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बार-बार रिपोर्ट नॉर्मल, दर्द बरकरार – असली वजह क्या है?

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Dainik India News

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बार-बार रिपोर्ट नॉर्मल, दर्द बरकरार – असली वजह क्या है?

पेट दर्द, माइग्रेन और पैरों का दर्द – कहीं वजह पित्त तो नहीं?

क्या आपके हेल्थ एडवाइजर ने कभी पित्त दोष जांचने को कहा?

दैनिक इंडिया न्यूज़, नई दिल्ली।आपने कई बार महसूस किया होगा कि पेट में दर्द बना रहता है। कभी हल्का, कभी तीव्र। आपने कई बार सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड जैसी जांचें करवाईं, लेकिन हर बार रिपोर्ट नॉर्मल आती है। फिर भी दर्द कम नहीं होता।

साथ ही आपके पैरों में भी लगातार दर्द बना रहता है। आपको लगता है कोई आपके पैर दबा दे तो राहत मिलेगी। माइग्रेन की समस्या भी इन सबके बीच परेशान करती रहती है। कई बार कैल्शियम या अन्य जरूरी जांचें भी करवाई जाती हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट भी सामान्य ही आती है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है – आखिर दर्द क्यों हो रहा है?

अक्सर लोग सोचने लगते हैं कि कहीं पेट में कोई गंभीर बीमारी तो नहीं। कहीं कैंसर जैसी भयावह समस्या तो नहीं। लेकिन जरूरी नहीं कि हर बार दर्द का कारण कोई बड़ा रोग ही हो।

हो सकता है आपके शरीर का pH बैलेंस बिगड़ गया हो। हो सकता है पित्त दोष बढ़ गया हो। आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर में पित्त का स्तर बढ़ता है, तो यह पेट में जलन, दर्द, अपच, माइग्रेन और पैरों के दर्द का भी कारण बन सकता है। इसी तरह वात दोष बढ़ने से भी जोड़ों और पैरों में दर्द होता है। pH असंतुलन के पीछे भी कई कारण होते हैं –

गलत खानपान

अधिक तनाव

पानी की कमी

नींद का अभाव

पाचन तंत्र की कमजोरी

एलोपैथिक जांचों में जब सब नॉर्मल आता है, तब व्यक्ति को लगता है समस्या मन में ही है। लेकिन असल में यह शरीर के अंदरूनी असंतुलन का संकेत हो सकता है।

इसलिए जरूरी है कि आप जल्द ही अपने योग्य हेल्थ एडवाइजर से मिलें, जो केवल मशीनों पर नहीं बल्कि आपकी नाड़ी, लक्षण और शारीरिक प्रकृति के आधार पर भी जांच कर सके। सही निदान के बिना बार-बार जांच करवाना, पैसे खर्च करना और मानसिक तनाव झेलना – यह सब आपकी सेहत को और कमजोर कर सकता है।

“युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु।
युक्तस्वप्नावबोधस्य योगो भवति दुःखहा॥”

(गीता 6.17)

संतुलित भोजन, उचित व्यवहार, संयमित कार्य, उचित निद्रा और जागरण – ये सभी दुःखों का निवारण करने वाले होते हैं।

याद रखिए, सही इलाज की शुरुआत सही निदान से ही होती है। यदि पेट दर्द, माइग्रेन और पैरों के दर्द की वजह समझ में नहीं आ रही, तो पित्त दोष, वात दोष और pH असंतुलन की जांच भी अवश्य कराएं।

क्योंकि आपका स्वस्थ रहना न केवल आपके लिए, बल्कि आपके परिवार के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

अधिक जानकारी के लिए 9721000060 पर काल कर सकते हैं

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