ब्रेकिंग न्यूज़
संघर्ष से स्वाभिमान तक: शाहजहाँपुर की 100 बेटियों ने बदली अपने भविष्य की दिशा | श्रावण के प्रथम सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का महासागर, 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान हुआ मधुबन क्षेत्र | "उच्च शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन का समय आ गया है" – अधिवक्ता रीना एन. सिंह ने यूजीसी और शिक्षा नीतियों पर उठाए तीखे सवाल | जो हर लड़ाई में वकीलों के साथ खड़ा रहा, क्या आज अधिवक्ता समाज उसके साथ खड़ा होगा? | 'नशे के विरुद्ध राष्ट्रीय शंखनाद' : प्रधानमंत्री मोदी के 100 सप्ताह के संकल्प को लखनऊ से मिली नई ऊर्जा, हजारों युवाओं ने ली राष्ट्रनिर्माण की शपथ | तीन दिन में करोड़ों का टेंडर! मध्यांचल विद्युत निगम की निविदा प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल | 'नशे के विरुद्ध राष्ट्रीय शंखनाद' : प्रधानमंत्री मोदी के 100 सप्ताह के संकल्प को लखनऊ से मिली नई ऊर्जा, हजारों युवाओं ने ली राष्ट्रनिर्माण की शपथ | उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह की शिष्टाचार भेंट | संघर्ष से स्वाभिमान तक: शाहजहाँपुर की 100 बेटियों ने बदली अपने भविष्य की दिशा | श्रावण के प्रथम सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का महासागर, 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान हुआ मधुबन क्षेत्र | "उच्च शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन का समय आ गया है" – अधिवक्ता रीना एन. सिंह ने यूजीसी और शिक्षा नीतियों पर उठाए तीखे सवाल | जो हर लड़ाई में वकीलों के साथ खड़ा रहा, क्या आज अधिवक्ता समाज उसके साथ खड़ा होगा? | 'नशे के विरुद्ध राष्ट्रीय शंखनाद' : प्रधानमंत्री मोदी के 100 सप्ताह के संकल्प को लखनऊ से मिली नई ऊर्जा, हजारों युवाओं ने ली राष्ट्रनिर्माण की शपथ | तीन दिन में करोड़ों का टेंडर! मध्यांचल विद्युत निगम की निविदा प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल | 'नशे के विरुद्ध राष्ट्रीय शंखनाद' : प्रधानमंत्री मोदी के 100 सप्ताह के संकल्प को लखनऊ से मिली नई ऊर्जा, हजारों युवाओं ने ली राष्ट्रनिर्माण की शपथ | उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से राष्ट्रीय सनातन महासंघ के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह की शिष्टाचार भेंट |
हाइलाइट न्यूज़
तीन अवैध तमंचा व जिंदा कारतूस के साथ तीन शातिर अभियुक्त गिरफ्तार ट्रम्प की हार, संविधान की जीत: नील कात्याल ने अदालत में पलटा खेल जागरूकता अभियान में बताये गये यातायात के नियम प्रदेश के अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को आयोडाइज्ड नमक, दाल/साबुत चना, खाद्य तेल एवं खाद्यान्न के निःशुल्क वितरण चेन स्नैचिंग का पुलिस ने किया खुलासा, मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, दो आरोपी गिरफ्तार हरदोई एसपी कार्यालय पर शिकायतकर्ताओं की उमड़ी भीड़ सेवा पखवाड़ा अंतर्गत हजरतगंज में विशिष्ट व्यक्ति सम्मान समारोह आयोजित 527 दीपों की दिव्य सलामी से गूँजा लखनऊ, कारगिल के अमर रणबांकुरों के चरणों तीन अवैध तमंचा व जिंदा कारतूस के साथ तीन शातिर अभियुक्त गिरफ्तार ट्रम्प की हार, संविधान की जीत: नील कात्याल ने अदालत में पलटा खेल जागरूकता अभियान में बताये गये यातायात के नियम प्रदेश के अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को आयोडाइज्ड नमक, दाल/साबुत चना, खाद्य तेल एवं खाद्यान्न के निःशुल्क वितरण चेन स्नैचिंग का पुलिस ने किया खुलासा, मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, दो आरोपी गिरफ्तार हरदोई एसपी कार्यालय पर शिकायतकर्ताओं की उमड़ी भीड़ सेवा पखवाड़ा अंतर्गत हजरतगंज में विशिष्ट व्यक्ति सम्मान समारोह आयोजित 527 दीपों की दिव्य सलामी से गूँजा लखनऊ, कारगिल के अमर रणबांकुरों के चरणों
Uncategorized English

