेदना व्यक्त कर नमन किया।

इसी कड़ी में वारियर्स डिफेंस एकेडमी के छात्रों ने कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर वीर सपूतों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। छात्रों से बात करने के लिए कारगिल युद्ध में दुश्मनों को लोहा मनवाने वाले कर्नल क्षितिज श्रीवास्तव ने कारगिल युद्ध के दौरान की विषम परिस्थितियों के बावजूद युद्ध में भाग लेने के अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे भारतीय सेना ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन किया। कर्नल क्षितिज श्रीवास्तव ने छात्रों को कारगिल युद्ध की विषमताओं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे उन्हें वास्तविकता का अहसास हुआ और देशभक्ति की भावना जागृत हुई। वारियर्स डिफेन्स एकेडमी के छात्रों को जितेंद्र प्रताप सिंह ने उत्साह और धैर्य के बारे में चर्चा करते हुए लक्ष्य प्राप्त के लिए संकल्पित किआ।

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