यूपी सरकार ने राशन कार्ड सरेंडर व रिकवरी को लेकर स्थिति की साफ

B

Bhargav Bhargav

35 views

ब्यूरो डेस्क दैनिक इंडिया न्यूज

अपात्रों से राशन कार्ड रिकवरी कराने की खबर के बाद यूपी सरकार को स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा है। प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि उसने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है।

खाद्य एवं रसद आयुक्त सौसभ बाबू ने कहा है कि उनकी तरफ से अपात्रों से राशन कार्ड सरेंडर कराने या उनसे रिकवरी कराने के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। राशन कार्ड का सत्यापन एक नियमित प्रक्रिया है।

गृहस्थी राशनकार्डों की पात्रता या अपात्रता के संबंध में सात अक्तूबर, 2014 को शासनादेश जारी कर मानक निर्धारित किए गए थे जिनमें अभी कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनांतर्गत आवंटित पक्का मकान, विद्युत कनेक्शन, एक मात्र शस्त्र लाइसेंस धारक, मोटरसाइकिल स्वामी, मुर्गी पालन या गौ पालन होने के आधार पर किसी भी कार्डधारक को अपात्र घोषित नहीं किया जा सकता है।

नियम के अनुसार, जिस व्यक्ति के नाम पर कम से कम 100 वर्गमीटर से अधिक का प्लॉट, मकान या फ्लैट है तो वह भी राशन कार्ड रखने के योग्य नहीं है।

एक नियम ये भी है कि जिस व्यक्ति के पास फोर-व्हीलर है, ट्रैक्टर या हार्वेस्टर है तो ऐसा व्यक्ति भी राशन कार्ड रखने का पात्र नहीं है। इसके अलावा जिस व्यक्ति के घर में एयर कंडीशनर है तो वह व्यक्ति राशन कार्ड रखने का पात्र नहीं है।

नियम के अनुसार, परिवार की आय भी राशन कार्ड रखने को लेकर पात्रता तय करती है। ग्रामीण क्षेत्र में जिस व्यक्ति के परिवार की आय दो लाख रुपये वार्षिक और शहरों में तीन लाख रुपये वार्षिक है तो वह व्यक्ति भी राशन कार्ड रखने का पात्र नहीं है।

जिस व्यक्ति के पास 5केवीए क्षमता का जनरेटर है या उसके घर में एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस है तो वह व्यक्ति भी राशन कार्ड रखने का अधिकारी नहीं है। जिस व्यक्ति के पास पांच एकड़ से ज्यादा सिंचाई योग्य भूमि है तो वह व्यक्ति भी राशन कार्ड रखने का पात्र नहीं है।

नहीं की जा सकती है वसूली

खाद्य आयुक्त के मुताबिक, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 तथा प्रचलित शासनादेशों में अपात्र कार्डधारकों से वसूली जैसी कोई व्यवस्था निर्धारित नहीं है। इस संबंध में कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि विभाग सदैव पात्र कार्ड धारकों को नियमानुसार उनकी पात्रता के अनुरूप नवीन राशनकार्ड जारी करता है। एक अप्रैल, 2020 से अब तक प्रदेश में कुल 29.53 लाख नए राशनकार्ड विभाग द्वारा पात्र लाभार्थियों को जारी किए गए हैं।

कैसे पैदा हो गई भ्रम की स्थिति

अहम सवाल यह है कि प्रदेश में राशन कार्ड सरेंडर को लेकर आखिर यह भ्रम की स्थिति कैसे पैदा हो गई। विभिन्न जिलों में जिलाधिकारियों ने अपात्रों को राशन कार्ड सरेंडर करने और न करने की स्थिति में रिकवरी कराने के आदेश जारी कर दिए। जिलों में जगह-जगह मुनादी तक कराई गई। मीडिया और सोशल मीडिया में यह मुद्दा जोरों से उठा। इसका परिणाम यह रहा कि भ्रामक सूचनाओं के आधार पर लोग अपना राशन कार्ड निरस्त कराने के लिए आपूर्ति कार्यालयों के चक्कर काटने लगे। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने लगे। इसके बाद सरकार को इस बाबत स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा।

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करें!